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Cow Dung Powered Tractor: अब डीजल नहीं गाय के गोबर से चलेगा Tractor, खासियत जान चौंक उठेंगे

  • Authored by: आदित्य सिंह
  • Updated Jan 19, 2023, 01:10 PM IST

​​Cow Dung Powered Tractor: बाजार में गाय के गोबर से चलने वाला ट्रैक्टर आ गया है। ट्रैक्टर ठीक डीजल से चलने वाले ट्रैक्टर की तरह ही काम करता है। इस ट्रैक्टर की खास बात यह है कि, यह जलवायु परिवर्तन से निपटने में भी कारगार हो सकता है। साथ इसकी कीमत डीजल व पेट्रोल से चलने वाले ट्रैक्टर की तुलना में काफी कम है। आप भी देखें इस ट्रैक्टर की खासियत।

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गाय के गोबर से चलेगा ट्रैक्टर

KEY HIGHLIGHTS
  • बाजार में गया गाय के गोबर से चलने वाला ट्रैक्टर।
  • यह ट्रैक्टर जलवायु परिवर्तन से निपटन में भी कारगार।
  • इसे चलाने में डीजल की तुलना में कम खर्च आएगा।

Cow Dung Powered Tractor: पेट्रोल डीजल के बढ़ते दाम लोगों के लिए चिंता का विषय बन गए हैं। यही कारण है कि बाजार में इलेक्ट्रिक व्हीकल की मांग बढ़ गई है। वहीं इलेक्ट्रिक व्हीकल के बाद बाजार में गाय के गोबर से चलने वाला ट्रैक्टर भी आ गया है। जी हां इसे सुनकर आपके माथे पर सिकुड़न आ गई होगी और आप हैरान रह (biogas tractor in india) गए होंगे। लेकिन अब किसानों को गाय से मिलने वाले गोबर को फेंकना नहीं होगा बल्कि आप इसका इस्तेमाल ट्रैक्टर चलाने के लिए भी कर सकते हैं। ब्रिटिश कंपनी Bennamann ने एक ऐसा ट्रैक्टर बनाया है जो गाय के गोबर (biogas powered Tractor)चलता है।

इसे चलाने के लिए पेट्रोल और डीजल की जरूरत नहीं बल्कि गाय के गोबर की आवश्यकता (Biogas Operating Tractor) पड़ती है। ट्रैक्टर ठीक डीजल से चलने वाले ट्रैक्टर की तरह ही काम करता है। बता दें गाय के गोबर में फ्यूजिटिव मीथेन गैस पाई जाती है, जिसका इस्तेमाल बायो मीथेन बनाने के लिए किया जाता है। ऐसे में आप मीथेन गैस का इस्तेमाल कर ट्रैक्टर को चला सकेंगे। इस ट्रैक्टर की कीमत अन्य ट्रैक्टर में तुलना में काफी कम है।

क्लाइमेट चेंज से निपटने में मददगार

इस ट्रैक्टर की सबसे खास बात यह है कि, डीजल वाले ट्रैक्टर से इसे बिल्कुल भी कम नहीं आंका जा सकता। बायोमीथेन से बना यह ट्रैक्टर क्लाइमेट चेंज से निपटने में भी काफी मददगार होता है। साथ ही इस ट्रैक्टर को दूसरे कार्यों के लिए भी प्रयोग में लाया जा सकता है। बेनामन के सह संस्थापक क्रिसमान का कहना है कि, यह तरल मीथेन से चलने वाला दुनिया का पहला ट्रैक्टर है। कृषि उद्योग को डीकार्बोनाइज करने की ओर से यह पहला ट्रैक्टर होगा। इसके अलावा आप इसे इलेक्ट्रिक वाहनों को चार्ज करने के लिए भी कर सकते हैं।

ट्रैक्टर में लगाया गया है क्रायोजेनिक टैंक

इसे चलाने के लिए सबसे पहले गाय के गोबर को इकट्ठा कर बायोमीथेन बनाया जाता है। इसके लिए ट्रैक्टर में क्रायोजेनिक टैंक भी लगाया गया है, जिसमें गाय के गोबर से तैयार मीथेन का इस्तेमाल किया जाता है। यह टैंक करीब 162 डिग्री तापमान में बायो मीथेन को लिक्यूइफाय करता है, जो इसे चलने के लिए डीजल से भी ज्यादा ताकत देती है।

डीजल की तुलना में कम खर्च

यह ट्रैक्टर डीजल ट्रैक्टर की तुलना में कम प्रदूषण उत्सर्जित करता है। इससे प्रदूषण को कम करने व वातावरण को स्वच्छ रखने में भी मदद मिलेगी। साथ ही इसे चलाने में डीजल की तुलना में कम खर्च आएगा। क्योंकि गांव में लगभग हर घर में गाय का गोबर उपलब्ध हो जाता है। 270 हॉर्स पावर का यह ट्रैक्टर दिखने में बिल्कुल डीजल ट्रैक्टर की तरह है। जानकारों की मानें तो बाजार में इस ट्रैक्टर के आने के बाद किसानों को काफी राहत मिलने वाली है।

जलवायु परिवर्तन से निपटने में कारगार

Bennaman कंपनी एक दशक से अधिक समय से बायोमीथेन उत्पादन पर शोध कर रही है। पूरी दुनिया इस ट्रैक्टर को काफी उम्मीद से देख रही है, क्योंकि यह ट्रैक्टर जलवायु परिवर्तन से निपटने में भी कारगार होगा। यह ट्रैक्टर ठीक वैसे ही काम करता है जैसे सीएनजी से वाहन चलता है।
आदित्य सिंह
आदित्य सिंहauthor

आदित्य सिंह टाइम्स नाउ नवभारत की डिजिटल टीम में एजुकेशन सेक्शन पर लिखते हैं। मीडिया में 5 साल का अनुभव रखने वाले आदित्य सिंह स्कूली शिक्षा से लेकर प्रतियोगी परीक्षाओं, जॉब वैकेंसी, करियर ऑप्शन्स, बोर्ड रिजल्ट, एग्जाम टिप्स और करंट अफेयर्स—इन सभी पर उनकी पकड़ मजबूत है। तेजी से खबर ब्रेक करना और युवाओं को उपयोगी और प्रेरक जानकारी देना उनकी प्रमुख विशेषताओं में शामिल है। पांच साल से आदित्य सिंह लगातार एजुकेशन सेक्शन के लिए खबरें लिख रहे हैं और छह हजार से अधिक आर्टिकल पब्लिश कर चुके हैं। एक एजुकेशन राइटर के रूप में उनका फोकस हमेशा यही रहता है कि छात्रों और युवाओं तक सटीक, समय पर और उपयोगी जानकारी सबसे पहले पहुंचे।

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