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बैंक के नाम से फोन में आया SMS असली है या नकली? जानें मैसेज के पीछे लिखे कोड का मतलब

अगर बैंक, सरकारी विभाग या किसी जरूरी सेवा के नाम से कोई मैसेज किसी सामान्य 10 अंकों वाले मोबाइल नंबर से आता है, तो उसे तुरंत सच न मानें। खासकर अगर मैसेज में अकाउंट बंद होने, बिजली कनेक्शन कटने, KYC खत्म होने जैसी बात लिखी हो।

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फोन पर आने वाले हर एक मैसेज पर आंख बंद करके विश्वास नहीं करना चाहिए।(फोटो क्रेडिट-iStock)

आज के समय में मोबाइल पर बैंक, बिजली विभाग या सरकारी योजनाओं के नाम से SMS आना आम बात है। लेकिन हर मैसेज भरोसे के लायक हो, यह जरूरी नहीं है। साइबर ठग अक्सर लोगों को डराकर या लालच देकर फर्जी मैसेज भेजते हैं और फिर लिंक पर क्लिक करवाकर उनकी निजी या बैंकिंग जानकारी हासिल करने की कोशिश करते हैं।

ऐसे में यह जानना जरूरी है कि कोई SMS वास्तव में आधिकारिक है या सिर्फ ठगी का तरीका है। मैसेज के Sender ID और कुछ खास संकेतों पर ध्यान देकर आप काफी हद तक संदिग्ध SMS को पहचान सकते हैं।

10 अंकों वाले मोबाइल नंबर को सच न मानें

अगर बैंक, सरकारी विभाग या किसी जरूरी सेवा के नाम से कोई मैसेज किसी सामान्य 10 अंकों वाले मोबाइल नंबर से आता है, तो उसे तुरंत सच न मानें। खासकर अगर मैसेज में अकाउंट बंद होने, बिजली कनेक्शन कटने, KYC खत्म होने या किसी भुगतान की तुरंत जरूरत जैसी बात कही गई हो, तो पहले उसकी पुष्टि करें।

ध्यान रखें कि सिर्फ मोबाइल नंबर देखकर किसी SMS को हर स्थिति में 100 प्रतिशत फर्जी घोषित नहीं किया जा सकता। इसलिए मैसेज में दिए गए लिंक, Sender ID और उसमें मांगी गई जानकारी को भी ध्यान से जांचना जरूरी है।

P, S, T और G कोड क्या बताते हैं?

  • P — प्रमोशनल या प्रचार से जुड़े मैसेज।
  • S — सर्विस से जुड़ी जानकारी।
  • T — ट्रांजैक्शन जैसे बैंकिंग लेनदेन और OTP से संबंधित संदेश।
  • G — सरकारी सेवाओं या योजनाओं से जुड़े संदेश।

हालांकि केवल इन अक्षरों को देखकर ही किसी SMS को असली मान लेना सही नहीं है। ठग भी लोगों को भरोसा दिलाने के लिए आधिकारिक नाम या पहचान की नकल करने की कोशिश कर सकते हैं। इसलिए मैसेज का स्रोत और उसमें दिए गए लिंक को भी जरूर जांचें।

डराने वाला मैसेज मिले तो जल्दबाजी न करें

साइबर ठग अक्सर ऐसा मैसेज भेजते हैं जिससे व्यक्ति घबरा जाए और बिना सोचे-समझे दिए गए लिंक पर क्लिक कर दे। उदाहरण के लिए, SMS में लिखा हो सकता है कि आपका बैंक अकाउंट बंद होने वाला है, KYC अपडेट नहीं करने पर सेवा रुक जाएगी या बिजली का कनेक्शन काट दिया जाएगा।

ऐसे मैसेज देखकर घबराने के बजाय संबंधित बैंक या विभाग की आधिकारिक वेबसाइट, ऐप या हेल्पलाइन से खुद जानकारी की पुष्टि करें। किसी अनजान लिंक पर क्लिक न करें और OTP, PIN, पासवर्ड, CVV या बैंकिंग जानकारी किसी के साथ शेयर न करें।

फर्जी SMS की शिकायत कहां करें?

अगर आपको कोई संदिग्ध या फर्जी मैसेज मिलता है, तो उसे नजरअंदाज करने के साथ उसकी शिकायत भी की जा सकती है। संदिग्ध कम्युनिकेशन की रिपोर्ट TRAI के चक्षु (Chakshu) प्लेटफॉर्म के जरिए की जा सकती है। अगर आपके साथ आर्थिक साइबर फ्रॉड हो चुका है, तो जितनी जल्दी हो सके 1930 पर कॉल करें। आप National Cyber Crime Reporting Portal के जरिए भी शिकायत दर्ज कर सकते हैं।

Gaurav Tiwari
गौरव तिवारीauthor

गौरव तिवारी टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में टेक और ऑटो बीट को कवर करते हैं। मीडिया इंडस्ट्री में 9 वर्षों के अनुभव के साथ, गौरव तकनीकी दुनिया की तेजी से बदलती जानकारियो को सरल और समझने योग्य भाषा में पेश करने के लिए जाने जाते हैं। वह गैजेट रिव्यू, टेलिकॉम अपडेट्स, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, साइबर क्राइम, टिप्स एंड ट्रिक्स, ई-कॉमर्स और ऑटोमोबाइल सेक्टर की महत्वपूर्ण खबरों पर लगातार काम करते हैं। गौरव अब तक 10,000 से अधिक आर्टिकल्स लिख चुके हैं। उनकी स्टोरीज न सिर्फ टेक-सेवी पाठकों के लिए उपयोगी होती हैं, बल्कि आम यूजर्स को भी नई तकनीक समझने और अपनाने में मदद करती हैं।

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