यात्रा

बैंगलोर से सिर्फ 150 किलोमीटर दूर हैं ये जन्नत सी सुंदर जगहें, देखें होली की छुट्टी पर कहां करें विजिट

बेंगलुरु में होली का उत्सव हमेशा जीवंत और रंगीन रहता है। लेकिन इस बार, क्यों न शहर की भीड़ से दूर जाकर कुछ अलग अनुभव किया जाए? यहाँ बेंगलुरु के आसपास के छह बेहतरीन गेटवे हैं, जहाँ आप होली को नए तरीके से मना सकते हैं। ये स्थान न केवल आपको प्राकृतिक सौंदर्य का अनुभव कराएँगे, बल्कि आपको सुकून और आनंद भी देंगे।

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बैंगलोर के आसपास घूमने की जगह

होली का उत्सव हमेशा भीड़-भाड़ और शोर-शराबे में नहीं होता। कभी-कभी, यह पहाड़ो की चोटी पर सूर्योदय, झील के किनारे ब्रंच या ग्रामीण ठिकाने में मनाने का अनुभव बेहतर होता है। अगर आप भी इस होली पर बैंगलोर में रहते हैं और कहीं आस पास जाना चाहते हैं। तो बेंगलुरु से 150 किलोमीटर के भीतर और तीन घंटे की दूरी पर स्थित ये वाली जगहों पर विजिट कर सकते हैं। जहां आपका दिल खुश हो जाएगा और आपको एक ताजगी भरा अनुभव मिलेगा। देखें इस होली, शहर की शोर-शराबे में नहीं, बल्कि एक अलग तरीके से रंगों का कहां और कैसे आनंद लें।

1. नंदी हिल्स - सूर्योदय और शांतिपूर्ण उत्सव (लगभग 60 किमी)

नंदी हिल्स एक क्लासिक गंतव्य है, खासकर सुबह-सवेरे के समय। यहाँ आप बादलों के ऊपर सूर्योदय का नज़ारा देख सकते हैं। इसके बाद, पास के किसी होमस्टे या रिसॉर्ट में जाकर प्राइवेट और ऑर्गेनिक रंगों के साथ होली मनाएँ। उत्सव के बाद, टिपू सुलतान का गर्मी का महल या हरे-भरे पहाड़ियों का नज़ारा करते हुए आरामदायक ब्रंच का आनंद लें।

2. रामनगर - रोमांच के प्रेमियों के लिए (लगभग 50 किमी)

अगर आप होली के साथ कुछ एडवेंचर भी चाहते हैं, तो रामनगर आपके लिए सही जगह है। यहाँ की चट्टानी भू-आकृति और ट्रैकिंग रूट्स आपको रोमांचित करेंगे। एक ग्रामीण स्थान पर होली मनाने के बाद, आप रॉक क्लाइंबिंग, रैपेलिंग या नेचर ट्रेल पर जा सकते हैं। यह स्थान शहर की हलचल से दूर और खुला है।

3. चन्नापट्ना - रंग और शिल्प का मिलन (लगभग 65 किमी)

चन्नापट्ना, अपने हस्तनिर्मित लकड़ी के खिलौनों के लिए प्रसिद्ध है। यहाँ आप किसी इको-रिसॉर्ट में होली मनाने के बाद, स्थानीय कारीगरों की कार्यशालाओं का दौरा कर सकते हैं। यह एक शांत और सांस्कृतिक रूप से समृद्ध तरीके से होली मनाने का अनुभव है, खासकर यदि आप शोर-शराबे से दूर रहना पसंद करते हैं।

4. मैसूर - शाही और परिष्कृत (लगभग 145 किमी)

अगर आप थोड़ी लंबी यात्रा के लिए तैयार हैं, तो मैसूर एक बेहतरीन विकल्प है। यहाँ के बुटीक होटल और महल के नज़ारे वाले ठिकाने होली के दौरान खास ब्रंच का आयोजन करते हैं। मैसूर पैलेस और ब्रिंदावन गार्डन की सैर करें या होली के बाद प्रामाणिक मैसूर भोजन का आनंद लें। यहाँ का उत्सव भव्य और शिष्ट है।

5. स्कंदगिरी - बादलों में ट्रेकिंग (लगभग 60 किमी)

स्कंदगिरी में एक अनोखा अनुभव प्राप्त करें। होली की सुबह से पहले रात का ट्रेक करें और बाद में पास के विला में दोस्तों के साथ रंगों के साथ मनाएँ। यह युवा समूहों के लिए एक यादगार अनुभव है जो एडवेंचर के साथ उत्सव को जोड़ना चाहते हैं।

6. सावंदुर्गा - अनोखा और शांतिपूर्ण (लगभग 50 किमी)

सावंदुर्गा, अन्य पहाड़ी स्थलों की तुलना में कम व्यस्त है। यहाँ आप एक शांत होली मना सकते हैं, जो एशिया के सबसे बड़े मोनोलिथ पहाड़ों में से एक से घिरा हुआ है। यहाँ की ट्रैकिंग ट्रेल्स और पिकनिक स्पॉट्स आपको प्रकृति के बीच सुकून देने वाले अनुभव प्रदान करेंगे।

Avni Bagrola
अवनी बागरोलाauthor

अवनी बागरोला टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल के लाइफस्टाइल सेक्शन में कंटेंट राइटर के रूप में कार्यरत हैं। फैशन, ब्यूटी, ट्रेंड्स, पर्सनल स्टाइलिंग और मॉडर्न लाइफस्टाइल से जुड़े कंटेंट पर उनकी मजबूत पकड़ उन्हें जेन Z और स्टाइल-सेवी ऑडियंस के बीच खास पहचान दिलाती है। अवनी की लेखन शैली सरल, ट्रेंडी और यूज़र-फ्रेंडली है, जो पाठकों को तेजी से बदलते फैशन व लाइफस्टाइल ट्रेंड्स को समझने में मदद करती है। अब तक 3000 से अधिक आर्टिकल्स लिख चुकी अवनी क्रिएटिव अप्रोच, अपडेटेड नॉलेज और रियल-टाइम ट्रेंड सेंस के लिए जानी जाती हैं।

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