Banking Fraud: देश में लगातार साइबर फ्रॉड के मामलों में उछाल देखने को मिल रहा है। इस बीच एक सर्वे में सामने आया है कि प्रत्येक छह में से एक भारतीय (लगभग 17 प्रतिशत) महत्वपूर्ण वित्तीय पासवर्ड असुरक्षित तरीके से रखते हैं। मंगलवार को प्रकाशित एक हालिया सर्वेक्षण में यह निष्कर्ष निकाला गया है। सर्वे में पाया गया कि लगभग 17 प्रतिशत लोग एटीएम, डेबिट या क्रेडिट कार्ड, बैंक खातों और ऐप स्टोर के महत्वपूर्ण पासवर्ड को ‘असुरक्षित’ तरीके से रखते (स्टोर करते) हैं, जिसमें उनकी संपर्क सूची या मोबाइल फोन पर नोट शामिल हैं, जिससे डेटा चोरी होने का खतरा बढ़ जाता है।
बैंक धोखाधड़ी में इजाफा
लोकलसर्किल्स द्वारा किए गए सर्वेक्षण में 367 जिलों के 48,000 से अधिक उत्तरदाता शामिल थे। इसमें कहा गया कि 34 प्रतिशत लोगों ने कहा कि वे अपने पासवर्ड दूसरों के साथ शेयर करते हैं। लोकलसर्किल्स ने बयान में कहा कि इस साल मई में, रिजर्व बैंक ने पिछले दो वर्षों में बैंक धोखाधड़ी में 300 फीसदी की वृद्धि का खुलासा किया था। सर्वे के अनुसार, लगभग दो-तिहाई लोगों ने कहा कि वे महत्वपूर्ण पासवर्ड अपने पास रखते हैं, जबकि शेष 34 प्रतिशत ने कहा कि वे इसे शेयर करते हैं।
पासवर्ड शेयर
सर्वे में कहा गया है कि उत्तरदाताओं ने बताया कि पासवर्ड शेयर करने का एक बड़ा हिस्सा एक या अधिक परिवार के सदस्यों के साथ होता है, जबकि कुछ इसे घरेलू या कार्यालय के कर्मचारियों और दोस्तों के साथ भी शेयर करते हैं। सर्वे में यह भी कहा गया है कि 53 प्रतिशत लोगों ने बताया कि या तो वे स्वयं या उनके निकट परिवार के किसी सदस्य ने पिछले पांच वर्षों में वित्तीय धोखाधड़ी का अनुभव किया है।
तुरंत करें रिपोर्ट
अगर आपको कभी फ्रॉड से जुड़ा कॉल आए, तो इस बारे में तुरंत रिपोर्ट करें। सरकार की तरफ से शिकायत दर्ज कराने के लिए चक्षु नाम से प्लेटफॉर्म शुरू किया गया है। आप इसपर संदिग्ध मैसेज, नंबर और फिशिंग के प्रयासों की रिपोर्ट कर सकते हैं। चक्षु की सविधा www.sancharsaathi.gov.in पर उपलब्ध है। अगर आप ऐसे किसी साइबर फ्रॉड का शिकार हो जाते हैं, तो तुरंत 1930 नंबर पर कॉल करके सूचित करें। इसके अलावा cybercrime.in पर रिपोर्ट दर्ज कराएं। (भाषा)
