Vishwakarma Yojana: 77वें स्वतंत्रता दिवस के मौके पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को लाल किले की प्राचीर से देश को संबोधित किया। अपने संबोधन में पीएम मोदी ने उन तमाम योजनाओं का भी जिक्र किया, जो उनके कार्यकाल के दौरान गरीबों तक पहुंची हैं। इसमें पीएम आवास योजना से लेकर स्वनिधि योजना की सफलता के बारे में भी बात की। साथ ही पीएम ने विश्वकर्मा जयंति पर एक नई योजना की शुरुआत करने की भी बात की। प्रधानमंत्री ने कहा कि सरकार अगले महीने पारंपरिक कौशल वाले लोगों के लिए 13,000 से 15,000 करोड़ रुपए के आवंटन के साथ विश्वकर्मा योजना शुरू करेगी। यह योजना क्या है कब शुरू होगी और इससे किसे फायदा होगा? इन सब के बारे में आज जानते हैं।
क्या है विश्वकर्मा कौशल सम्मान योजना?
विश्वकर्मा कौशल सम्मान योजना में कारीगरों की न केवल आर्थिक मदद की जाएगी बल्कि उन्हें प्रशिक्षण, आधुनिक तकनीकों की जानकारी और ग्रीन तकनीत ब्रांड का प्रमोशन, स्थानीय और वैश्विक बाजारों से जुड़ाव, डिजिटल पेमेंट्स और सामाजिक सुरक्षा मिलेगी। सरकार देश के हर एक विश्वकर्मा को संस्थागत समर्थन मुहैया कराएगी। इसके जरिए उन्हें लोन लेने में आसानी होगी। देश की करीब 140 से अधिक जातियों को इस योजना के तहत शामिल किया जाएगा।
कब होगी शुरू
प्रधानमंत्री के अनुसार, यह योजना विशेष रूप से नाई, सुनार, धोबी आदि जैसे कुशल कार्यों के लिए है। यह योजना अगले महीने यानी सितंबर में विश्वकर्मा जयंती पर शुरू की जाएगी। विश्वकर्मा जयंती 17 सितंबर 2023 को है।
किसे मिलेगा फायदा
ट्रेडिशनल स्किल्स में काम करने वाले कामगारों को इस योजना का फायदा मिलेगा। पीएम विश्वकर्मा योजना का उद्देश्य कारीगरों और शिल्पकारों के उत्पादों में सुधार करना और उन्हें घरेलू एवं वैश्विक मार्केट से जोड़ना है। इस योजना से ऐसे श्रमिकों, विशेष रूप से अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, अन्य पिछड़े समुदायों, महिलाओं, ट्रांसजेंडर और समाज के अन्य कमजोर वर्गों से संबंधित लोगों का आर्थिक सशक्तिकरण होगा।
जरूरी दस्तावेज
विश्वकर्मा योजना के लिए जिन आवश्यक दस्तावेज की जरूरत होगी उनमें आधार कार्ड, निवास प्रमाण पत्र, आय प्रमाण पत्र, जाति प्रमाण पत्र, मोबाइल नंबर,पहचान पत्र, राशन कार्ड, पासपोर्ट साइज फोटो और बैंक अकाउंट डिटेल्स जैसी चीजें होंगी।
