यूटिलिटी

कार खरीदते ही सरकार वापस कर देती है आपका पैसा, ज्यादातर लोगों को नहीं पता ये फायदा

अगर आप भी गाड़ी खरीदने का प्लान कर रहे हैं तो ये खबर आपके काम की साबित हो सकती है। दरअसल, गाड़ी खरीदने पर सरकार कुछ पैसा आपको वापस कर देती है जिसको आप पा सकते हैं। लेकिन वो कैश के तौर पर नहीं होता बल्कि TCS के तौर पर होता है। आइए आपको बताते हैं आप कैसे इस पैसे को क्लेम कर सकते हैं?

Image

Car Tax

भारत में कार खरीदना किसी भी परिवार के लिए बड़ा फैसला होता है। खासकर जब गाड़ी की कीमत ₹10 लाख या उससे ज्यादा हो, तो उसके साथ कई तरह के टैक्स और चार्जेज भी जुड़ जाते हैं। लेकिन क्या आपको पता है कि कार खरीदते समय आपसे जो TCS यानी Tax Collected at Source लिया जाता है, वह वास्तव में सरकार की कमाई नहीं, बल्कि आपका ही पैसा होता है जिसे आप बाद में रिफंड के रूप में वापस पा सकते हैं। दुर्भाग्य से देश में करोड़ों रुपये लोग इसलिए गंवा देते हैं क्योंकि उन्हें पता ही नहीं होता कि यह पैसा क्लेम किया जा सकता है।

TCS क्या होता है और क्यों कटता है?

जब आप ₹10 लाख या उससे ज्यादा कीमत की कार खरीदते हैं, तो डीलर आपके बिल में TCS जोड़ देता है। यह पैसा सीधे सरकार के पास जमा हो जाता है। इस टैक्स का उद्देश्य सिर्फ बड़े लेन-देन को ट्रैक करना और टैक्स चोरी रोकना होता है। मतलब सरकार आपसे यह पैसा स्थायी रूप से नहीं लेती, सिर्फ रिकॉर्ड के लिए लेती है। यही कारण है कि आप ITR (Income Tax Return) भरते समय यह पूरा पैसा अपने बैंक अकाउंट में वापस ले सकते हैं।

Form 27D आपके रिफंड की चाबी

कार खरीदने के बाद आपके लिए सबसे जरूरी काम है डीलर से Form 27D लेना। यह एक तरह का TCS सर्टिफिकेट होता है, जिसमें साफ लिखा होता है कि कार खरीदते समय कितना TCS काटा गया। बिना Form 27D के आप TCS का रिफंड क्लेम नहीं कर पाएंगे। अक्सर लोग यह फॉर्म लेना भूल जाते हैं, और बाद में उन्हें क्लेम करने में दिक्कत होती है।

ITR में अपना पैसा कैसे वापस पाएं?

TCS रिफंड क्लेम करना वास्तव में काफी आसान प्रक्रिया है। इसके लिए आपको ITR भरते समय कुछ सरल स्टेप्स फॉलो करने होते हैं। सबसे पहले, ITR फाइल करने से पहले इनकम टैक्स पोर्टल से Form 26AS डाउनलोड करें और जांचें कि कार खरीद पर कटे हुए TCS की एंट्री उसमें दिखाई दे रही है या नहीं। इसके बाद, जब आप ITR भरें, तो उसी फॉर्म में इस TCS की जानकारी सही तरीके से दर्ज करें। जैसे ही आप ITR सबमिट करेंगे और सभी विवरण सही पाए जाएंगे, आपका रिफंड स्वतः ही आपके बैंक अकाउंट में ट्रांसफर कर दिया जाएगा। अगर आपका कोई बकाया टैक्स नहीं है, तो आपको यह पूरा TCS रिफंड वापस मिल जाता है। यह राशि कार की कीमत के आधार पर कभी-कभी हज़ारों से लेकर लाखों रुपये तक हो सकती है।

लोग TCS क्लेम क्यों नहीं करते?

इसके पीछे सबसे बड़ी वजह है जानकारी की कमी। अधिकतर लोग मान लेते हैं कि कार खरीदने के बाद सारी औपचारिकताएं पूरी हो गईं, जबकि असल में सरकार आपके पैसे का एक हिस्सा वापस देने के लिए तैयार रहती है, बस आपको उसे क्लेम करना होता है। TCS क्लेम नहीं करने के कारण हर साल करोड़ों रुपये बिना उपयोग के पड़े रह जाते हैं। कई लोग खुद ITR भी नहीं भरते, जिसकी वजह से यह महत्वपूर्ण जानकारी उनकी नजर में नहीं आती। जबकि सच यह है कि केवल एक छोटी-सी प्रक्रिया अपनाकर आप अपना यह पैसा आसानी से वापस पा सकते हैं।

इस पैसे को न भूलें

अब जब भी आप ₹10 लाख या उससे अधिक कीमत की कार खरीदें तो याद रखें कि TCS आपके द्वारा दिया गया एडवांस टैक्स है। यह सरकार की आय नहीं है। ITR भरकर आप ये पैसे आसानी से वापस ले सकते हैं। एक छोटी सी जागरूकता आपको हजारों रुपये दिला सकती है। इसलिए कार खरीदते समय Form 27D लेना न भूलें और समय पर ITR फाइल करके TCS का रिफंड जरूर क्लेम करें। समझदारी इसी में है कि आपका पैसा कहीं बिना वजह फंसा न रहे।

Richa Tripathi
रिचा त्रिपाठीauthor

रिचा त्रिपाठी टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में बिजनेस डेस्क पर सीनियर कॉपी एडिटर के रूप में कार्यरत हैं। मीडिया इंडस्ट्री में 7 वर्षों के अनुभव के साथ रिचा, पर्सनल फाइनेंस, स्टॉक मार्केट, टैक्स प्लानिंग और अर्थव्यवस्था से जुड़े विषयों पर मजबूत पकड़ रखती हैं। अब तक 8,000 से अधिक कंटेंट लिख चुकी रिचा की विशेषता है—जटिल वित्तीय जानकारियों को सरल, स्पष्ट और भरोसेमंद तरीके से पाठकों तक पहुंचाना। वह ऐसी स्टोरीज तैयार करती हैं जो न केवल जानकारीपूर्ण होती हैं, बल्कि आम पाठक की वित्तीय समझ को बेहतर बनाने में भी मदद करती हैं।

और पढ़ें
End of Article