पंजाब नेशनल बैंक (PNB) ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की मदद से होने वाली साइबर धोखाधड़ी को लेकर अपने ग्राहकों को सतर्क किया है। बैंक ने चेतावनी दी है कि ठग अब आवाज की नकल करने, डीपफेक वीडियो बनाने और फर्जी मैसेज भेजने जैसी तकनीकों का इस्तेमाल कर लोगों को अपना शिकार बना रहे हैं। ऐसे में किसी अनजान कॉल, ईमेल या मैसेज पर तुरंत भरोसा करना आपकी मेहनत की कमाई के लिए खतरा बन सकता है।
परिवार और दोस्तों की आवाज में भी आ सकता है फोन
PNB ने PTI/भाषा को बताया कि साइबर अपराधी अब ऐसी तकनीक का इस्तेमाल कर रहे हैं, जिससे उनकी ठगी असली लगती है। वे AI की मदद से परिवार के सदस्यों, दोस्तों या किसी भरोसेमंद व्यक्ति की आवाज की नकल कर सकते हैं। इसके बाद किसी दुर्घटना, परेशानी या दूसरी आपात स्थिति का हवाला देकर तुरंत पैसे भेजने के लिए कह सकते हैं।
बैंक के प्रबंध निदेशक और मुख्य कार्यपालक अधिकारी (CEO) अशोक चंद्रा ने कहा कि ठग लोगों के भरोसे, डर और जल्दबाजी का फायदा उठाते हैं। अचानक किसी करीबी की आवाज में मदद के लिए फोन आए और पैसे भेजने का दबाव बनाया जाए, तो बिना पुष्टि किए कोई कदम नहीं उठाना चाहिए।
असली बैंक मैसेज जैसा दिख सकता है फर्जी संदेश
साइबर ठगी का एक और तरीका फिशिंग है। इसमें अपराधी फर्जी ईमेल, एसएमएस या मैसेज भेजकर ग्राहकों की गोपनीय जानकारी हासिल करने की कोशिश करते हैं। ऐसे संदेश देखने में बैंक के असली संदेशों जैसे लग सकते हैं।
इनमें अकाउंट बंद होने, केवाईसी अपडेट करने या किसी समस्या को तुरंत ठीक करने का दबाव बनाया जा सकता है। जल्दबाजी में ग्राहक मैसेज में दिए गए लिंक पर क्लिक कर देते हैं या अपनी बैंकिंग से जुड़ी जानकारी साझा कर बैठते हैं। इससे उनके खाते से पैसे निकलने का खतरा बढ़ जाता है।
ठगी से बचने के लिए क्या करें?
PNB ने ग्राहकों को सलाह दी है कि किसी भी कॉल या मैसेज के आधार पर तुरंत पैसे न भेजें। अगर कोई परिचित आपात स्थिति बताकर पैसे मांगता है, तो उसके पुराने या पहले से उपलब्ध नंबर पर फोन करके पुष्टि करें। अनजान लिंक पर क्लिक करने से बचें और किसी के साथ अपना ओटीपी, एटीएम पिन, पासवर्ड या अन्य गोपनीय बैंकिंग जानकारी साझा न करें। अगर कोई संदेश बैंक की ओर से आया हुआ लगता है, तो भी उसकी पुष्टि बैंक के आधिकारिक माध्यम से करें। केवल आवाज पहचानकर किसी की पहचान पर भरोसा करना भी सुरक्षित नहीं है।
साइबर सुरक्षा के लिए जागरूकता जरूरी
बैंक ने बताया कि अक्टूबर को राष्ट्रीय साइबर सुरक्षा जागरूकता माह के रूप में मनाया जाता है। इस दौरान लोगों को ऑनलाइन धोखाधड़ी के तरीकों और उनसे बचने के उपायों के प्रति जागरूक करना अहम है। देश में साइबर अपराध के बढ़ते मामलों के बीच बैंक भी सूचना प्रौद्योगिकी और साइबर सुरक्षा पर निवेश बढ़ा रहे हैं।
