LPG गैस को लेकर देश के कई इलाकों से अलग-अलग तरह की खबरें आ रही हैं। किसी इलाके से गैस सिलेंडर्स की जमाखोरी की तो कहीं से सिलेंडर के किल्लत की बातें सामने आ रही हैं। इसी बीच 15 मार्च की रात को पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय (Ministry of Petroleum and Natural Gas) ने एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर एक पोस्ट करके कहा था कि रसोई गैस के सभी उपभोक्ताओं के लिए e-KYC अनिवार्य कर दिया गया है। यदि आप ई-केवाईसी नहीं कराते हैं तो आप गैस सिलेंडर की बुकिंग नहीं कर पाएंगे। वहीं अब मंत्रालय ने इस पर स्पष्टीकरण जारी किया है।
LPG e-KYC का मंत्रायल का नया बयान
अब पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने LPG उपभोक्ताओं के लिए आधार आधारित बायोमेट्रिक eKYC पर कहा है कि यह कोई नया नियम नहीं है और सभी ग्राहकों के लिए अनिवार्य भी नहीं है। मंत्रालय के अनुसार, eKYC केवल उन्हीं LPG ग्राहकों के लिए जरूरी है, जिन्होंने अब तक अपनी पहचान सत्यापित नहीं करवाई है यानी अगर आपने पहले ही eKYC पूरा कर लिया है, तो आपको दोबारा यह प्रक्रिया करने की जरूरत नहीं है।
15 मार्च को मंत्रालय ने क्या कहा था?
मंत्रालय ने 15 मार्च को एक्स पर एक पोस्ट के जरिए कहा था कि सभी घरेलू LPG उपभोक्ताओं के लिए आधार आधारित बायोमेट्रिक e-KYC पूरा करना अनिवार्य है। मंत्रालय के अनुसार यह प्रक्रिया गैस कनेक्शन की सही पहचान और पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए लागू की गई है। उपभोक्ताओं से जल्द से जल्द अपना e-KYC पूरा करने की अपील की गई है।
PMUY ग्राहकों के लिए अलग नियम
प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना (PMUY) के लाभार्थियों के लिए eKYC साल में एक बार करना जरूरी है। यह प्रक्रिया खासतौर पर सब्सिडी (DBT) का लाभ पाने के लिए लागू होती है, जो 7 रिफिल के बाद यानी 8वें और 9वें सिलेंडर पर मिलती है।
घर बैठे कर सकते हैं eKYC
सरकार ने बताया कि eKYC की प्रक्रिया बेहद आसान है और इसे घर बैठे भी पूरा किया जा सकता है। इसके लिए किसी तरह का शुल्क भी नहीं लिया जाता, जिससे उपभोक्ताओं को अतिरिक्त परेशानी नहीं होती।
गैस सप्लाई पर नहीं पड़ेगा असर
मंत्रालय ने यह भी स्पष्ट किया है that eKYC न होने की स्थिति में भी LPG सिलेंडर की सप्लाई पर कोई असर नहीं पड़ेगा। यानी उपभोक्ताओं को गैस मिलने में कोई रुकावट नहीं आएगी।
पारदर्शिता और फर्जी खातों पर रोक
सरकार का कहना है कि eKYC से सिस्टम में पारदर्शिता बढ़ेगी, सही लाभार्थियों की पहचान आसान होगी और फर्जी उपभोक्ताओं को हटाने में मदद मिलेगी। साथ ही LPG के गलत इस्तेमाल और डायवर्जन पर भी रोक लगेगी।
