होली के मौके पर घर जाने वाले यात्रियों की भीड़ को देखते हुए भारतीय रेलवे ने बड़ा फैसला लिया है। रेलवे मंत्रालय ने घोषणा की है कि मार्च महीने में देशभर में 1,410 से अधिक होली स्पेशल ट्रेनें चलाई जाएंगी। यात्रियों की मांग बढ़ने पर यह संख्या 1,500 तक भी पहुंच सकती है। इसका मकसद त्योहार के दौरान बढ़ने वाले यात्री दबाव को कम करना है।
मार्च में चलेगी सबसे ज्यादा स्पेशल सेवाएं
मार्च का महीना लंबी दूरी की यात्रा के लिहाज से सबसे व्यस्त माना जाता है। इस साल रेलवे ने होली 2025 की तुलना में कहीं ज्यादा तैयारियां की हैं। पिछले साल होली पर 1,144 स्पेशल ट्रेनें चलाई गई थीं, जबकि इस बार संख्या में बड़ा इजाफा किया गया है, ताकि यात्रियों को कन्फर्म सीट और सुगम यात्रा मिल सके।
ईस्ट सेंट्रल रेलवे सबसे आगे
सभी जोन में ईस्ट सेंट्रल रेलवे (ECR) ने सबसे ज्यादा 285 होली स्पेशल ट्रेनें तय की हैं। इसके बाद वेस्टर्न रेलवे (WR) 231 और सेंट्रल रेलवे (CR) 209 ट्रेनें चलाएगा। ये ट्रेनें बड़े शहरों और ज्यादा भीड़ वाले रूट्स को कवर करेंगी। साउथ सेंट्रल रेलवे 160 और नॉर्दर्न रेलवे 108 स्पेशल ट्रेनों का संचालन करेगा।
अन्य जोनों का भी बड़ा योगदान
त्योहारी शेड्यूल को मजबूत बनाने में बाकी रेलवे जोन भी अहम भूमिका निभा रहे हैं। नॉर्थ वेस्टर्न रेलवे 71, नॉर्थ सेंट्रल रेलवे 66, नॉर्थ ईस्टर्न रेलवे और ईस्ट कोस्ट रेलवे 62-62 ट्रेनें चलाएंगे। साउथ वेस्टर्न रेलवे 47, वेस्ट सेंट्रल रेलवे 43, साउदर्न रेलवे 39 और साउथ ईस्ट सेंट्रल रेलवे 15 स्पेशल ट्रेनें चलाएगा। इसके अलावा कोंकण रेलवे 9 और नॉर्थ ईस्ट फ्रंटियर रेलवे 2 ट्रेनें संचालित करेगा।
इमरजेंसी कोटा कैसे मिलता है?
रेलवे को रोजाना अलग-अलग स्तर से इमरजेंसी कोटा के लिए बड़ी संख्या में अनुरोध मिलते हैं। रेलवे मंत्री अश्विनी वैष्णव के मुताबिक, इमरजेंसी कोटा का आवंटन वॉरंट ऑफ प्रीसिडेंस और तय प्राथमिकता के आधार पर किया जाता है। इसमें सबसे पहले उच्च पदस्थ अधिकारियों और सांसदों के स्व-यात्रा अनुरोधों पर विचार किया जाता है।
त्योहारी सीजन में सुविधा और सुरक्षा पर जोर
होली के दौरान बड़े शहरों से लोग बड़ी संख्या में अपने गांव और कस्बों की ओर जाते हैं। इसी को ध्यान में रखते हुए रेलवे ने पहले से योजना बनाकर स्पेशल ट्रेनें तय की हैं। अधिकारियों का कहना है कि अगर आने वाले दिनों में रिजर्वेशन का दबाव और बढ़ा, तो अतिरिक्त ट्रेनें भी चलाई जा सकती हैं। रेलवे ने यात्रियों की सुविधा और सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देने की बात दोहराई है।
