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Banking Fraud: करीब 17 फीसदी भारतीय सुरक्षित नहीं रखते फाइनेंस से जुड़ा पासवर्ड, दूसरों से शेयर करते हैं पिन

  • Edited by: Rohit Ojha
  • Updated Jul 3, 2024, 03:16 PM IST

Banking Fraud: एक सर्वे में सामने आया है कि प्रत्येक छह में से एक भारतीय (लगभग 17 प्रतिशत) महत्वपूर्ण वित्तीय पासवर्ड असुरक्षित तरीके से रखते हैं। रिजर्व बैंक ने पिछले दो वर्षों में बैंक धोखाधड़ी में 300 फीसदी की वृद्धि का खुलासा किया था। अगर आपको कभी फ्रॉड से जुड़ा कॉल आए, तो इस बारे में तुरंत रिपोर्ट करें।

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Banking Fraud: देश में लगातार साइबर फ्रॉड के मामलों में उछाल देखने को मिल रहा है। इस बीच एक सर्वे में सामने आया है कि प्रत्येक छह में से एक भारतीय (लगभग 17 प्रतिशत) महत्वपूर्ण वित्तीय पासवर्ड असुरक्षित तरीके से रखते हैं। मंगलवार को प्रकाशित एक हालिया सर्वेक्षण में यह निष्कर्ष निकाला गया है। सर्वे में पाया गया कि लगभग 17 प्रतिशत लोग एटीएम, डेबिट या क्रेडिट कार्ड, बैंक खातों और ऐप स्टोर के महत्वपूर्ण पासवर्ड को ‘असुरक्षित’ तरीके से रखते (स्टोर करते) हैं, जिसमें उनकी संपर्क सूची या मोबाइल फोन पर नोट शामिल हैं, जिससे डेटा चोरी होने का खतरा बढ़ जाता है।

बैंक धोखाधड़ी में इजाफा

लोकलसर्किल्स द्वारा किए गए सर्वेक्षण में 367 जिलों के 48,000 से अधिक उत्तरदाता शामिल थे। इसमें कहा गया कि 34 प्रतिशत लोगों ने कहा कि वे अपने पासवर्ड दूसरों के साथ शेयर करते हैं। लोकलसर्किल्स ने बयान में कहा कि इस साल मई में, रिजर्व बैंक ने पिछले दो वर्षों में बैंक धोखाधड़ी में 300 फीसदी की वृद्धि का खुलासा किया था। सर्वे के अनुसार, लगभग दो-तिहाई लोगों ने कहा कि वे महत्वपूर्ण पासवर्ड अपने पास रखते हैं, जबकि शेष 34 प्रतिशत ने कहा कि वे इसे शेयर करते हैं।

पासवर्ड शेयर

सर्वे में कहा गया है कि उत्तरदाताओं ने बताया कि पासवर्ड शेयर करने का एक बड़ा हिस्सा एक या अधिक परिवार के सदस्यों के साथ होता है, जबकि कुछ इसे घरेलू या कार्यालय के कर्मचारियों और दोस्तों के साथ भी शेयर करते हैं। सर्वे में यह भी कहा गया है कि 53 प्रतिशत लोगों ने बताया कि या तो वे स्वयं या उनके निकट परिवार के किसी सदस्य ने पिछले पांच वर्षों में वित्तीय धोखाधड़ी का अनुभव किया है।

तुरंत करें रिपोर्ट

अगर आपको कभी फ्रॉड से जुड़ा कॉल आए, तो इस बारे में तुरंत रिपोर्ट करें। सरकार की तरफ से शिकायत दर्ज कराने के लिए चक्षु नाम से प्लेटफॉर्म शुरू किया गया है। आप इसपर संदिग्ध मैसेज, नंबर और फिशिंग के प्रयासों की रिपोर्ट कर सकते हैं। चक्षु की सविधा www.sancharsaathi.gov.in पर उपलब्ध है। अगर आप ऐसे किसी साइबर फ्रॉड का शिकार हो जाते हैं, तो तुरंत 1930 नंबर पर कॉल करके सूचित करें। इसके अलावा cybercrime.in पर रिपोर्ट दर्ज कराएं। (भाषा)

Rohit Ojha
Rohit Ojhaauthor

<p>रोहित ओझा Timesnowhindi.com में बतौर सीनियर कॉरस्पॉडेंट सितंबर 2023 से काम कर रहे हैं। यहां पर वो बिजेनस और यूटिलिटी की खबरों पर काम करते हैं। मीडिया इंडस्ट्री में पांच साल से अधिक का अनुभव। चुनावी खबरों से शुरू हुआ पत्रकारिता का सफर फिलहाल स्टॉक मार्केट, इकोनॉमी और पर्सनल फाइनेंस की खबरों के साथ जारी है। डेस्क और फील्ड दोनों में ही काम करने का तजुर्बा। टाइम्स नाऊ नवभारत से पहले अलग-अलग मीडिया संस्थानों में अलग-अलग बीट पर काम कर चुके हैं। अमर उजाला, टीवी9 हिंदी, इंडिया टीवी, आज तक जैसे मीडिया संस्थान में अलग-अलग बीट पर काम कर चुके हैं। स्टॉक मार्केट और इकोनॉमी के साथ-साथ देश की सियासी घटनाओं पर लिखने का अनुभव है। 2019 के आम चुनाव से लेकर तमाम विधानसभा की चुनावी खबरों पर काम किया है। 2019 का क्रिकेट वर्ल्ड कप और आईपीएल की खबरों पर भी काम किया है। किस्से-कहानियों में मन लगता है। शारदा यूनिवर्सिटी से मास-कम्युनिकेशन और जर्नलिज्म किया है। गृह जनपद- बक्सर। साहित्य, सियासत और सिनेमा पर लिखना-पढ़ना खूब पसंद है।</p>

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