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Tea Leaves: कहीं आप भी तो नहीं ले रहे नकली चाय पत्ती का स्वाद, घर बैठे इन आसान तरीकों से करें पहचान

  • Authored by: दीपक पोखरिया
  • Updated Dec 17, 2022, 06:20 PM IST

Tea Leaves Check Real or Fake: भारत में घरेलू आबादी देश में उत्पादित कुल चाय का लगभग 76 फीसदी उपभोग करती है। काफी बड़ी संख्या में चाय पीने वाली आबादी के बीच चाय की पत्ती में मिलावट की खबरें काफी हैरान करने वाली हैं। ऐसे में बड़ा सवाल ये है कि हम जो चाय पीते हैं, उसमें क्या मिलावट की गई है या नहीं।

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कहीं आप भी तो नहीं ले रहे नकली चाय पत्ती का स्वाद।

Photo : iStock

Tea Leaves Check Real or Fake: भारत (India) दुनिया में चाय (Tea)का दूसरा सबसे बड़ा उत्पादक है, जिसकी प्रति व्यक्ति खपत कुल विश्वव्यापी खपत का 19 फीसदी है। भारत में घरेलू आबादी देश में उत्पादित कुल चाय का लगभग 76 फीसदी उपभोग करती है। काफी बड़ी संख्या में चाय पीने वाली आबादी के बीच चाय की पत्ती (Tea Leaves) में मिलावट की खबरें काफी हैरान करने वाली हैं। ऐसे में बड़ा सवाल ये है कि हम जो चाय पीते हैं, उसमें क्या मिलावट की गई है या नहीं। इसी को लेकर आज हम आपको बताएंगे कि आप चाय की पत्ती में मिलावट की पहचान कैसे करें।

इन तरीकों से करें चाय की पत्ती की असली पहचान:-

चाय की शुद्धता जांचने के सबसे आसान तरीकों में से एक ये है कि आपको एक गिलास पानी में एक बड़ा चम्मच चाय की पत्ती डालनी होगी। ध्यान रहें कि पानी या तो ठंडा हो या फिर कमरे के तापमान पर, लेकिन पानी गर्म न हो। अगर चाय शुद्ध होगी तो पानी के रंग में कोई बदलाव नहीं आएगा। अगर चाय की पत्तियों में कुछ कलर मिलाया गया होगा तो रंग तुरंत लाल हो जाएगा।

चाय की शुद्धता जांचने का एक आसान तरीका है चुंबक। आपको एक कांच की प्लेट पर थोड़ी मात्रा में चाय की पत्तियां फैलाएं और धीरे से चाय की पत्तियों के ऊपर चुंबक को घुमाएं। अगर चाय की पत्ती शुद्ध होगी तो वह चुंबक पर नहीं चिपकेगी, लेकिन अगर चाय की पत्ती में मिलावट होगी तो वह चुंबक पर चिपक जाएगी।

चाय की शुद्धता जांचने का एक आसान तरीका है नींबू। आपको सबसे पहले कांच के बर्तन में नींबू का रस डालना होगा। अब नींबू के रस में चाय की पत्ती के कुछ दाने मिक्स कर दें। अगर चाय की पत्ती असली होगी तो नींबू का रस पीला या फिर हरा हो जाएगा। वहीं अगर नींबू का रस नारंगी या फिर दूसरे रंग आने पर समझ जाएं कि चाय की पत्ती में मिलावट की गई है।

दीपक पोखरिया
दीपक पोखरियाauthor

पहाड़ से हूं, इसलिए घूमने फिरने का शौक है। दिल्ली-नोएडा से ज्यादा उत्तराखंड में ही मन लगता है। कई मीडिया संस्थानों से मेरी करियर यात्रा गुजरी है और मई 2022 से Times Network में timesnowhindi.com के साथ जुड़ा हूं। यहां शुरूआत खबरों से हुई और अब नजरें फीचर टीम के जरिए पाठकों की पसंद के लेख लिखने पर रहती है। घुमक्कड़ी पसंद होने की वजह से मुख्य जिम्मेदारी timesnowhindi.com/travel की है। वैसे मैं देवभूमि उत्तराखंड के नैनीताल से हूं और यहीं पर जन्म हुआ। पढ़ाई की शुरुआत फिरोजपुर (पंजाब) से हुई। इसके बाद लखनऊ (उत्तर प्रदेश), रामपुर (उत्तकर प्रदेश), हल्द्वानी (उत्तराखंड) होते हुए देश की राजधानी दिल्ली से पढ़ाई की। हल्द्वानी के एमबीपीजी कॉलेज से ग्रेजुएशन पूरा किया। साथ ही NIIT से GNIIT किया। इसके बाद दिल्ली से भारतीय विद्या भवन से पत्रकारिता की पढ़ाई की। मीडिया में 12 साल से ज्यादा का अनुभव। टीवी, वेबसाइट और मोबाइल ऐप में अब तक काम किया। नौकरी की शुरुआत 2011 से की। अभी टाइम्स नाऊ नवभारत में 2 से अधिक सीनियर करोस्पेंडट के पद पर हूं। यात्रा सेक्शन से जुड़ने से पहले करीब डेढ़ साल पहले तक न्यूज में ही काम किया।

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