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इस मानसून घूमने वालों की पहली पसंद बना वायनाड, होटल बुकिंग में रिकॉर्ड बढ़ोतरी

Kerala Wayanad Monsoon Destinations: अगर आप भी इस मानसून में किसी ऐसी जगह जाना चाहते हैं, जहां हरियाली, झरने, ठंडी हवा और सुकून भरा माहौल एक साथ मिले, तो वायनाड आपकी ट्रैवल लिस्ट में जरूर होना चाहिए।

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घूमने वालों की पहली पसंद बना वायनाड

Kerala Wayanad Monsoon Destinations: अगर आप भी बारिश के मौसम में कहीं घूमने का प्लान बना रहे हैं, तो केरल का खूबसूरत हिल स्टेशन वायनाड जाने का प्लान कर सकते हैं। वायनाड इस समय लोगों की पहली पसंद बना हुआ है। Cleartrip के ताजा आंकड़ों के मुताबिक, इस साल मानसून के दौरान ट्रैवल बुकिंग में जबरदस्त उछाल देखने को मिला है। कुल मानसून ट्रैवल में 54% की बढ़ोतरी हुई है, जबकि बस बुकिंग में 140% का इजाफा दर्ज किया गया है।

सबसे ज्यादा चर्चा वायनाड की हो रही है। यहां होटल बुकिंग में 160% की रिकॉर्ड बढ़ोतरी हुई है, जो इस सीजन में देश के सभी प्रमुख पर्यटन स्थलों में सबसे ज्यादा है। अलेप्पी, जो अपने खूबसूरत बैकवॉटर के लिए दुनियाभर में मशहूर है, 145% की बढ़ोतरी के साथ दूसरे नंबर पर है। वहीं, कोडाइकनाल और ऊटी जैसे लोकप्रिय हिल स्टेशनों में भी करीब 70% ज्यादा बुकिंग हुई है। इससे साफ है कि लोग अब मानसून में भी हिल स्टेशनों पर छुट्टियां बिताना पसंद कर रहे हैं।

आखिर वायनाड इतना खास क्यों है?

वायनाड की खूबसूरती मानसून में कई गुना बढ़ जाती है। जून से सितंबर के बीच यहां की पहाड़ियां, चाय और मसालों के बागान, घने जंगल और घाटियां हरियाली की चादर ओढ़ लेते हैं। हर तरफ सिर्फ हरापन और बादलों का खूबसूरत नजारा दिखाई देता है। इतना ही नहीं, सोचीपारा, मीणमुट्टी और कंथनपारा जैसे झरने, जो गर्मियों में शांत नजर आते हैं, बारिश के मौसम में पूरी रफ्तार से बहने लगते हैं। इन्हें देखने के लिए बड़ी संख्या में पर्यटक यहां पहुंच रहे हैं।

मौसम भी रहता है बेहद सुहावना

मानसून के दौरान वायनाड का तापमान आमतौर पर 15 से 25 डिग्री सेल्सियस के बीच रहता है। ऐसे में यहां न ज्यादा गर्मी होती है और न ही चिपचिपाहट। ठंडी हवा, हल्की बारिश और बादलों से घिरी पहाड़ियां इस जगह को और भी खास बना देती हैं। इसके अलावा, वायनाड की ऊंचाई इसे कई दूसरे इलाकों की तुलना में ज्यादा ठंडा और आरामदायक बनाती है। यहां के जंगल और वन्यजीव अभयारण्य भी बारिश के मौसम में पूरी तरह जीवंत हो जाते हैं, जिससे प्रकृति प्रेमियों के लिए यह किसी जन्नत से कम नहीं लगता।

पूर्वोत्तर भारत भी बना ट्रैवलर्स की नई पसंद

सिर्फ वायनाड ही नहीं, इस साल पूर्वोत्तर भारत के कई राज्य भी तेजी से लोकप्रिय हो रहे हैं। खासकर नागालैंड और अरुणाचल प्रदेश में फ्लाइट बुकिंग में 62% और होटल बुकिंग में 90% की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। इससे पता चलता है कि अब लोग सिर्फ पारंपरिक हिल स्टेशनों तक सीमित नहीं हैं, बल्कि बारिश के मौसम में देश के नए और अनछुए पर्यटन स्थलों को भी एक्सप्लोर करना चाहते हैं।

युवाओं की पसंद भी बदल रही है

आज की युवा पीढ़ी अब सिर्फ मशहूर टूरिस्ट स्पॉट्स तक सीमित नहीं रहना चाहती। वे ऐसी जगहों की तलाश में हैं, जहां प्रकृति के करीब रहने का मौका मिले और कुछ नया अनुभव किया जा सके। यही वजह है कि लक्षद्वीप, लेह और कई अंतरराष्ट्रीय डेस्टिनेशन भी तेजी से लोकप्रिय हो रहे हैं।

prabhat sharma
प्रभात शर्माauthor

प्रभात शर्मा टाइम्स नाउ हिंदी डिजिटल के फीचर डेस्क में कार्यरत ट्रैवल और लाइफस्टाइल राइटर हैं। यात्राओं के प्रति उनका गहरा जुनून और नई जगहों को समझने–परखने की क्षमता उनकी लेखन शैली को बेहद जीवंत और पाठकों से जोड़ने वाली बनाती है। वे ऑफबीट डेस्टिनेशन, लोकल कल्चर, हेरिटेज साइट्स, रोड ट्रिप्स, फूड जर्नी और बजट ट्रैवल जैसे विषयों पर मजबूत पकड़ रखते हैं। प्रभात की स्टोरीज़ सिर्फ जानकारी नहीं देतीं, बल्कि यात्रा के माहौल, भाव और अनुभव को भी महसूस कराती हैं। अब तक 7,000 से अधिक कंटेंट लिख चुके प्रभात अपनी सहज भाषा, प्रामाणिक जानकारी और अनुभव-आधारित दृष्टिकोण के लिए जाने जाते हैं।

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