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Wildlife Tourism: जिम कॉर्बेट नेशनल पार्क के बारे में रोचक तथ्य, बेहद कम पर्यटकों को है जानकारी

Uttarakhand Tourism: जिम कॉर्बेट नेशनल पार्क हिमालय क्षेत्र में बाघों के लिए सबसे अच्छे और सबसे पुराने आवासों में से एक है। जिम कॉर्बेट को घूमने के लिए एक आकर्षक जगह बनाने वाली इन बातों पर आपको जरूर गौर करना चाहिए। यह भारत में वन्यजीव छुट्टियों और वाइल्ड लाइफ को करीब से महसूस करने के लिए एक आदर्श स्थान है। वन्यजीव पर्यटन का आनंद लेने के लिए आप परिवार के साथ यहां जाने का प्लान बना सकते हैं।

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Wildlife Tourism

Blissful Wildlife Tourism: रोमांचक यात्रा के इच्छुक पर्यटक वाइल्ड लाइफ को करीब से देखने के लिए उत्तराखंड राज्य के नैनीताल जिले में स्थित जिम कॉर्बेट का रुख करते हैं। जिम कॉर्बेट नेशनल पार्क जिसे पहले हैली नेशनल पार्क के नाम से भी जाना जाता था भारत का सबसे पुराना राष्ट्रीय उद्यान है जो ना केवल भारत से बल्कि विदेशों से भी पर्यटकों को खूब लुभाता है। आइए जानते हैं जिम कॉर्बेट के बारे में कुछ दिलचस्प तथ्य जिसे जानकर आप भी फटाफट से यात्रा का प्लान बना सकते हैं।

रोचक तथ्य: जिम कॉर्बेट नेशनल पार्क के बारे में सबसे रोचक तथ्य यह है कि इसका नाम तीन बार बदला जा चुका है। 1936 में इसका नाम हैली नेशनल पार्क रखा गया था। आजादी के बाद इसका नाम बदलकर रामगंगा नेशनल पार्क कर दिया गया। 1955 में प्रसिद्ध वन्यजीव संरक्षणवादी जिम कॉर्बेट की मृत्यु के बाद तीसरी बार इसका नाम बदलकर जिम कॉर्बेट नेशनल पार्क किया गया था।

शिकारी से संरक्षणकर्ता बनने तक का सफर: जिम कॉर्बेट एक प्रसिद्ध ब्रिटिश शिकारी थे जो एक वक्त बाद शिकार के मजे के लिए नहीं, बल्कि लोगों की मदद करने के लिए शिकार करते थे। जिम कॉर्बेट ने महसूस किया कि बाघों के शिकार से ज्यादा उनका संरक्षण करना जरूरी है इसके चलते वो ताउम्र वन्यजीव संरक्षण के प्रति पूरी तरह समर्पित हो गए थे।

आश्चर्यजनक चीजों में से एक: जिम कॉर्बेट नेशनल पार्क की वनस्पतियों के बारे में जानने योग्य सबसे आश्चर्यजनक चीजों में से एक यह है कि यहां का 75% क्षेत्र साल के वनों से ढका हुआ है। पाइन यहां पाया जाने वाला एकमात्र शंकुधारी वृक्ष है जो जिम कॉर्बेट नेशनल पार्क में पर्यटन को और अधिक रोचक बनाता है। कचरन, सेमल यहां पाए जाने वाले कुछ प्रमुख पौधे हैं।

prabhat sharma
प्रभात शर्माauthor

प्रभात शर्मा टाइम्स नाउ हिंदी डिजिटल के फीचर डेस्क में कार्यरत ट्रैवल और लाइफस्टाइल राइटर हैं। यात्राओं के प्रति उनका गहरा जुनून और नई जगहों को समझने–परखने की क्षमता उनकी लेखन शैली को बेहद जीवंत और पाठकों से जोड़ने वाली बनाती है। वे ऑफबीट डेस्टिनेशन, लोकल कल्चर, हेरिटेज साइट्स, रोड ट्रिप्स, फूड जर्नी और बजट ट्रैवल जैसे विषयों पर मजबूत पकड़ रखते हैं। प्रभात की स्टोरीज़ सिर्फ जानकारी नहीं देतीं, बल्कि यात्रा के माहौल, भाव और अनुभव को भी महसूस कराती हैं। अब तक 7,000 से अधिक कंटेंट लिख चुके प्रभात अपनी सहज भाषा, प्रामाणिक जानकारी और अनुभव-आधारित दृष्टिकोण के लिए जाने जाते हैं।

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