Shakti Peeths Tour: नवरात्रि के पावन अवसर पर आध्यात्मिक अनुभव के लिए श्रद्धालु माता के शक्तिपीठों की यात्रा करते हैं। ऐसा देखा गया है लोग समय की कमी के कारण चाहकर भी लंबी यात्राएं नहीं कर पाते हैं। ऐसे में आपकी इस समस्या को सुलझाते हुआ हमने चार प्रमुख शक्तिपीठों के दर्शन के लिए यहां प्लान बताया है जिसे आप 3 से 4 दिन के समय में एक्सप्लोर कर सकते हैं।
वैष्णो देवी, जम्मू: यात्रा की शुरुआत आप जम्मू पहुंचकर वैष्णो देवी के दर्शन से करें। श्री माता वैष्णो देवी मंदिर सबसे प्रसिद्ध और शक्तिशाली शक्ति पीठों में से एक है जहां मां वैष्णो देवी के तीन स्वरूपों (पिंडी रूप)- महाकाली, महालक्ष्मी, और महासरस्वती की पूजा होती है। कटरा शहर से लगभग 13 किलोमीटर की पहाड़ी यात्रा करके आप यहां पहुंचते हैं।
नयना देवी, हिमाचल प्रदेश: वैष्णो देवी के दर्शन के बाद आप नयना देवी जाने का प्लान करें। कटरा से बस/टैक्सी से 6–7 घंटे में आप नयना देवी पहुंच जाएंगे। नयना देवी मंदिर बिलासपुर के पास गोबिंद सागर झील के समीप स्थित है। ये वही स्थान है जहां देवी सती के नेत्र गिरे थे। मंदिर एक ऊंची पहाड़ी पर स्थित है ऐसे में यहां पहुंचने के लिए सीढ़ियां, सड़क मार्ग के अलावा रोपवे का विकल्प भी मौजूद है।
ज्वाला देवी, हिमाचल प्रदेश: नयना देवी से लगभग 5–6 घंटे की दूरी पर ज्वाला देवी मंदिर स्थित है। अगर आप समय को ध्यान में रखकर प्लानिंग करते हैं तो उसी दिन दर्शन की काफी संभावना है। यहां बिना मूर्ति के मां की अखंड ज्वाला की पूजा की जाती है।
चामुंडा देवी, हिमाचल प्रदेश: धर्मशाला के पास, कांगड़ा में चामुंडा देवी स्थित है। ज्वाला देवी से यहां 2 घंटे में पहुंचा जा सकता है। मां दुर्गा के रौद्र रूप 'चामुंडा देवी' को यह मंदिर समर्पित है। चारों ओर हरे-भरे पहाड़ और नदी यहां की खासियत है।
4 दिन का शॉर्ट प्लान:
दिन 1- जम्मू पहुंचकर वैष्णो देवी के दर्शन
दिन 2- कटरा से नयना देवी के लिए यात्रा और दर्शन
दिन 3- नयना देवी से ज्वाला देवी और फिर चामुंडा देवी तक की यात्रा करें।
दिन 4- धर्मशाला से वापसी
