यूटिलिटी

Real Ginger: कहीं आप भी तो नहीं खा रहे नकली अदरक, ऐसे करें असली की पहचान

  • Authored by: दीपक पोखरिया
  • Updated Nov 12, 2022, 09:39 AM IST

How To Check Real And Fake Ginger: अदरक को किसी न किसी चीज में डालकर खाने से इम्यूनिटी मजबूत बनी रहती है। साथ ही बीमारियों से भी बचा जाता है। कोरोना महामारी के बाद से अदरक की डिमांड और सप्लाई बढ़ी है।

Image

अदरक।

Photo : iStock

How To Check Real And Fake Ginger: आज की इस भागदौड़ की दुनिया में हर कोई अपनी इम्यूनिटी (Immunity) मजबूत बनाए पर काफी जोर दे रहा है। इसके लिए वह कई चीजें भी खा रहा है, जिनमें एक अदरक (Ginger) भी है। अदरक को किसी न किसी चीज में डालकर खाने से इम्यूनिटी मजबूत बनी रहती है। साथ ही बीमारियों से भी बचा जाता है। कोरोना (Corona) महामारी के बाद से अदरक की डिमांड (Demand) और सप्लाई (Supply) बढ़ी है। मजबूत एंटीऑक्सीडेंट से भरपूर होने और एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण होने के कारण अदरक काफी ज्यादा गुणकारी है।

लेकिन डिमांड और सप्लाई बढ़ने के साथ ही बाजार में अब नकली अदरक भी आ गई है, जिसे असली के नाम पर बेचा जा रहा है। ऐसे में अब लोगों के सामने ये बड़ी चुनौती है कि वह असली-नकली अदरक का कैसे पता करें। इसी अंतर को बताने के लिए आज हम आपको बताएंगे कि कैसे आप इस अंतर को पहचान सकते हैं।

ऐसे करें असली-नकली अदरक की पहचान:-

सूंघना

असली अदरक का पता लगाने का सबसे बुनियादी तरीका है इसे सूंघना। अगर अदरक की महक तेज और तीखी है, तो आपके पास असली अदरक है। वहीं बिना गंध वाली अदरक नकली होती है।

अदरक के छिलके को चैक कर लीजिए

अगर आप आसानी से अपने नाखूनों से अदरक को छिल पाते हैं और उसमें से तीखी गंध आ रही है तो वह असली अदरक है। वहीं अगर अदरक को छिलने में सख्त लग रहा है तो इसे ना खरीदें, ये नकली है।

साफ अदरक खरीदने से करें परहेज

जीरो डस्ट वाला साफ दिखने वाला अदरक हमें अक्सर लुभाता है। ऐसे अदरक से बचने की सलाह दी जाती है, क्योंकि धूल को साफ करने के लिए ये अक्सर एसिड में भिगोए जाते हैं और फिर ये अदरक को जहरीला बना देते हैं।

अदरक को दो भागों में तोड़कर देखें

अगर आप ताजा अदरक खरीदना चाहते हैं तो इसे दो भागों में तोड़कर देख लें कि धागे निकल रहे हैं या नहीं। अगर अदरक में से धागे निकल रहे हैं तो हां आपके पास ताजा अदरक है। ये सूखा होना चाहिए और नम नहीं होना चाहिए।

हमें उम्मीद है कि हमारी ओर से बताने के बाद अब आप असली-नकली अंतर का पता लगाने में सक्षम होंगे।

दीपक पोखरिया
दीपक पोखरियाauthor

पहाड़ से हूं, इसलिए घूमने फिरने का शौक है। दिल्ली-नोएडा से ज्यादा उत्तराखंड में ही मन लगता है। कई मीडिया संस्थानों से मेरी करियर यात्रा गुजरी है और मई 2022 से Times Network में timesnowhindi.com के साथ जुड़ा हूं। यहां शुरूआत खबरों से हुई और अब नजरें फीचर टीम के जरिए पाठकों की पसंद के लेख लिखने पर रहती है। घुमक्कड़ी पसंद होने की वजह से मुख्य जिम्मेदारी timesnowhindi.com/travel की है। वैसे मैं देवभूमि उत्तराखंड के नैनीताल से हूं और यहीं पर जन्म हुआ। पढ़ाई की शुरुआत फिरोजपुर (पंजाब) से हुई। इसके बाद लखनऊ (उत्तर प्रदेश), रामपुर (उत्तकर प्रदेश), हल्द्वानी (उत्तराखंड) होते हुए देश की राजधानी दिल्ली से पढ़ाई की। हल्द्वानी के एमबीपीजी कॉलेज से ग्रेजुएशन पूरा किया। साथ ही NIIT से GNIIT किया। इसके बाद दिल्ली से भारतीय विद्या भवन से पत्रकारिता की पढ़ाई की। मीडिया में 12 साल से ज्यादा का अनुभव। टीवी, वेबसाइट और मोबाइल ऐप में अब तक काम किया। नौकरी की शुरुआत 2011 से की। अभी टाइम्स नाऊ नवभारत में 2 से अधिक सीनियर करोस्पेंडट के पद पर हूं। यात्रा सेक्शन से जुड़ने से पहले करीब डेढ़ साल पहले तक न्यूज में ही काम किया।

और पढ़ें
End of Article