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Bank Locker: बैंक में कैसे मिलेगा आपको लॉकर, समझ लीजिए A टू Z नियम

  • Authored by: Rohit Ojha
  • Updated May 24, 2024, 04:55 PM IST

How to Open Bank Locker: । बैंकों के हर एक ब्रॉन्च में लॉकर की सुविधा उपलब्ध नहीं होती है। बैंक अपने चुनिंदा ब्रॉन्च में ही लॉकर की सुविधा रखते हैं। लॉकर लेने से पहले इसके लिए आवेदन देना पड़ता है फिर ग्राहक और बैंक के बीच सिक्योरिटी को लेकर एग्रीमेंट साइन किए जाते हैं।

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Bank Locker

Photo : iStock

How to Open Bank Locker: देश के बैंक लोगों को कई तरह की सर्विस ऑफर करते हैं। इनमें से एक लॉकर है। लोग अपने कीमती समान या महत्वपूर्ण कागजात को रखने के लिए लॉकर रेंट पर लेते हैं। बैंकों के हर एक ब्रॉन्च में लॉकर की सुविधा उपलब्ध नहीं होती है। बैंक अपने चुनिंदा ब्रॉन्च में ही लॉकर की सुविधा रखते हैं। लॉकर लेने से पहले इसके लिए आवेदन देना पड़ता है फिर ग्राहक और बैंक के बीच सिक्योरिटी को लेकर एग्रीमेंट साइन किए जाते हैं। इसके बाद ही बैंक ग्राहकों को लॉकर उपलब्ध करता है। रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया ने पिछले साल बैंक लॉकर को लेकर बेहद की सख्त गाइडलाइंस जारी की थी।

कैसे ले सकते हैं लॉकर

अगर आप बैंक के किसी ब्रॉन्च में लॉकर लेने जाते हैं, तो एप्लीकेशन देना होता है। बैंक लॉकर की सुविधा पहले आओ-पहले पाओ के आधार पर देते हैं। लॉकर के लिए वेटिंग लिस्ट भी देखने को मिलती है। जब कोई लॉकर खाली होता है, तो फिर वेटिंग लिस्ट के आधार पर ग्राहक को मिल जाता है। लेकिन इसके लिए आपके खाते में एक तय मिनिमम बैलेंस होना जरूरी है। बैंक लॉकर का किराया सालाना आधार पर ग्राहकों से लेता है। बैंक में आप सिंगल के अलावा ज्वाइंट लॉकर के लिए भी अप्लाई कर सकते हैं।

कितना लगता है चार्ज

लॉकर का चार्ज इसकी साइज और लोकेशन के आधार पर तय किए जाते हैं। शुल्क सभी बैंकों के अलग-अलग हो सकते हैं। अगर आप स्टेट बैंक ऑफ इंडिया का लॉकर लेंगे, तो सालाना 2 से 12 हजार रुपये का चार्ज देना होगा। पंजाब नेशनल बैंक 1250 रुपये से 10 हजार रुपये, केनरा बैंक 2 से 10 हजार और ICICI जैसे बैंक 1200 से 5000 रुपये तक लॉकर के लिए चार्ज करते हैं।

लॉकर के इस्तेमाल करने के नियम

आप अपने बैंक लॉकर का इस्तेमाल बैंकिंग काम-काज के समय के दौरान ही कर सकते हैं। बैंक से मिली हुई लॉकर की चाबी आपको अपने साथ ले जाना अनिवार्य है। आपके लॉकर विजिट के दौरान, लॉकर नंबर और विजिटिंग समय की जानकारी देना जरूरी है। जब आप अपने लॉकर को एक्सेस करेंगे, तो बैंक का एक अधिकारी आपके साथ रहेगा। लॉकर रूम से बाहर निकलते समय, सुनिश्चित करें कि आपना कोई भी पर्सनल सामान वहां न छोड़ें।

अगर बैंक लॉकर की चाबी खो जाए तो...

