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चाय बागान, समुद्र तट और हाउसबोट, सिर्फ 5 दिन में घूमिए केरल, एक यादगार ट्रैवल गाइड

Kerala Tour Plan: समुद्र की लहरें, बैकवाटर की शांति, पहाड़ों की ठंडक और संस्कृति की विविधता सिर्फ एक ट्रिप में इनका अनुभव किया जा सकता है। अगर आप प्रकृति प्रेमी हैं और भीड़भाड़ से दूर किसी शानदार ट्रैवल डेस्टिनेशन की तलाश में हैं तो केरल एक परफेक्ट ट्रैवल डेस्टिनेशन है।

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Kerala tour plan (photo: canva)

Kerala Travel Guide: शहर की चिल्चम-चिल्ली से दूर अगर आप शांति से समय बिताना चाहते हैं, तो केरल एक परफेक्ट डेस्टिनेशन है। समुद्र की लहरों से लेकर पहाड़ों की ठंडक तक आपको सबकुछ यहां देखने को मिलेगी। अगर आप पहली बार केरल की यात्रा कर रहे हैं तो ये ट्रैवल गाइड आपके बेहद काम आएगी यहां हमने डिटेल में बताया है कि कैसे आप केरल में 5 दिन कम बजट में बिता सकते हैं।

दिन 1 और दिन 2: सुबह कोचीन एयरपोर्ट पहुंचने के बाद पहले ही दिन- फोर्ट कोच्चि, मट्टनचेरी पैलेस, यहूदी सिनेगॉग और चाइनीज फिशिंग नेट्स का दौरा करें। शाम को मरीन ड्राइव पर वॉक और सूर्यास्त का आनंद लें। रात में कोचीन में होटल या होमस्टे में रुकें। दूसरे दिन की सुबह कोचीन से मुन्नार के लिए रवाना हों (130 किमी, 4–5 घंटे) यहां रास्ते में चियाप्पारा और वलर वॉटरफॉल्स को देखें इसके बाद मुन्नार में चाय बागानों की सैर, टी म्यूजियम और इको पॉइंट का भ्रमण करें। रात में मुन्नार की पहाड़ियों में होमस्टे या रिसॉर्ट का चुनाव करें।

दिन 3 और दिन 4: तीसरे दिन- मुन्नार लोकल साइटसीइंग के लिए रखें। एराविकुलम नेशनल पार्क, कुंडला झील (बोटिंग और फोटो के लिए बेहतरीन) जाएं। शाम को लोकल मार्केट में खरीदारी के लिए जाएं। मुन्नार में ही तीसरे दिन स्टे करें। इसके बाद सुबह मुन्नार से अल्लेप्पी के लिए निकलें (170 किमी, 5 घंटे)- अल्लेप्पी में हाउसबोट चेक-इन करें, हाउसबोट से बैकवाटर की यात्रा के दौरान केरलियन खाने का लुत्फ उठाएं। हाउसबोट में ही रात बिताएं।

दिन 5: शांति के लिए आखिरी दिन त्रिवेंद्रम से वापसी फ्लाइट करने का प्लान बनाएं और यहीं पांचवा दिन बिताएं। श्री पद्मनाभस्वामी मंदिर दर्शन, नेपियर म्यूजियम या जूलॉजिकल गार्डन जाएं। शाम को त्रिवेंद्रम एयरपोर्ट से वापसी करें।

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प्रभात शर्माauthor

प्रभात शर्मा टाइम्स नाउ हिंदी डिजिटल के फीचर डेस्क में कार्यरत ट्रैवल और लाइफस्टाइल राइटर हैं। यात्राओं के प्रति उनका गहरा जुनून और नई जगहों को समझने–परखने की क्षमता उनकी लेखन शैली को बेहद जीवंत और पाठकों से जोड़ने वाली बनाती है। वे ऑफबीट डेस्टिनेशन, लोकल कल्चर, हेरिटेज साइट्स, रोड ट्रिप्स, फूड जर्नी और बजट ट्रैवल जैसे विषयों पर मजबूत पकड़ रखते हैं। प्रभात की स्टोरीज़ सिर्फ जानकारी नहीं देतीं, बल्कि यात्रा के माहौल, भाव और अनुभव को भी महसूस कराती हैं। अब तक 7,000 से अधिक कंटेंट लिख चुके प्रभात अपनी सहज भाषा, प्रामाणिक जानकारी और अनुभव-आधारित दृष्टिकोण के लिए जाने जाते हैं।

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