Kuno National Park: पिछले कुछ माह से कूनो नेशनल पार्क काफी चर्चा में बना हुआ है। इसकी वजह है यहां पर नामीबिया से लाए गए 8 चीते। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने जन्मदिन पर इन चीतों को कूनो नेशनल पार्क में छोड़ा था। इसके बाद से इन चीतों को देखने के लिए कूनो पार्क घूमने आने वाले लोगों की संख्या लगातार बढ़ती जा रही है। हालांकि ये चीते अभी बाड़े में ही हैं। नामीबिया और कूनो नेशनल पार्क के तापमान, जलवायु, वातावरण में काफी फर्क है। इसकी वजह से इन्हें अभी बड़े में रखकर इनके सेहत पर नजर रखी जा रही है।
ऐसे में सबसे बड़ा सवाल उठता है कि, इन चीतों को यहां आने वाली पब्लिक कब देख पाएगी। कूनो नेशनल पार्क के अधिकारियों के अनुसार वर्ष 2023 के जनवरी माह में इन्हें जंगल में छोड़ दिया जाएगा। जिसके बाद लोग जंगल में विचरण करते इन चीतों को देख सकेंगे। हालांकि अभी तक इसकी तारीख निश्चित नहीं की गई है। इसलिए कूनो पार्क की बेवसाइट और घोषणाओं पर नजर बनाए रखना जरूरी है। यहां से इन चीतों के बारे में सटीक जानकारी मिल सकती है। जिसके अनुसार आप कूनो पार्क घूमने का प्लान तैयार कर सकते हैं। आइए जानते हैं कूनो नेशनल पार्क के बारे में कुछ खास बातें।
जानें, कूनो नेशनल पार्क को
कूनो नेशनल पार्क मध्य प्रदेश राज्य में स्थित है और यह शियोपुर और मुरैना जिलों तक फैला हुआ है। वाइल्ड सैंक्चुरी के तौर पर कूनो नेशनल पार्क की स्थापना वर्ष 1981 में की गई थी। वर्ष 2009 में इस सैंक्चुरी में चीतों के पुनर्वास के लिए संभावित स्थल के तौर पर प्रस्तावित भी किया गया था। इस अभ्यारण्य को वर्ष 2018 में नेशनल पार्क में बदल दिया गया था. यह पार्क लगभग 900 वर्ग किलोमीटर के एरिया में फैला हुआ है। 17 सितंबर 2022 को यहां नामीबिया से नर-मादा चीते लाए गए। जिसके बाद यह देश का पहला चीता अभ्यारण्य है।
कूनो नेशनल पार्क में क्या देखें
अगर आप यहां घूमने जाने की योजना बना रहे हैं तो अभी आ सकते हैं। अक्टूबर से फरवरी माह कूनो घूमने के लिए बेहतर माना जाता हैं। यहां आपको कई तरह के जानवर देखने को मिल जाएंगे। यहां तेंदुआ, जंगली सूअर, भेड़िया, सियार, हिरण, नीलगाय, चिंकारा, बड़े-बड़े सींग वाले मृग, सांभर, बंदर आदि देख सकते हैं। इसके अलावा भी यहां पर कई जानवर दिख सकते हैं। हालांकि अगर चीता देखना चाहते हैं तो जनवरी के बाद आएं।
कूनो नेशनल पार्क कैसे पहुंचें
कूना नेशनल पार्क पहुंचना बेहद आसान है। आप रेलमार्ग, सड़कमार्ग के अलावा हवाईमार्ग से भी यहां पहुंच सकते हैं। इस पार्क तक पहुंचने के लिए नजदीकी हवाई अड्डा ग्वालियर है। यहां से मुरैना लगभग 30 किलोमीटर दूर है। अगर ट्रेन से जा रहे हैं, तो मुरैना, भिंड जिले तक ट्रेन से यात्रा कर सकते हैं। इन सभी जिलों में आप बस से भी पहुंच सकते हैं। आप पर्सनल कार या टैक्सी से सीधे जंगल पहुंच सकते हैं।