यदि आपके बैंक लॉकर की चाबी खो जाती है, तो आपको तुरंत बैंक को लॉकर की चाबी खो जाने के बारे में सूचित करना चाहिए। एक बार जब आप नुकसान की रिपोर्ट करते हैं, तो बैंक चाबी बदल देगा या आपको एक नया लॉकर आवंटित कर देगा। हालांकि, आपको डुप्लिकेट चाबियां, नया लॉकर आदि लेने का नुकसान उठाना पड़ेगा।

बैंक लॉकर में क्या रख सकते हैं क्या नहीं

बैंक लॉकर में हथियार, कैश, विदेशी करेंसी, दवाइयां या कोई घातक जहरीला सामान नहीं रख सकते हैं। अगर लॉकर में कैश रखते हैं तो ये नियम के खिलाफ होगा और नुकसान की स्थिति में बैंक इसका जिम्मेदार नहीं होगा। बैंक लॉकर के नए नियमों के मुताबिक बैंक लॉकर में ग्राहक सिर्फ ज्वेलरी, जरूरी दस्तावेज और कानूनी तौर पर वैध सामान ही रख सकेंगे।

नुकसान की भरपाई के नियम

रिजर्व बैंक के नियम के अनुसार, लॉकर में रखे गए सामान को अगर नुकसान होता है, इसकी जिम्मेदारी बैंक की होगी। हालांकि, भूकंप, बाढ़ जैसी प्राकृतिक आपदाओं के कारण लॉकर में रखे सामान की क्षति होती है, तो बैंक जिम्मेदार नहीं होगा। बैंक की लापरवाही के चलते लॉकर में रखे सामान का नुकसान होता है, तो बैंक इसकी भरपाई करेंगे। बैंक परिसर में आग लगना, इमारत का गिरना, चोरी आदि यानी बैंक की कमियों के चलते होने वाले नुकसान की भरपाई उसे ही करना होगा। मुआवजे की शर्त यह है कि बैंकों की जिम्मेदारी लॉकर के वार्षिक किराये के 100 गुना तक ही होगी।

नॉमनी को लेकर नियम

ध्यान रहे कि आपकी मौजूदगी तक सिर्फ आप भी बैंक लॉकर को एक्सेस कर सकेंगे। आपके परिवार के किसी भी सदस्य को इसकी अनुमति नहीं मिलेगी। आपकी गैर-मौजूदगी में आपके द्वारा बनाए गए नॉमनी को लॉकर खोलने का अधिकार मिलेगा। बैंक वेरिफिकेशन के बाद ही एक्सेस देते हैं।

Rohit Ojha
Rohit Ojhaauthor

<p>रोहित ओझा Timesnowhindi.com में बतौर सीनियर कॉरस्पॉडेंट सितंबर 2023 से काम कर रहे हैं। यहां पर वो बिजेनस और यूटिलिटी की खबरों पर काम करते हैं। मीडिया इंडस्ट्री में पांच साल से अधिक का अनुभव। चुनावी खबरों से शुरू हुआ पत्रकारिता का सफर फिलहाल स्टॉक मार्केट, इकोनॉमी और पर्सनल फाइनेंस की खबरों के साथ जारी है। डेस्क और फील्ड दोनों में ही काम करने का तजुर्बा। टाइम्स नाऊ नवभारत से पहले अलग-अलग मीडिया संस्थानों में अलग-अलग बीट पर काम कर चुके हैं। अमर उजाला, टीवी9 हिंदी, इंडिया टीवी, आज तक जैसे मीडिया संस्थान में अलग-अलग बीट पर काम कर चुके हैं। स्टॉक मार्केट और इकोनॉमी के साथ-साथ देश की सियासी घटनाओं पर लिखने का अनुभव है। 2019 के आम चुनाव से लेकर तमाम विधानसभा की चुनावी खबरों पर काम किया है। 2019 का क्रिकेट वर्ल्ड कप और आईपीएल की खबरों पर भी काम किया है। किस्से-कहानियों में मन लगता है। शारदा यूनिवर्सिटी से मास-कम्युनिकेशन और जर्नलिज्म किया है। गृह जनपद- बक्सर। साहित्य, सियासत और सिनेमा पर लिखना-पढ़ना खूब पसंद है।</p>

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