प्रधानमंत्री पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना के तहत बिहार के घरेलू बिजली उपभोक्ताओं को बड़ी राहत मिलने जा रही है। राज्य बिजली विनियामक आयोग ने बिजली कंपनियों के उस प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है, जिसके बाद अब घर की छत पर ग्रिड कनेक्टेड रूफटॉप सोलर सिस्टम लगाने वाले उपभोक्ताओं से आवेदन शुल्क और मीटर टेस्टिंग शुल्क नहीं लिया जाएगा। इस फैसले का उद्देश्य अधिक से अधिक लोगों को सोलर ऊर्जा अपनाने के लिए प्रोत्साहित करना है।
बिजली कंपनियों के प्रस्ताव को मिली मंजूरी
रिपोर्ट के अनुसार, बिहार विद्युत विनियामक आयोग ने बिजली कंपनियों के प्रस्ताव को स्वीकृति दे दी है। इसके तहत घरेलू उपभोक्ताओं के लिए आवेदन प्रक्रिया को और आसान बनाया गया है। आयोग का मानना है कि शुल्क समाप्त होने से लोगों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ नहीं पड़ेगा और योजना का दायरा तेजी से बढ़ेगा।
सरकार करेगी बिजली कंपनियों के नुकसान की भरपाई
आवेदन और मीटर टेस्टिंग शुल्क समाप्त होने से बिजली वितरण कंपनियों को होने वाले राजस्व नुकसान की भरपाई केंद्र सरकार करेगी। इसके लिए ऊर्जा मंत्रालय ने आवश्यक बजटीय प्रावधान भी किए हैं, जिससे कंपनियों पर वित्तीय दबाव नहीं पड़ेगा।
3 किलोवाट तक के सोलर सिस्टम पर ₹78,000 तक की सब्सिडी
पीएम सूर्य घर योजना के तहत 3 किलोवाट तक के ग्रिड कनेक्टेड रूफटॉप सोलर सिस्टम पर अधिकतम ₹78,000 तक का अनुदान दिया जा रहा है। इसमें पहले किलोवाट पर ₹30,000, दूसरे किलोवाट पर ₹30,000 और तीसरे किलोवाट पर ₹18,000 की सब्सिडी का प्रावधान है।
पहले देना पड़ता था आवेदन शुल्क
अब तक योजना के तहत सोलर सिस्टम लगाने के लिए उपभोक्ताओं को आवेदन के साथ स्टांप पेपर पर एग्रीमेंट और आवेदन शुल्क जमा करना पड़ता था। साथ ही, सोलर सिस्टम से बनने वाली बिजली को ग्रिड से जोड़ने से पहले मीटर की जांच (मीटर टेस्टिंग) का शुल्क भी देना होता था। नए फैसले के बाद इन दोनों शुल्कों से उपभोक्ताओं को राहत मिलेगी।
बिहार में तेजी से बढ़ रहा योजना का दायरा
बिहार में पीएम सूर्य घर योजना को अच्छा रेस्पॉन्स मिल रहा है। अब तक 80,904 आवेदन प्राप्त हो चुके हैं। इनमें से 23,295 उपभोक्ताओं के घरों पर ग्रिड कनेक्टेड सोलर सिस्टम लगाए जा चुके हैं, जिससे 23,928 परिवारों को लाभ मिल रहा है। राज्य सरकार ने भी इसके लिए विशेष अभियान शुरू किया है।
