क्या आप जानते हैं आपके मोबाइल में कितना सोना-चांदी छुपा है? हैरान कर देगा जवाब
- Authored by: रिचा त्रिपाठी
- Updated Feb 6, 2026, 12:35 PM IST
क्या आप जानते हैं कि आपका स्मार्टफोन सिर्फ एक गैजेट नहीं, बल्कि कीमती धातुओं की एक छोटी 'तिजोरी' है? एक साधारण से दिखने वाले फोन के अंदर असली सोना, चांदी और तांबा छुपा होता है। जिस फोन को हम पुराना होने पर बेकार समझ लेते हैं, उसके मदरबोर्ड और चिप्स में मौजूद ये कीमती धातुएं उसे बेशकीमती बनाती हैं। आइए जानते हैं आपके मोबाइल में कितनी मात्रा में सोना-चांदी छिपा है और कैसे यह असल में एक खजाना है।
gold silver in phone
आज के दौर में स्मार्टफोन हमारी जिंदगी का अटूट हिस्सा बन चुका है। हर साल दुनिया भर में करोड़ों नए फोन खरीदे जाते हैं और पुराने फोन कचरे (e-waste) के डिब्बे में डाल दिए जाते हैं। लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि जिस फोन को आप 'बेकार' समझकर फेंक देते हैं, उसके अंदर असली सोना, चांदी और तांबा छुपा होता है? जी हां, आपका छोटा सा दिखने वाला मोबाइल असल में धातुओं की एक छोटी सी 'खदान' है। विज्ञान और तकनीक की दुनिया में मोबाइल फोन बनाने के लिए बेहद कीमती धातुओं का इस्तेमाल किया जाता है ताकि वे तेजी से और बिना गरम हुए काम कर सकें।
फोन में सोना और चांदी क्यों होता है?
एक स्मार्टफोन के अंदर बिजली का प्रवाह (Electricity Flow) बहुत तेज होना चाहिए। सोना (Gold) बिजली का एक बेहतरीन सुचालक (Conductor) होता है और इसमें कभी जंग नहीं लगती। इसीलिए फोन के मदरबोर्ड, चिप्स और सर्किट को जोड़ने वाले बारीक तारों में सोने का इस्तेमाल किया जाता है। चांदी (Silver) का उपयोग सर्किट बोर्ड के प्रिंटेड रास्तों और बटन के नीचे के कनेक्टर्स में किया जाता है, क्योंकि चांदी बिजली को सबसे तेजी से दौड़ने में मदद करती है।
कितनी होती है इन धातुओं की मात्रा?
अगर मात्रा की बात करें, तो एक औसत स्मार्टफोन में लगभग 0.034 ग्राम सोना और करीब 0.35 ग्राम चांदी होती है। इसके अलावा इसमें लगभग 15 ग्राम तांबा (Copper) और कुछ मात्रा में पैलेडियम जैसी दुर्लभ धातुएं भी होती हैं। सुनने में यह मात्रा बहुत कम लग सकती है, लेकिन जब हम लाखों-करोड़ों फोन की बात करते हैं, तो यह आंकड़ा चौका देने वाला हो जाता है। एक अनुमान के मुताबिक, करीब 41 मोबाइल फोन को अगर पूरी तरह रिसाइकिल किया जाए, तो उनसे कम से कम 1 ग्राम शुद्ध सोना निकाला जा सकता है।
खानों से ज्यादा सोना है 'ई-वेस्ट' में
हैरान करने वाली बात यह है कि एक टन पुराने मोबाइल फोन (करीब 6000 से 10,000 फोन) से उतना सोना निकाला जा सकता है, जितना कि एक टन सोने की खदान के पत्थर (Gold Ore) से भी नहीं निकलता। सोने की खदान से एक टन पत्थर निकालने पर औसतन 1 से 5 ग्राम सोना मिलता है, जबकि एक टन मोबाइल कचरे से 300 से 400 ग्राम तक सोना निकाला जा सकता है। यही कारण है कि दुनिया भर में 'अर्बन माइनिंग' (Urban Mining) का चलन बढ़ रहा है, जहां कंपनियां जमीन खोदने के बजाय पुराने इलेक्ट्रॉनिक कचरे से कीमती धातुएं निकाल रही हैं।
आपकी जेब के लिए सबक
जब आप अपना पुराना फोन किसी कूड़े वाले को देते हैं या घर के किसी कोने में फेंक देते हैं, तो आप अनजाने में कीमती संसाधन बर्बाद कर रहे होते हैं। इन धातुओं को निकालने की प्रक्रिया काफी जटिल होती है और इसके लिए खास तरह के रसायनों का इस्तेमाल किया जाता है। अगर इन फोन्स को सही तरीके से रिसाइकिल न किया जाए, तो इनमें मौजूद लेड (Lead) और मरकरी (Mercury) जैसे जहरीले तत्व जमीन और पानी को प्रदूषित कर सकते हैं।
