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सूरजकुंड अंतरराष्ट्रीय मेले में दिखी मध्य प्रदेश की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत, पर्यटकों ने खूब लिया इन नाटकों का आनंद

सूरजकुंड मेला में मध्यप्रदेश टूरिज्म बोर्ड थीम स्टेट के रूप में आने वालों को खूब लुभा रहा है। इस दौरान यहां बैजू बावरा नाटक और रानी दुर्गावती नाट्य नाटिका ने भी दर्शकों को मंत्रमुग्ध किया। इसके साथ ही आगंतुकों ने प्रदेश के पारंपरिक हस्तशिल्प, लोक संगीत और स्थानीय व्यंजनों का आनंद भी लिया।

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सुरजकुंड अंतरराष्ट्रीय मेले में दिखी मध्य प्रदेश की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत

नई दिल्ली: सूरजकुंड मेले 2025 में लोग खूब उमड़ रहे हैं और इसी के साथ ही इस भव्‍य मेले में मध्य प्रदेश की लोक कलाओं और भोजन को थीम स्टेट के रूप में एंजॉय भी कर रहे हैं। मध्य प्रदेश के टूरिज्म बोर्ड द्वारा राज्‍य की समृद्ध और विविध सांस्कृतिक विरासत को यहां मनमोहक तरीके से प्रदर्शित किया गया है। यहां आने वालों को प्रदेश के पारंपरिक हस्तशिल्प, लोक संगीत और स्थानीय व्यंजन की अनूठी झलक देखने को मिल रही है। इसके साथ ही सोमवार को मध्य प्रदेश से जुड़ी सांस्कृतिक प्रस्तुतियां भी हुईं। इस दौरान बैजू बाबरा के प्रेरणादायक नाटक और रानी दुर्गावती नाट्य नाटिका को दर्शकों ने भरपूर सराहा।

राज्‍य के प्रमुख सचिव पर्यटन और संस्कृति एवं प्रबंध संचालक टूरिज्म बोर्ड श्री शिव शेखर शुक्ला ने बताया कि इस भव्य आयोजन के माध्यम से मध्य प्रदेश टूरिज्म बोर्ड अपनी सांस्कृतिक विरासत को संरक्षित और प्रचारित करने के संकल्प को और मजबूत कर रहा है, जिससे राज्य की अनूठी परंपराएं वैश्विक मंच पर अधिक पहचान पा रही है। बता दें सुरजकुंड मेला कला, शिल्प और सांस्कृतिक विविधता को प्रोत्साहित करने का एक महत्वपूर्ण मंच है, जिससे मध्य प्रदेश टूरिज्म की इस भागीदारी से राज्य की समृद्ध परंपराओं को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान मिल रही है।

बता दें कि सूरज कुंड अंतरराष्ट्रीय आयोजन में 31 देशों की सांस्कृतिक प्रस्तुतियां हो चुकी हैं। इसी दौरान यहां मध्य प्रदेश के महान संगीत साधक बैजू बावरा से प्रेरित नाटक का प्रदर्शन किया गया। इस नाटक में संगीत की दुनिया में बैजू बावरा के अद्वितीय योगदान को दर्शाने के लिए उनकी संगीत रचनाओं को जीवंत तरीके से दर्शाया गया था।

रानी दुर्गावती नाट्य नाटिका

रानी दुर्गावती नाट्य नाटिका

इसी के साथ मेले में एमपी टूरिज्‍म बोर्ड की ओर से रानी दुर्गावती नाट्य नाटिका का भी मंचन किया गया। भारत के इतिहास में रानी दुर्गावती का नाम साहस की प्रतीक के रूप में अंकित है। नाटक, संगीत और नृत्य के मिश्रण के माध्यम से, नाट्य प्रस्तुति ने रानी दुर्गावती के अदम्य साहस और आक्रमणकारियों के खिलाफ उनके पौराणिक युद्ध की वीर गाथा का वर्णन किया, जिसने दर्शकों को अपनी शक्तिशाली कहानी और भावपूर्ण प्रदर्शन से बांधे रखा।

Medha Chawla
मेधा चावलाauthor

मेधा चावला टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में सीनियर एसोसिएट एडिटर हैं और लाइफस्टाइल सेक्शन की लीड हैं। लाइफस्टाइल पत्रकारिता में 20 वर्षों का अनुभव रखने वाली मेधा की विशेषज्ञता हेल्थ, वेलनेस, फिटनेस, मेंटल हेल्थ, डेली लाइफ इम्प्रूवमेंट, ह्यूमन-इंटरेस्ट फीचर्स और रिसर्च-बेस्ड स्टोरीज तक फैली है। उनकी लेखन शैली पाठकों को जटिल स्वास्थ्य और जीवनशैली संबंधी विषयों को आसान, समझने योग्य और व्यवहारिक रूप में प्रस्तुत करती है, जिससे उनका कंटेंट व्यापक पाठक समूह से जुड़ता है। अबतक 30,000 से अधिक कंटेंट पीस लिख चुकी मेधा की कई एक्सक्लूसिव स्टोरीज डिजिटल प्लेटफॉर्म पर ट्रेंड सेट कर चुकी हैं।

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