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Mutual Fund: मिस हो गई आपकी SIP, तो कैसे करें मैनेज, क्या लगता है फाइन

  • Edited by: Rohit Ojha
  • Updated Jun 3, 2024, 05:02 PM IST

Mutual Fund Investment: SIP के जरिए लोग नियमित रूप से छोटी-छोटी रकम निवेश करते हैं। इससे उन लोगों के लिए निवेश करना आसान हो जाता है जो एक बार में बड़ी रकम निवेश करने का जोखिम नहीं उठा सकते। SIP के जरिए निवेश करना समय के साथ अपनी वेल्थ को बढ़ाने का एक शानदार तरीका है।

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Mutual Fund Investment

Mutual Fund Investment: म्यूचुअल फंड में निवेश करने वालों की संख्या में लगातार इजाफा देखने को मिल रहा है। खासतौर पर सिस्टमैटिक इन्वेस्टमेंट प्लान (SIP) के जरिए निवेश बहुत लोकप्रिय हो गया है। SIP के जरिए लोग नियमित रूप से छोटी-छोटी रकम निवेश करते हैं। इससे उन लोगों के लिए निवेश करना आसान हो जाता है जो एक बार में बड़ी रकम निवेश करने का जोखिम नहीं उठा सकते। हाल ही में नेशनल स्टॉक एक्सचेंज की एक रिपोर्ट के अनुसार, म्यूचुअल फंड निवेश रिकॉर्ड ऊंचाई पर पहुंच गया है। मार्च 2024 में निवेश की कुल राशि 19,271 करोड़ रुपये थी।

ऑटो-डेबिट

आप SIP पेमेंट के लिए ऑटो-डेबिट भी सेट कर सकते हैं, ताकि हर महीने पैसा आपके खाते से खुद-ब-खुद कट जाए। अगर आप SIP पेमेंट से चूक जाते हैं, तो आम तौर पर म्यूचुअल फंड कंपनियां आपको SIP पेमेंट से चूकने पर किसी तरह का फाइन नहीं लगाती हैं। हालांकि, अगर आप लगातार तीन SIP पेमेंट नहीं जमा करते हैं, तो आपकी SIP कैंसिल हो सकती है।

मैनुअल निवेश का ऑप्शन

आपका बैंक असफल ऑटो-डेबिट लेनदेन के लिए जुर्माना लगा सकता है। यह शुल्क 100 रुपये से लेकर 750 रुपये तक हो सकता है। जुर्माने से बचने के लिए, आप ऑटो-डेबिट की बजाय मैन्युअल निवेश का विकल्प चुन सकते हैं। इस तरह, आप भुगतान करने से पहले सुनिश्चित कर सकते हैं कि आपके पास पर्याप्त पैसा है। अगर आपको पता है कि आपके पास पर्याप्त पैसा नहीं होगा, तो आप म्यूचुअल फंड कंपनी से अपने SIP पर 'पॉज' का अनुरोध कर सकते हैं। यह पॉज कंपनी की नीति के आधार पर 6 महीने तक चल सकता है।

वेल्थ बढ़ाने का शानदार

SIP के जरिए निवेश करना समय के साथ अपनी वेल्थ को बढ़ाने का एक शानदार तरीका है। परेशानियों से बचने के लिए सुनिश्चित करें कि तय डेट पर आपके खाते में पैसे उपलब्ध रहें और आपकी SIP का पेमेंट हो जाए। अगर आपको लगता है खाते में शेष राशि पर्याप्त नहीं है, तो किसी भी तरह की फाइन से बचने और अपने निवेश को बनाए रखने के लिए SIP को पॉज करने के बारे में विचार करें।

Rohit Ojha
Rohit Ojhaauthor

<p>रोहित ओझा Timesnowhindi.com में बतौर सीनियर कॉरस्पॉडेंट सितंबर 2023 से काम कर रहे हैं। यहां पर वो बिजेनस और यूटिलिटी की खबरों पर काम करते हैं। मीडिया इंडस्ट्री में पांच साल से अधिक का अनुभव। चुनावी खबरों से शुरू हुआ पत्रकारिता का सफर फिलहाल स्टॉक मार्केट, इकोनॉमी और पर्सनल फाइनेंस की खबरों के साथ जारी है। डेस्क और फील्ड दोनों में ही काम करने का तजुर्बा। टाइम्स नाऊ नवभारत से पहले अलग-अलग मीडिया संस्थानों में अलग-अलग बीट पर काम कर चुके हैं। अमर उजाला, टीवी9 हिंदी, इंडिया टीवी, आज तक जैसे मीडिया संस्थान में अलग-अलग बीट पर काम कर चुके हैं। स्टॉक मार्केट और इकोनॉमी के साथ-साथ देश की सियासी घटनाओं पर लिखने का अनुभव है। 2019 के आम चुनाव से लेकर तमाम विधानसभा की चुनावी खबरों पर काम किया है। 2019 का क्रिकेट वर्ल्ड कप और आईपीएल की खबरों पर भी काम किया है। किस्से-कहानियों में मन लगता है। शारदा यूनिवर्सिटी से मास-कम्युनिकेशन और जर्नलिज्म किया है। गृह जनपद- बक्सर। साहित्य, सियासत और सिनेमा पर लिखना-पढ़ना खूब पसंद है।</p>

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