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Paytm: पेटीएम का निवेश प्रस्ताव अभी सरकार विचाराधीन, वित्त सेवाओं के सचिव ने कहा अभी नहीं मिली मंजूरी

  • Edited by: Rohit Ojha
  • Updated Jul 26, 2024, 05:36 PM IST

Paytm: मुश्किलों में घिरी पेटीएम ने अपनी पूर्ण सब्सिडियरी यूनिट पेटीएम पेमेंट सर्विसेज लिमिटेड (PPSL) में 50 करोड़ रुपये का निवेश करने का प्रस्ताव रखा है। लेकिन इस प्रस्ताव को सरकार की पूर्व-मंजूरी लेनी जरूरी है। प्रस्ताव अभी भी अंतर-मंत्रालयी समिति के पास विचाराधीन है और इस पर जल्द ही फैसला होने की उम्मीद है।

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पेटीएम के निवेश प्रस्ताव को मंजूरी नहीं मिली है।

Paytm: वित्तीय सेवाओं के सचिव विवेक जोशी ने शुक्रवार को कहा कि चीन से जुड़े निवेशों की निगरानी करने वाली अंतर-मंत्रालयी समिति ने अभी तक पेटीएम की भुगतान एग्रीगेटर इकाई में उसके निवेश के प्रस्ताव को मंजूरी नहीं दी है। जोशी ने पीटीआई-भाषा से कहा कि पेटीएम का यह निवेश प्रस्ताव अभी भी अंतर-मंत्रालयी समिति के पास विचाराधीन है और इस पर जल्द ही फैसला होने की उम्मीद है।

प्रस्ताव पर निगरानी

मुश्किलों में घिरी पेटीएम ने अपनी पूर्ण सब्सिडियरी यूनिट पेटीएम पेमेंट सर्विसेज लिमिटेड (PPSL) में 50 करोड़ रुपये का निवेश करने का प्रस्ताव रखा है। लेकिन इस प्रस्ताव को सरकार की पूर्व-मंजूरी लेनी जरूरी है। दरअसल पेटीएम की मूल इकाई वन97 कम्युनिकेशंस लि. (OCL) में चीन से निवेश आया है। इस वजह से विदेश, गृह, वित्त एवं उद्योग मंत्रालयों के अधिकारियों की एक समिति इस पर गौर कर रही है कि OCL का पीपीएसएल में निवेश प्रस्ताव एफडीआई दिशानिर्देशों के अनुरूप है या नहीं।

2020 में पेटीएम ने लगाई थी अर्जी

जोशी ने कहा कि अंतर-मंत्रालयी पैनल से निवेश प्रस्ताव पर मंजूरी मिलने के बाद पेटीएम भुगतान एग्रीगेटर लाइसेंस पाने के लिए रिजर्व बैंक से संपर्क कर सकता है। रिजर्व बैंक उसके प्रस्ताव की जांच करने के बाद लाइसेंस देने के बारे में कोई फैसला करेगा। पेटीएम पेमेंट्स सर्विसेज लि. ने नवंबर, 2020 में भुगतान एग्रीगेटर के रूप में काम करने के लिए रिजर्व बैंक के पास लाइसेंस की अर्जी लगाई थी। लेकिन केंद्रीय बैंक ने नवंबर, 2022 में पीपीएसएल के आवेदन को खारिज कर दिया था।

एफडीआई नियम

रिजर्व बैंक ने कंपनी को एफडीआई नियमों के तहत प्रेस नोट-3 का अनुपालन करने के लिए इसे दोबारा जमा करने को कहा था। इसकी वजह यह है कि पीपीएसएल की मूल कंपनी ओसीएल में चीनी फर्म एंट ग्रुप कंपनी ने निवेश किया हुआ है। सरकार ने कोविड-19 महामारी के समय प्रेस नोट-3 के तहत घरेलू कंपनियों के अधिग्रहण को रोकने के लिए भारत के साथ जमीनी सीमा साझा करने वाले देशों से विदेशी निवेश को पूर्व-अनुमोदन लेना अनिवार्य कर दिया था।

पेटीएम पेमेंट्स बैंक

भारत के साथ सीमा साझा करने वाले देशों में चीन, बांग्लादेश, पाकिस्तान, भूटान, नेपाल, म्यांमार और अफगानिस्तान शामिल हैं। इस निर्देश के अनुरूप ओसीएल ने 14 दिसंबर, 2022 को प्रेस नोट-3 का अनुपालन करने के लिए भारत सरकार के समक्ष आवेदन किया था। पेटीएम की एक अन्य अनुषंगी कंपनी पेटीएम पेमेंट्स बैंक (पीपीबीएल) को इस साल की शुरुआत में रिजर्व बैंक ने दिशानिर्देशों का लगातार उल्लंघन करने पर बंद कर दिया था।

Rohit Ojha
Rohit Ojhaauthor

<p>रोहित ओझा Timesnowhindi.com में बतौर सीनियर कॉरस्पॉडेंट सितंबर 2023 से काम कर रहे हैं। यहां पर वो बिजेनस और यूटिलिटी की खबरों पर काम करते हैं। मीडिया इंडस्ट्री में पांच साल से अधिक का अनुभव। चुनावी खबरों से शुरू हुआ पत्रकारिता का सफर फिलहाल स्टॉक मार्केट, इकोनॉमी और पर्सनल फाइनेंस की खबरों के साथ जारी है। डेस्क और फील्ड दोनों में ही काम करने का तजुर्बा। टाइम्स नाऊ नवभारत से पहले अलग-अलग मीडिया संस्थानों में अलग-अलग बीट पर काम कर चुके हैं। अमर उजाला, टीवी9 हिंदी, इंडिया टीवी, आज तक जैसे मीडिया संस्थान में अलग-अलग बीट पर काम कर चुके हैं। स्टॉक मार्केट और इकोनॉमी के साथ-साथ देश की सियासी घटनाओं पर लिखने का अनुभव है। 2019 के आम चुनाव से लेकर तमाम विधानसभा की चुनावी खबरों पर काम किया है। 2019 का क्रिकेट वर्ल्ड कप और आईपीएल की खबरों पर भी काम किया है। किस्से-कहानियों में मन लगता है। शारदा यूनिवर्सिटी से मास-कम्युनिकेशन और जर्नलिज्म किया है। गृह जनपद- बक्सर। साहित्य, सियासत और सिनेमा पर लिखना-पढ़ना खूब पसंद है।</p>

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