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IRDAI On ULIP: बीमा कंपनियां अब ULIP प्लान बेचने में नहीं कर पाएंगी हेर-फेर, इरडा ने बनाए विज्ञापन के नए नियम

IRDAI On ULIP: IRDAI ने कहा है कि सभी विज्ञापनों में ये खुलासा करना जरूरी होगा कि प्रॉडक्‍ट के बोनस या पिछले परफॉर्मेंस को फ्यूचर के लिए गारंटी नहीं माना सकता है। बीमा कंपनियों को स्पष्ट रूप से यह बताना होगा कि बाजार से जुड़ी बीमा योजनाएं (ULIP) पारंपरिक पॉलिसियों से भिन्न हैं और उनमें जोखिम भी होता है।

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यूलिप प्लान की मिस सेलिंग पर इरडा सख्त

IRDAI On ULIP:भारतीय बीमा विनियामक एवं विकास प्राधिकरण (IRDAI) ने ‘यूनिट लिंक्ड बीमा योजनाओं (ULIP) को ‘इन्वेस्टमेंट प्रोडक्ट’ के रूप में प्रचारित करने पर रोक लगा दी है। नियामक इरडा के 19 जून के सर्कुलर में कहा है कि ‘यूनिट-लिंक्ड’ या ‘इंडेक्स-लिंक्ड’ बीमा उत्पादों को ‘इन्वेस्टमेंट प्रोडक्ट’ के रूप में विज्ञापन हीं किया जाएगा।बीमा कंपनियों को स्पष्ट रूप से यह बताना होगा कि बाजार से जुड़ी बीमा योजनाएं (ULIP) पारंपरिक पॉलिसियों से भिन्न हैं और उनमें जोखिम भी होता है।

अब कंपनियां बोनस पर नहीं कर पाएंगी खेल

अपने सर्कुलर में IRDAI ने कहा है कि सभी विज्ञापनों में ये खुलासा करना जरूरी होगा कि प्रॉडक्‍ट के बोनस या पिछले परफॉर्मेंस को फ्यूचर के लिए गारंटी नहीं माना सकता है। यानी आने वाले समय में उतना ही रिटर्न मिलेगा, ऐसा दावा नहीं किया जा सकेगा। जैसे किसी प्‍लान ने पिछले 5 साल में 30फीसदी रिटर्न दिया हो तो वो अगले 5 साल में भी 30 फीसगी रिटर्न देगा, ऐसा दावा कंपनियां नहीं कर सकेंगी। इसी तरह लिंक्ड बीमा उत्पादों और वार्षिकी उत्पादों के सभी विज्ञापनों में जोखिम कारकों का खुलासा किया जाएगा।

क्या होते हैं यूलिप प्लान

ULIP यानी यूनिट लिंक्‍ड इंश्‍योरेंस प्‍लान ऐसे प्रोडक्ट होते हैं, जिनमें शेयर बाजार में निवेश किया जाता है। इसके साथ ही प्लान के आधार पर बीमा कवर मिलता है। यानी ग्राहकों को बीमा कवरेज के साथ इक्विटी और बॉन्ड में निवेश, दोनों का विकल्‍प मिलता है। इसके लिए पॉलिसीधारक एक रेगुलर प्रीमियम पेमेंट करता रहता है, जो इंश्‍योरेंस को कवर करेगा और इस प्रीमियम का एक हिस्‍सा इक्विटी, बॉन्ड या दोनों में किए गए निवेश की ओर जाता है। ऐसे में इसमें जोखिम होता है। क्योंकि वह शेयर बाजार के उतार-चढ़ाव पर निर्भर करता है।

Prashant Srivastav
प्रशांत श्रीवास्तवauthor

करीब 17 साल से पत्रकारिता जगत से जुड़ा हुआ हूं। और इस दौरान मीडिया की सभी विधाओं यानी टेलीविजन, प्रिंट, मैगजीन, डिजिटल और बिजनेस पत्रकारिता में काम करने का मौका मिला। इस समय Timesnowhindi.com में टीम लीड के रुप में बिजनेस, ऑटो, यूटीलिटी, टेक सेक्शन में अपना योगदान दे रहा हूं। करियर का पहला ब्रेक हैदराबाद स्थित मीडिया संस्थान ईटीवी से टेलीविजन के जरिए हुआ। यहां पर टेलीविजन पत्रकारिता की बारीकियों को समझने का मौका मिला। और उसके बाद अगला पड़ाव दिल्ली स्थित दैनिक भास्कर समूह का बिजनेस भास्कर रहा। यहां से बिजनेस पत्रकारिता में कदम रखा। और यह सफर वित्त मंत्रालय की रिपोर्टिंग से लेकर बैंकिंग, इंश्योरेंस, ऑटो, एफएमसीजी, एमएमएमई, टेलीकॉम सेक्टर की ग्राउंड रिपोर्ट से लेकर कॉरपोरेट जगत की खबरें और इकोनॉमी से जुड़ी खबरों से गुजरते हुए अमर उजाला, मनी भास्कर वेबसाइट से होकर आउटलुक मैगजीन पहुंचा। यहां पर पॉलिटिकल खबरों को करने का मौका मिला। आउटलुक में रहते हुए भाजपा और कांग्रेस पार्टी को भी कवर किया। इस दौरान दिल्ली दंगों पर ग्राउंड रिपोर्ट से लेकर सीएए आंदोलन, किसान आंदोलन और कृषि जगत, वाइल्ड लाइफ से जुड़ी ग्राउंड रिपोर्ट भी करने का मौका मिला। करियर के इस सफर में 2014 लोक सभा चुनाव, 2019 लोक सभा चुनाव, इसके अलावा उत्तर प्रदेश विधान सभा चुनाव, राजस्थान विधान सभा, मध्य प्रदेश विधान सभा चुनाव की ग्राउंड रिपोर्ट भी की। पिछले 16 साल से केंद्रीय बजट की बारीकियों को समझकर उसे आम भाषा में लोगों तक पहुंचाने का भी प्रयास किया है। 17 साल के करियर में करीब 10 साल डिजिटल मीडिया का अनुभव रहा है। पिछले 3 साल से टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में अपनी सेवाएं दे रहा हूं। पत्रकारिता का ककहरा माखन लाल चतुर्वेदी पत्रकारिता विश्वविद्यालय भोपाल से सीखा है।

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