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जून के महीने में गर्मी से बचने के लिए पहुंचे पिथौरागढ़, ये हैं उसके आसपास घूमने के लिए शानदार Tourist Places

  • Authored by: दीपक पोखरिया
  • Updated Jun 15, 2023, 01:16 PM IST

Tourist Places Near Pithoragarh: पर्यटकों के आकर्षण के लिए पिथौरागढ़ में कई जगहें हैं, लेकिन काफी ज्यादा फेमस हैं मुनस्यारी, पिथौरागढ़ किला, कपिलेश्वर महादेव, ध्वज मंदिर, नकुलेश्वर, अस्कोट अभयारण्य, चौकोरी, झूला घाट, नारायण आश्रम, पाताल भुवनेश्वर हैं।

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Pithoragarh: पिथौरागढ़ के आसपास ये हैं घूमने की जगहें।

Photo : iStock

Tourist Places Near Pithoragarh: भारत (India) में हर साल लोग घूमने (Travel) के लिए कहीं न कहीं जाते ही हैं। अगर आप भी गर्मी के मौसम में कहीं जाने की सोच रहे हैं तो आप हिल स्टेशन (Hill Stations) पर जा सकते हैं। हिल स्टेशन पर जाने से आपको भीषण गर्मी और लू से काफी आराम मिलेगा। अगर आप भी ऐसे ही किसी हिल स्टेशन पर जाने की सोच रहे हैं तो आज हम आपको एक ऐसी जगह बताएंगे, जहां आपको जरूर जाना चाहिए। ये जगह है पिथौरागढ़ (Pithoragarh), जो उत्तराखंड (Uttarakhand) के कुमाऊं मंडल में आता है। पिथौरागढ़ की एक खासियत ये भी है कि इसके आसपास भी घूमने की कई सारी सुंदर और बढ़िया जगहें हैं।

पर्यटकों के आकर्षण के लिए पिथौरागढ़ में कई जगहें हैं, लेकिन काफी ज्यादा फेमस हैं मुनस्यारी, पिथौरागढ़ किला, कपिलेश्वर महादेव, ध्वज मंदिर, नकुलेश्वर, अस्कोट अभयारण्य, चौकोरी, झूला घाट, नारायण आश्रम, पाताल भुवनेश्वर हैं। पिथौरागढ़ की यात्रा की योजना बनाने के लिए गर्मियों को सबसे अच्छा समय कहा जाता है। पिथौरागढ़ आप अपनी कार, प्राइवेट टैक्सी, बस से पहुंच सकते हैं। आज हम आपको पिथौरागढ़ के आसपास घूमने की कुछ जगहों के बारे में बताने जा रहे हैं, जहां आपको पिथौरागढ़ आने पर जरूर जाना चाहिए।

पिथौरागढ़ के आसपास घूमने की ये हैं बढ़िया जगह (Tourist Places Near Pithoragarh)

पिथौरागढ़ किला (Pithoragarh Fort)पिथौरागढ़ किला चंद राजाओं के शासनकाल के दौरान बनाया गया था और 1789 में गोरखाओं द्वारा इसका पुनर्निर्माण किया गया था। ये किला पिथौरागढ़ शहर के बाहरी इलाके में एक पहाड़ी की चोटी पर स्थित है। पिथौरागढ़ आने पर आपको यहां जरूर जाना चाहिए।

Pithoragarh Fort

Pithoragarh Fort

मुनस्यारी (Munsyari)मुनस्यारी पिथौरागढ़ के आसपास घूमने की बढ़िया जगहों में से एक है। ये समुद्र तल से 2,135 मीटर की ऊंचाई पर स्थित है और पूरे क्षेत्र को जौहर घाटी के रूप में जाना जाता है। मुनस्यारी के आसपास महेश्वरी कुंड और थमरी कुंड की सीधी झीलें हैं। पिछले कुछ सालों से टूरिस्ट काफी ज्यादा संख्या में मुनस्यारी आ रहा है।

चौकोरी (Chaukori)

