Ram Setu Road Ghaziaabad: 'राम सेतु', भारत के पंबन द्वीप (रामेश्वरम) और श्रीलंका के मन्नार द्वीप के बीच चूना पत्थर की एक 48 किमी लंबी प्राकृतिक और मानव-प्रभावित शृंखला है। हिंदू महाकाव्य रामायण के अनुसार, इसका निर्माण भगवान राम की वानर सेना द्वारा लंका जाने के लिए किया गया था। वैज्ञानिक शोध इसे लगभग 7,000 साल पुराना भी बताते हैं। लेकिन यहां से हजारों किलोमीटर दूर उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद में अब एक सड़क राम सेतु के नाम से जानी जाएगी। बता दें कि गाजियाबाद नगर निगम ने दिल्ली को शहर से जोड़ने वाली 11 किलोमीटर लंबी एलिवेटेड रोड का नाम राम सेतु (Ram Setu) रखा है। इस मार्ग को अलग सांस्कृतिक पहचान देने के लिए इसके दिल्ली वाले सिरे पर एक भव्य प्रवेश द्वार भी बनाया जा रहा है, जिस पर भगवान राम के धनुष-बाण जैसी आकृति लगाई जाएगी।
सुंदरता बढ़ाने का काम भी जारी
गाजियाबाद नगर निगम ने कहा कि राज नगर एक्सटेंशन से दिल्ली के गाजीपुर बॉर्डर तक फैली 'एलिवेटेड रोड' को अब 'राम सेतु' के नाम से जाना जाएगा और इसी नई पहचान के हिसाब से भव्य प्रवेश द्वार भी तैयार किया जा रहा है। नगर निगम के सूत्रों ने बताया कि प्रवेश द्वार के ऊपर भगवान राम का प्रतीक एक विशाल धनुष-बाण लगाया जाएगा। उन्होंने बताया कि नगर निगम के अधिकारी इस ढांचे के आसपास सजावटी लाइट समेत सुंदरता बढ़ाने का काम भी कर रहे हैं, ताकि यह दिन और रात दोनों समय एक खास स्थल के रूप में दिखे।
गाजियाबाद को सांस्कृतिक और धार्मिक पहचान भी देना
गाजियाबाद में महापौर सुनीता दयाल ने संवाददाताओं को बताया कि इस परियोजना का उद्देश्य न सिर्फ शहर की सुंदरता बढ़ाना है, बल्कि गाजियाबाद को एक अलग सांस्कृतिक और धार्मिक पहचान भी देना है। उन्होंने कहा, "राम सेतु गेट लगभग एक करोड़ रुपये की लागत से बनाया जा रहा है। इसका निर्माण पूरा होने के बाद यह शहर के मुख्य आकर्षणों में से एक बन जाएगा और दिल्ली से गाजियाबाद आने वाले लोगों के लिए एक भव्य स्वागत स्थल का काम करेगा।" मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने लगभग 1,147 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित 11 किलोमीटर लंबी इस उपरिगामी सड़क का उद्घाटन 30 मार्च 2018 को किया था, जिससे गाजियाबाद और दिल्ली के बीच यात्रा का समय काफी कम हो गया। अधिकारियों ने बताया कि नगर निगम की कार्यकारी समिति ने फरवरी 2024 में इस 'एलिवेटेड रोड' का नाम बदलकर 'राम सेतु' रखने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी थी।
