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हमें गलतियों के चक्र से बाहर निकलना होगा- NEET विवाद पर सुप्रीम कोर्ट की सख्त टिप्पणी

सुप्रीम कोर्ट में आज नीट पेपर लीक विवाद पर सुनवाई हुई, जहां सुप्रीम कोर्ट ने सख्त रूख अपनाया और डॉ. के. राधाकृष्णन समिति की सिफारिशों के लागू करने को लेकर सवाल भी पूछे।

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सुप्रीम कोर्ट (फाइल फोटो-PTI)

NEET (राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा) विवाद पर सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने बेहद सख्त रुख अपनाया है। उच्चतम न्यायलय (Supreme Court) ने परीक्षा प्रणाली की पर गंभीर सवाल उठाते हुए कहा कि हमें परीक्षा तंत्र में बार-बार होने वाली गलतियों के चक्र को हर हाल में खत्म करना होगा। सुप्रीम कोर्ट ने स्पष्ट किया कि वह सुधारों की प्रक्रिया की खुद निगरानी करेगा और इसके लिए वो उम्मीद से कहीं ज्यादा आगे जा सकता।

'भारतीय वायुसेना से प्रश्नपत्र ले जाना सिर्फ अस्थाई व्यवस्था'

सुनवाई के दौरान सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने अदालत को सूचित किया कि सुधारों पर काम चल रहा है और इस पर प्रगति जारी है। केंद्र सरकार बच्चों की समस्याओं को दूर करने के लिए हर संभव कदम उठाने को तैयार है। नीट प्रश्नपत्र लीक रोकने के सभी कदम सर्वोच्च कार्यपालिका स्तर की निगरानी में उठाए जा रहे हैं।

डॉ. के. राधाकृष्णन समिति की सिफारिशों का हवाला

सुनवाई के दौरान पीठ ने पूर्व इसरो अध्यक्ष डॉ. के. राधाकृष्णन समिति की सिफारिशों का हवाला दिया। पीठ ने टिप्पणी की कि इस साल पैदा हुई अप्रत्याशित स्थिति के कारण प्रश्नपत्रों के परिवहनके लिए भारतीय वायुसेना (IAF) की मदद ली गई थी, लेकिन यह केवल एक तात्कालिक और अस्थाई उपाय है। इसे स्थाई तंत्र नहीं बनाया जा सकता। अदालत ने कहा कि प्रश्नपत्रों के सुरक्षित परिवहन के लिए एक मजबूत, फूल-प्रूफ और स्थाई संस्थागत तंत्र विकसित करना अनिवार्य है।

हाइब्रिड मॉडल और डिजिटल ट्रांसमिशन पर मांगा जवाब

अदालत ने राधाकृष्णन समिति के उस सुझाव पर NTA और केंद्र सरकार का रुख मांगा, जिसमें प्रश्नपत्रों के हाइब्रिड फॉर्मेट (Hybrid Format) की सिफारिश की गई है।

क्या है हाइब्रिड मॉडल?

इस व्यवस्था के तहत प्रश्नपत्रों को परीक्षा से ठीक 30 से 60 मिनट पहले एन्क्रिप्टेड डिजिटल लिंक के जरिए परीक्षा केंद्रों पर भेजा जाएगा और वहीं स्थानीय स्तर पर प्रिंट किया जाएगा। इससे पेपर के ट्रांसपोर्टेशन के दौरन और स्ट्रॉन्ग रूम से पेपर लीक होने की गुंजाइश पूरी तरह खत्म हो जाएगी।इसके अतिरिक्त, सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार से परीक्षा को कंप्यूटर आधारित टेस्ट (CBT - Computer Based Test) फॉर्मेट में आयोजित करने की संभावनाओं पर भी अपने विचार स्पष्ट करने को कहा है।

साइबर सुरक्षा और NTA में सुधार

पीठ ने NTA को निर्देश दिया कि वह परीक्षा प्रणाली के साइबर सुरक्षा पहलुओं पर विशेष ध्यान दे। साथ ही, NTA के बोर्ड के पुनर्गठन, उसमें विषय विशेषज्ञों के नामांकन और परीक्षा पूर्व सुधारों पर विस्तृत योजना प्रस्तुत करने का निर्देश दिया। सुप्रीम कोर्ट ने NTA और केंद्र सरकार को आदेश दिया है कि वे प्रश्नपत्रों के सुरक्षित परिवहन, हाइब्रिड मॉडल, CBT मोड और साइबर सुरक्षा जैसे तमाम बिंदुओं पर 3 अगस्त तक अपना विस्तृत हलफनामा दाखिल करें।

Shishupal Kumar
शिशुपाल कुमारauthor

शिशुपाल कुमार टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल के न्यूज डेस्क में कार्यरत एक अनुभवी पत्रकार हैं, जिन्हें 13 वर्षों का अनुभव हासिल है। राजनीतिक, अंतरराष्ट्रीय और क्राइम रिपोर्टिंग में गहरी रुचि और मजबूत पकड़ के साथ वे समाचारों की बारीकियों को समझने और उन्हें प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत करने के लिए जाने जाते हैं। शिशुपाल ने अपने करियर की शुरुआत एक इन्वेस्टिगेटिव जर्नलिस्ट के रूप में की, जहां उन्होंने प्रोडक्शन से लेकर ग्राउंड रिपोर्टिंग तक पत्रकारिता के कई महत्वपूर्ण पहलुओं में काम किया। फील्ड रिपोर्टिंग और डेस्क दोनों स्तरों पर उनकी दक्षता है। अब तक शिशुपाल कुमार 15,000 से अधिक खबरें प्रकाशित कर चुके हैं। वह ब्रेकिंग न्यूज, रियल-टाइम कवरेज, डेटा-आधारित विश्लेषण और एक्सप्लेनर लिखने में खास महारत रखते हैं। उनकी स्टोरीज तथ्यों की सटीकता और सहज भाषा की वजह से पाठकों पर मजबूत प्रभाव छोड़ती हैं।

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