Women's Day 2025: घूमने से समझ में जो कुछ भी बेहतरी महसूस होती है, उसी में छंटाक भर और बढ़त के लिए, थोड़े समाज और थोड़े खुद की खोज के लिए और मूल रूप से मजे के लिए, जरूरी है सही जगह जाना। आपकी पसंद क्या है, किस तरह की चीजें आपको बरबस खींचती करती हैं ये तो बस आपको मालूम है, लेकिन अगर आप महिला हैं तो इस सामाजिक ताने-बाने से कुछ दरकिनारी आपके लिए पुरुषों से ज्यादा जरूरी है। इस स्केप के तमाम जरियों में से सबसे खास होता है, कहीं घूमने निकल पड़ना। अकेले या किसी के साथ ये हम आप पर छोड़ते हैं और सलाह देते हैं देश की पांच ऐसी जगहों की, जहां एक बार आपका जाना तो बनता ही है, पहले एक महिला के तौर पर और बाद में एक खोजी के तौर पर।
1. हुमायूं का मकबरा
मुगल पहली बार साल 1526 में भारत आए थे और मुगल वास्तुकला की पहली बड़ी इमारत बनी 1562 में, जो हुमायूं का मकबरा था। प्रेम की सबसे बड़ी निशानी समझे जाने वाले ताजमहल के बनने से 70 साल पहले ही बेगम हमीदा बानो ने अपने पति हुमायूं की याद में ये शानदार मकबरा बनवाया। लाल बलुआ पत्थरों और संगमरमर से बनी इस इमारत में बाद के सालों में बेगम हमीदा बानो, दारा शिकोह और समेत 150 मुगलों को यहां दफनाया गया।
2. शिलांग
शिलांग देश का एक ऐसा हिस्सा है जहां का समाज मातृसत्तात्मक है। परिवारों की पीढ़ी माता की तरफ से चलती है। महिलाओं के विशेष सम्मान के अलावा शिलांग की खूबसूरती भी आपको यहां खींचने का एक बड़ा बहाना हो सकता है। इस फेमस हिल स्टेशन की वजह इसकी तुलना स्कॉटलैंड से की जाती है। यहां एलीफेंट फॉल्स, उमियम झील, शिलांग पीक जैसे कई प्राकृतिक खूबसूरती के पर्याय मौजूद हैं।
3. कामाख्या देवी मंदिर
52 शक्तिपीठों में से एक कामाख्या देवी मंदिर पूरे भारत में प्रसिद्ध है। असम की राजधानी दिसपुर से लगभग 10 किमी दूर नीलांचल पर्वत पर स्थित इस मंदिर में ना तो कोई मूर्ति है ना कोई तस्वीर। यहां के कुंड की पूजा होती है जो देवी सती की योनि का प्रतीक है। इस धार्मिक स्थान पर साल के तीन दिन रजस्वला देवी की पूजा होती है।
4. रानी की वाव
रानी की वाव को 11वीं सदी में रानी उदयमती ने राजा भीमदेव प्रथम के याद में बनवाया था, जो एक बावड़ी है। सरस्वती नदी के किनारे बसी ये बावड़ी वास्तुकला की दुनिया का चमत्कार है। रानी की वाव में छोटी बड़ी मिलाकर 1500 से ज्यादा कलाकृतियां हैं। 2014 से यूनेस्को की विश्व धरोहर स्थलों में से एक के तौर पर सूची में शामिल किया गया है।
5. कोलकाता
सिटी ऑफ जॉय कोलकाता खाल तौर पर दुर्गा पूजा के दिनों में अद्भुत हो जाता है। मूर्तियां बनाने से लेकर कार्यक्रमों के आयोजन तक हर चीज में आपको महिलाओं की सक्रिय भूमिका दिखती है। इस दौरान पूरे शहर की सजावट के कारण कोलकाता अलग ही दिखाई देता है। वैसे भी यहां का फेमस विक्टोरिया मेमोरियल, नीलांबरी देवी का बनवाया मार्बल पैलेस, दक्षिणेश्वर काली मंदिर पूरे साल पर्यटकों की पसंद बने रहते हैं।
