Train RAC Passenger Seat: अक्सर होली, दिवाली, छठ पर्व जैसे मौके पर टिकट कटाने पर कंफर्म टिकट नहीं मिलता है, वेटिंग लिस्ट मिल जाता है। हमें लगता है कि कम से कम रिजर्वेशन अगेंस्ट कैंसिलेशन (RAC) को मिल जाना चाहिए। अधिकांश यात्रियों को आरएसी मिल भी जाता है। लेकिन आरएसी बर्थ में परेशानी यह है कि एक ही सीट पर दो लोगों को यात्रा करनी पड़ती है। मुश्किल यह होती है कि एक बर्थ के लिए एक ही कंबल, बेडशीट, तकिया और तौलिए मिलता है। जिसकी वजह से आरएसी सीट के यात्रियों में झगड़ा हो जाया करता है। लेकिन इसके निदान के रेलवे ने प्लान तैयार कर लिया है। एक बर्थ पर आरएसी के दौनों पैसेंजर्स को अब अलग-अलग बेड रोल दिया जाएगा।
रेलवे ने क्यों लिया यह फैसला?
हाल के दिनों में रेलवे बोर्ड ने सभी जोनल रेलवे और आईआरसीटीसी को पत्र भेजकर निर्देश दिया कि एक बर्थ पर आरएसी के दोनों यात्रियों को अलग-अलग कंबल, बेड शीट, तकिया और तौलिया दिया जाए। पत्र के मुताबिक यात्रियों की परेशानी की पड़ताल के बाद यह फैसला लिया गया है कि एसी क्लास (एसी चेयर कार को छोड़कर) में यात्रा करने वाले आरएसी यात्रियों को पूरी बेड रोल किट दी जाएगी। रेलवे अधिकारी के मुताबिक यह फैसला इसलिए लिया गया कि एसी क्लास यात्रा के लिए मानक जरूरतों के हिसाब से आरएसी यात्रियों के किराए में बेडरोल चार्ज पहले से ही शामिल है। इसलिए आरएसी यात्रियों को कंबल, बेड शीट, तकिया और तौलिया देने का निर्देश दिया गया। रेलवे चाहता है कि सभी यात्रियों के साथ एक समान व्यवहार होना चाहिए। साथ ही यात्रा आरामदायक हो।
साइड लोअर बर्थ होती है आरएसी सीट
ट्रेन के एसी डिब्बे में रेलवे की तरफ से कंबल, बेड शीट, तकिया और तौलिया दिए जाते हैं। पूर्ण बेड रोल के एक किट में दो साफ सुथरी चादर, हाथ मुंह पोछने के लिए एक तौलिया, धुली हुई कवर के साथ एक तकिया और कंबल दिया जाता है। हमेशा आरएसी बर्थ साइड लोअर बर्थ होती है। एक ही बर्थ पर दो यात्रियों को टिकट दी जाती है। अक्सर किसी वजह से किसी यात्रियों की सीट खाली पायी जाती है तो उस पर आरएसी वालों को कंफर्म सीट दी जाती है। मोदी सरकरा ने 17 जनवरी से 2017 से सभी यात्री ट्रेनों में आरएसी वाली बर्थ की संख्या बढ़ा दी है।
