आमतौर पर इमारतें चौकोर, सीधी और व्यवस्थित बनाई जाती हैं, लेकिन कई आर्किटेक्ट्स ने लीक से हटकर कुछ ऐसा तैयार किया जो अजूबा बन गया।
पोलैंड के सोपोट शहर में स्थित 'क्रुकड हाउस' का निर्माण साल 2004 में हुआ था। इस इमारत की बनावट ऐसी है मानो यह किसी परियों की कहानी या कार्टून की दुनिया से निकलकर बाहर आ गई हो। इसकी टेढ़ी-मेढ़ी दीवारें, मुड़ी हुई खिड़कियां और उबड़-खाबड़ छत देखने दुनियाभर से लोग आते हैं।
चेक रिपब्लिक की राजधानी प्राग स्थित 'डांसिंग हाउस' अपने अनोखे स्ट्रक्चर के लिए पूरी दुनिया में मशहूर है। यह इमारत दो डांसर्स के जोड़े की तरह नजर आती है, जो एक-दूसरे की बाहों में लटके हुए डांस कर रहे हों। ग्लास और कंक्रीट से बनी इस टेढ़ी इमारत की वास्तुकला पारंपरिक इमारतों के नियमों को पूरी तरह से चुनौती देती है।
अगर बात अनोखे डिजाइनों की हो, तो चीन का 'गुआंगजौ सर्किल' भी किसी से पीछे नहीं है। नदी किनारे बनी यह 33 मंजिल ऊंची इमारत पूरी तरह से गोल है। जब इस गोल इमारत की परछाई पास बहती नदी के पानी में पड़ती है, तो दोनों मिलकर गणित के '8' अंक या अनंत का एक शानदार दृश्य बनाते हैं।
कनाडा के मॉन्ट्रियल शहर में मौजूद 'हैबिटेट 67' हाउसिंग कॉम्प्लेक्स भी वास्तुकला की एक अद्भुत मिसाल है। यह 354 कंक्रीट के चौकोर बॉक्सों को एक-दूसरे के ऊपर अजीब तरीके से जोड़कर बनाया गया है। दूर से देखने पर यह किसी बच्चे द्वारा लेगो ब्लॉक से बनाए गए ऊँचे और उलझे हुए महल जैसा दिखाई देता है।
संयुक्त राज्य अमेरिका के ओहियो में स्थित 'टोकरी के आकार की इमारत' लोगों का ध्यान तुरंत खींच लेती है। यह 7-मंजिला इमारत पूरी तरह से एक विशाल शॉपिंग बास्केट जैसी दिखाई देती है, जिसमें ऊपर दो बड़े हैंडल भी लगे हुए हैं। यह वास्तव में एक बास्केट बनाने वाली कंपनी का कॉर्पोरेट मुख्यालय था।
ये इमारतें इंसानी सोच और कल्पनाशीलता का जीवंत उदाहरण हैं। इन डिजाइनों को बनाने का मकसद शहर को एक नई पहचान देना और और पर्यटकों के लिए आकर्षण का केंद्र बनाना भी था।