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Goa travel: गोवा में विला स्टे का बढ़ा क्रेज, ब्रेकफास्ट के लिए इस छोटे कैफे पर उमड़ रहे ट्रैवलर्स

Goa travel: अगर आप गोवा घूमने का प्लान कर रहे हैं तो इस बार स्टे के लिए होटल की बजाए विला का चुनाव करें। ब्रेकफास्ट के लिए आप इस अनोखे कैफे का चुनाव कर सकते हैं।

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इस छोटे कैफे पर उमड़ रहे ट्रैवलर्स

Goa travel: पहले ज्यादातर लोग गोवा की यात्रा को दौरान होटल या रिसॉर्ट बुक करते थे, लेकिन अब परिवारों और दोस्तों के ग्रुप के बीच निजी विला और होमस्टे का ट्रेंड तेजी से वायरल हो रहा है। विला बुक करने की सबसे बड़ी वजह ये है कि इसमें आपको सिर्फ एक कमरा नहीं, बल्कि पूरा घर जैसा माहौल मिलता है। बड़े कमरे, अपनी रसोई, बैठने की जगह और कई बार खाना बनाने के लिए शेफ तक मिल जाता है। अगर चार-पांच दोस्तों का ग्रुप या पूरा परिवार साथ में गोवा जा रहा हो, तो विला कई बार होटल में अलग-अलग कमरे लेने की तुलना में ज्यादा सस्ता पड़ता है।

अगर आप भी गोवा ट्रिप का प्लान कर रहे हैं और विला बुक करने का विचार कर रहे हैं तो जान लें कि वहां रहने का एक छोटा सा नुकसान भी हो सकता है। जैसे- सुबह उठकर होटल जैसा तैयार नाश्ता आपको न मिले। लेकिन, ऐसे समय में निराश होने की जरूरत नहीं है क्योंकि साउथ गोवा के बिनौलिम में मौजूद कास्टाचे कैफे ट्रैवलर्स का पसंदीदा ठिकाना बन चुका है। छोटा, शांत और घर जैसा माहौल देने वाला यह कैफे उन लोगों के लिए परफेक्ट है जो गोवा में रहने के लिए होटल की जगह विला या होमस्टे का चुनाव करते हैं।

बिनौलिम में छिपा है कास्टाचे कैफे

साउथ गोवा के बिनौलिम इलाके में स्थित कास्टाचे कैफे आपके लिए एक अच्छा नाश्ता ठिकाना हो सकता है। यह कैफे किसी मुख्य सड़क पर बड़े साइनबोर्ड के साथ नजर नहीं आता। बल्कि यह एक संकरी सी गली में स्थित है, जिसे खोजने के लिए आपको थोड़ा ध्यान देना पड़ेगा। कैफे का पूरा माहौल काफी सादा और आरामदायक है। इसे देखकर आपको किसी बड़े और चमकदार रेस्टोरेंट की बजाय एक छोटे से खूबसूरत कॉटेज जैसा एहसास होता है। पास में हॉस्टल है और कैफे के सामने गाड़ी खड़ी करने की जगह भी मिल जाती है।

छोटा कैफे, लेकिन माहौल दिल जीत लेता है

कास्टाचे कैफे में बहुत ज्यादा टेबल नहीं हैं। यहां करीब सात या आठ टेबल ही हैं। यही वजह है कि कैफे में भीड़भाड़ वाले रेस्टोरेंट जैसा माहौल नहीं लगता। सुबह के समय यहां बैठकर आराम से नाश्ता करना और बाहर की सीटिंग का आनंद लेना काफी अच्छा अनुभव हो सकता है। कैफे का माहौल गर्मजोशी भरा और अपनापन लिए हुए लगता है।

हस्तलिखित मेनू देता है अलग अंदाज

कास्टाचे कैफे की एक दिलचस्प बात इसका मेनू भी है। यहां आपको कोई चमकदार और भारी-भरकम मेनू कार्ड नहीं मिलता, बल्कि मेनू हस्तलिखित है। यह छोटी सी चीज कैफे को घर जैसा एहसास देती है। इतना ही नहीं, यहां खाने को अपनी पसंद के हिसाब से थोड़ा बदलवाने की सुविधा भी मिलती है। यानी अगर आप अपने नाश्ते में कुछ खास चीज चाहते हैं, तो अपनी पसंद बताकर ऑर्डर को अपने हिसाब से तैयार करवा सकते हैं।

शाकाहारियों के लिए भी अच्छे विकल्प

अगर आप वेजिटेरियन हैं, तो भी यहां आपके लिए विकल्पों की कमी नहीं है। मशरूम और एवोकाडो सैंडविच जैसे विकल्प नाश्ते को थोड़ा अलग और स्वादिष्ट बना सकते हैं। इसके अलावा वाफल्स और पैनकेक्स भी मेनू का हिस्सा हैं। खासकर बच्चों के साथ गोवा घूमने आए परिवारों के लिए ये विकल्प काफी पसंद किए जा सकते हैं। सुबह के नाश्ते में मीठा पसंद करने वालों के लिए भी यह जगह निराश नहीं करती।

गोवा में घूमने के साथ लोकल स्वाद भी आजमाएं

बता दें कि गोवा की खूबसूरती सिर्फ समुद्र तटों, नाइटलाइफ और खूबसूरत रिसॉर्ट्स तक सीमित नहीं है। यहां की असली खूबसूरती कई बार ऐसे ही छोटे कैफे, लोकल बाजारों और शांत गलियों में छिपी होती है। इसलिए अगली बार जब आप गोवा जाएं तो सिर्फ बड़े और मशहूर रेस्टोरेंट खोजने की बजाय ऐसे छोटे लोकल कैफे भी तलाशें। हो सकता है आपकी यात्रा की सबसे अच्छी याद किसी बड़े होटल में नहीं, बल्कि किसी छोटी सी गली में मिले एक छोटे से कैफे के नाश्ते से जुड़ जाए।

prabhat sharma
प्रभात शर्माauthor

प्रभात शर्मा टाइम्स नाउ हिंदी डिजिटल के फीचर डेस्क में कार्यरत ट्रैवल और लाइफस्टाइल राइटर हैं। यात्राओं के प्रति उनका गहरा जुनून और नई जगहों को समझने–परखने की क्षमता उनकी लेखन शैली को बेहद जीवंत और पाठकों से जोड़ने वाली बनाती है। वे ऑफबीट डेस्टिनेशन, लोकल कल्चर, हेरिटेज साइट्स, रोड ट्रिप्स, फूड जर्नी और बजट ट्रैवल जैसे विषयों पर मजबूत पकड़ रखते हैं। प्रभात की स्टोरीज़ सिर्फ जानकारी नहीं देतीं, बल्कि यात्रा के माहौल, भाव और अनुभव को भी महसूस कराती हैं। अब तक 7,000 से अधिक कंटेंट लिख चुके प्रभात अपनी सहज भाषा, प्रामाणिक जानकारी और अनुभव-आधारित दृष्टिकोण के लिए जाने जाते हैं।

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