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Tax On Diwali Gift: क्या दिवाली गिफ्ट या बोनस पर भी लग सकता है टैक्स, जान लीजिये जवाब

भारत में दिवाली को साल का सबसे त्यौहार माना जाता है। इस त्यौहार पर बहुत सी कंपनियां अपने कर्मचारियों को बोनस और दिवाली गिफ्ट देती हैं। क्या दिवाली गिफ्ट या बोनस पर भी टैक्स लगाया जाता है? आज हम आपको इसी बारे में बताने जा रहे हैं। आइये जानते हैं कि दिवाली गिफ्ट या बोनस पर कितना और किस तरह से टैक्स लगाया जाता है और साथ ही इससे बचने का सही तरीका भी जानते हैं।

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क्या दिवाली गिफ्ट या बोनस पर भी लग सकता है टैक्स, जान लीजिये जवाब

Photo : Times Now Digital

Tax On Diwali Gift: भारत में दिवाली को साल का सबसे बड़ा त्यौहार माना जाता है। इस त्यौहार पर लोग अपने करीबियों को गिफ्ट भी देते हैं और बहुत सी कंपनियां अपने कर्मचारियों को दिवाली बोनस या दिवाली गिफ्ट भी देती हैं। क्या आप जानते हैं कि दिवाली बोनस या गिफ्ट पर टैक्स भी लग सकता है? इस दिवाली गिफ्ट या बोनस लेने से पहले जान लीजिये कि आप अपने गिफ्ट या बोनस पर लगने वाले टैक्स को कैसे बचा सकते हैं।

टैक्स के नियम

इनकम टैक्स के नियमों के अनुसार दिवाली बोनस या गिफ्ट एक तरह का अनुलाभ होता है। अनुलाभ क्योंकि आपकी सैलरी का ही हिस्सा माना जाता है इसीलिए यह भी इनकम टैक्स के दायरे के अंतर्गत आता है। जरूरी नहीं है कि दिवाली पर मिलने वाले सभी गिफ्ट और बोनस पर टैक्स लगाया जाए, लेकिन अगर दिवाली बोनस पर टैक्स लगता है तो यह आपकी कुल सैलरी के अनुसार आप पर लागू होने वाले टैक्स स्लैब के तहत लगाया जाएगा।

इन गिफ्ट्स पर नहीं लगता टैक्स

आपको बता दें कि दिवाली पर मिलने वाले सभी गिफ्ट्स पर टैक्स नहीं लगता है। कंपनी से मिले 5000 रुपये तक के गिफ्ट पर कोई भी टैक्स नहीं लगता है। साथ ही अगर आपको गिफ्ट किसी ऐसे व्यक्ति से मिला है जो आपका रिश्तेदार नहीं है, तो भी आपके गिफ्ट पर कोई टैक्स नहीं लगता है। ध्यान रहे अगर रिश्तेदार द्वारा कोई गिफ्ट भेजा गया है और उसकी कीमत एक तय लिमिट से अधिक है तो भी आपको टैक्स का भुगतान करना पड़ेगा।

ऐसे बचाएं टैक्स

अगर आपकी कंपनी द्वारा दिए जा रहे गिफ्ट की रकम 5000 से अधिक है तो इसपर टैक्स की कटौती की जाएगी इससे बचने के लिए आप यहां बताए जा रहे तरीकों का इस्तेमाल कर सकते हैं। आप कंपनी से इसी कीमत का कोई एप्लायंस मांग सकते हैं। इसके साथ ही, अगर आपकी कंपनी आपको दिवाली गिफ्ट में से कुछ रकम डोनेट करने का ऑप्शन देती है तो आप डोनेशन के आधार पर टैक्स डिडक्शन के तौर पर छूट प्राप्त कर सकते हैं।

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पवन कुमार मिश्रा Timesnowhindi.com के साथ फरवरी 2024 से बतौर सीनियर कॉपी एडिटर के रूप में जुड़े हैं। जन्म दिल्ली में हुआ और शिक्षा भी यहीं से पूरी की है। कारों से खास प्रेम है और ऑटोमोबाइल जगत से संबंधित हर छोटी-बड़ी अपडेट पर अपनी नजर रखते हैं और लोगों को गाड़ियों से संबंधित आवश्यक जानकारी प्रदान करते हैं। इसके साथ ही लोगों की आम समस्याओं और समस्याओं के समाधान के बारे में यूटिलिटी सेक्शन में भी लिखते हैं। संगीत में काफी रूचि है और व्यस्त न होने पर गाने गुनगुनाते या सुनते हुए नजर आते हैं। घूमने का भी काफी शौक है और प्रकृति से काफी लगाव भी। रामजस कॉलेज से हिंदी साहित्य में स्नातक की डिग्री प्राप्त की है और इससे पहले बिजनेसवर्ल्ड हिंदी में बतौर सब-एडिटर भी काम कर चुके हैं। पिछले 3.5 सालों से मीडिया इंडस्ट्री में मौजूद हैं।

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