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इजरायली पर्यटकों की पहली पसंद है भारत, सुकून और आत्मिक शांति की खोज में इन जगहों पर हैं जाते

हाल ही में आई रिपोर्ट के अनुसार इजराइल की सबसे बड़ी ट्रैवल एजेंसी इजराइली स्टूडेंट ट्रैवल एसोसिएशन के अनुसार हजारों इजराइली सालाना एशिया की यात्रा करते हैं। इजरायली पर्यटकों को सबसे ज्यादा भारत ही लुभाता है। भारत में वो कौन-कौन सी जगहे हैं जहां इजराइली पर्यटक आना पसंद करते हैं।

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Authentic Indian Experience

Authentic Indian Experience: विविधता से भरा देश भारत भारतीय पर्यटकों को खासा लुभाता है। हिमाचल प्रदेश से लेकर पुडुचेरी तक भारत में ऐसे कई शानदार डेस्टिनेशन हैं जहां इजरायली पर्यटक आना बेहद पसंद करते हैं। ऐसा माना जाता है कि इजरायली पर्यटक खासकर युवा वर्ग के लोग एक बार भारत की यात्रा कर लें तो फिर वो यहीं के होकर रह जाते हैं इसके पीछे कई कारण हैं।

इजरायली ज्यादातर सुदूर हिमालयी गांव, गोवा के पास तटीय गांव और दक्षिण भारत के शांत स्थान का चुनाव करते हैं। यात्रा और ठहरने के लिए यहां कम बजट में तमाम विकल्प मौजूद हैं। इसके अलावा कसौल या फिर पार्वती घाटी में यात्रा के दौरान आपको इजरायली पर्यटक मिल ही जाएगा।

हिमाचल के कसोल को मिनी इजराइल भी कहा जाता है। यहां के स्थानीय लोग बुनियादी हिब्रू भाषा समझते हैं और युवा इजरायलियों का अपने घरों में दिल खोलकर स्वागत करते हैं बदले में उन्हें डॉलर मिल जाते हैं। पार्वती घाटी से लेकर मलाना भारत में ऐसी तमाम जगहे हैं जहां इजरायली शांतिपूर्ण वातावरण में दुनिया से अलग दिल खोलकर पार्टी कर सकते हैं।

इजरायली पर्यटक का यहां दैनिक खर्चा लगभग 25 डॉलर के आसपास आता है, जिसमें रहना भी शामिल होता है। कई लोग जीवन का इतना आनंद लेते हैं कि वे कभी वापस ही नहीं लौटते। कुछ पर्यटकों को यहां आध्यात्मिक रूपांतरण महसूस होता है ऐसे में ध्यान, साधना और योग भी इजरायली पर्यटकों को लुभाता है।

prabhat sharma
प्रभात शर्माauthor

प्रभात शर्मा टाइम्स नाउ हिंदी डिजिटल के फीचर डेस्क में कार्यरत ट्रैवल और लाइफस्टाइल राइटर हैं। यात्राओं के प्रति उनका गहरा जुनून और नई जगहों को समझने–परखने की क्षमता उनकी लेखन शैली को बेहद जीवंत और पाठकों से जोड़ने वाली बनाती है। वे ऑफबीट डेस्टिनेशन, लोकल कल्चर, हेरिटेज साइट्स, रोड ट्रिप्स, फूड जर्नी और बजट ट्रैवल जैसे विषयों पर मजबूत पकड़ रखते हैं। प्रभात की स्टोरीज़ सिर्फ जानकारी नहीं देतीं, बल्कि यात्रा के माहौल, भाव और अनुभव को भी महसूस कराती हैं। अब तक 7,000 से अधिक कंटेंट लिख चुके प्रभात अपनी सहज भाषा, प्रामाणिक जानकारी और अनुभव-आधारित दृष्टिकोण के लिए जाने जाते हैं।

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