नई दिल्ली: भारत के पूर्व कप्तान सरदार सिंह का मानना है कि राष्ट्रीय पुरुष हॉकी टीम ने सही समय पर आत्मविश्वास हासिल कर लिया है लेकिन अगले महीने होने वाले विश्व कप और एशियाई खेलों में सफलता व्यक्तिगत प्रदर्शन की बजाय सामूहिक प्रयासों पर निर्भर करेगी। नीदरलैंड और बेल्जियम में विश्व कप 15 से 30 अगस्त के बीच खेला जायेगा। भारतीय टीम ने पिछले साल निराशाजनक प्रदर्शन किया लेकिन हाल ही में एफआईएच प्रो लीग के यूरोप चरण में अच्छे नतीजे मिले।
जरूरी था खिलाड़ियों की क्षमता का आकलन
प्रो लीग के नीदरलैंड और लंदन चरण में भारत ने अच्छा प्रदर्शन किया जिसमें उसने विश्व चैम्पियन जर्मनी और पेरिस ओलंपिक स्वर्ण पदक विजेता नीदरलैंड के अलावा चिर प्रतिद्वंद्वी पाकिस्तान को हराया। सरदार ने यहां ओरिएंटल कप फुटबॉल टूर्नामेंट से इतर पत्रकारों से कहा,'हमने काफी सुधार किया है । पुरुष टीम ने प्रो लीग के हालिया मैचों में अच्छा प्रदर्शन किया। इससे पहले कोचों के लिये कोर ग्रुप में शामिल सभी खिलाड़ियों को मौका देना अहम था। विश्व कप और एशियाई खेलों से पहले हर खिलाड़ी की क्षमता का आकलन करना जरूरी था ताकि सर्वश्रेष्ठ टीम चुन सके।'
अच्छी शुरुआत के बाद जरूरी होगा निरंतरता बनाए रखना
भारत के लिये 300 से अधिक मैच, तीन ओलंपिक और तीन विश्व कप खेल चुके सरदार ने कहा कि विश्व कप में अच्छी शुरूआत जरूरी है लेकिन प्रदर्शन में निरंतरता भी बनाये रखनी होगी। उन्होंने कहा,'आपको हर मैच में 80-90 प्रतिशत देना होगा। दो खिलाड़ियों के दम पर टूर्नामेंट नहीं जीत सकते। सभी खिलाड़ियों को अच्छा प्रदर्शन करना होगा।'
ऐसा है विश्व कप का शेड्यूल
FIH पुरुष और महिला हॉकी विश्व कप 2026 का आयोजन 15 से 30 अगस्त 2026 के बीच नीदरलैंड्स और बेल्जियम की साझा मेजबानी में होने जा रहा है। मैचों का आयोजन नीदरलैंड्स के एम्स्टेलवीन और बेल्जियम के वावरे शहर में होगा।
(भाषा)