पिथौरागढ़ के आसपास घूमने की बढ़िया जगहों में से एक है चौकोरी। चौकोरी एक छोटा सा पहाड़ी शहर है, जो अच्छे मौसम और बर्फ से ढकी चोटियों के लिए काफी ज्यादा फेमस है। पूरा इलाका चाय के बागानों और बागों से भरा पड़ा है। ये पिथौरागढ़ से लगभग 112 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है। आप यहां अपने बच्चों संग आसानी से आ सकते हैं।

पाताल भुवनेश्वर (Patal Bhuvaneshwar)पाताल भुवनेश्वर मंदिर पिथौरागढ़ से लगभग 91 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है। मंदिर का रास्ता एक सुरंग के माध्यम से है जो एक गुफा में जाता है और पानी के एक संकीर्ण अंधेरे मार्ग से होकर जाता है। यहां आने पर आपको एक अलग ही सुखद एहसास देखने के मिलेगा। आप अपने परिवार के साथ यहां आ सकते हैं। मंदिर में दर्शन करने के साथ ही आप यहां घूम भी सकते हैं।

गंगोलीहाट (Gangolihat)

गंगोलीहाट एक छोटा हिमालयी पहाड़ी शहर है जो देवी काली के शक्ति पीठों के लिए जाना जाता है। 1800 मीटर की ऊंचाई पर ये स्थित है। गंगोलीघाट एक प्रसिद्ध मंदिर का घर है, जिसे हाट कालिका के नाम से जाना जाता है। रोमांच और प्रकृति प्रेमियों के लिए, गंगोलीघाट नंदा देवी और गंगोलीहाट पंचचूली चोटियों के कुछ शानदार दृश्य प्रस्तुत करता है।
Uttarakhand

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झूलाघाट (Jhulaghat)

झूलाघाट भारत-नेपाल सीमा पर स्थित है और पिथौरागढ़ से 36 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है। सर्दियों के दौरान यहां जाना सबसे अच्छा रहता है। झूलाघाट से होकर बहने वाली काली नदी शहर के प्रमुख आकर्षणों में से एक है और राफ्टिंग स्थलों के लिए भी जानी जाती है।
दीपक पोखरिया
दीपक पोखरियाauthor

पहाड़ से हूं, इसलिए घूमने फिरने का शौक है। दिल्ली-नोएडा से ज्यादा उत्तराखंड में ही मन लगता है। कई मीडिया संस्थानों से मेरी करियर यात्रा गुजरी है और मई 2022 से Times Network में timesnowhindi.com के साथ जुड़ा हूं। यहां शुरूआत खबरों से हुई और अब नजरें फीचर टीम के जरिए पाठकों की पसंद के लेख लिखने पर रहती है। घुमक्कड़ी पसंद होने की वजह से मुख्य जिम्मेदारी timesnowhindi.com/travel की है। वैसे मैं देवभूमि उत्तराखंड के नैनीताल से हूं और यहीं पर जन्म हुआ। पढ़ाई की शुरुआत फिरोजपुर (पंजाब) से हुई। इसके बाद लखनऊ (उत्तर प्रदेश), रामपुर (उत्तकर प्रदेश), हल्द्वानी (उत्तराखंड) होते हुए देश की राजधानी दिल्ली से पढ़ाई की। हल्द्वानी के एमबीपीजी कॉलेज से ग्रेजुएशन पूरा किया। साथ ही NIIT से GNIIT किया। इसके बाद दिल्ली से भारतीय विद्या भवन से पत्रकारिता की पढ़ाई की। मीडिया में 12 साल से ज्यादा का अनुभव। टीवी, वेबसाइट और मोबाइल ऐप में अब तक काम किया। नौकरी की शुरुआत 2011 से की। अभी टाइम्स नाऊ नवभारत में 2 से अधिक सीनियर करोस्पेंडट के पद पर हूं। यात्रा सेक्शन से जुड़ने से पहले करीब डेढ़ साल पहले तक न्यूज में ही काम किया।

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