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आखिर चारधाम यात्रा में क्यों उमड़ी इतनी भीड़, सड़कों पर लगे लंबे जाम से लोग बेहाल, बिना दर्शन के घर वापसी - जानें क्या है वजह

Chardham Yatra 2024: चारधाम यात्रा में इस साल काफी ज्यादा संख्या में लोग पहुंच रहे हैं। बढ़ती भीड़ के चलते राज्य सरकार भी अलर्ट है। भारी भीड़ को देखते हुए सरकार ने फिलहाल 31 मई तक के लिए ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन पर रोक लगाई हुई है। ऐसे में सवाल खड़े हो रहे हैं कि चारधाम में इतनी भीड़ क्यों उमड़ी है।

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Chardham Yatra Crowd: आखिर चारधाम यात्रा में क्यों उमड़ी इतनी भीड़?

Photo : Twitter

Uttarakhand Chardham Yatra 2024: मई महीने से शुरू हुई उत्तराखंड की चारधाम यात्रा पहले दिन से ही चर्चाओं में है। पहले दिन से ही यात्रा को लेकर बंपर भीड़ देखने को मिल रही है। अधिक भीड़ और ट्रैफिक जाम के चलते राज्य सरकार भी हरकत में है। चारधाम यात्रा को लेकर सरकार रोज नई एडवाइजरी जारी कर रही है। हालात ऐसे हैं कि भारी भीड़ को देखते हुए सरकार ने फिलहाल 31 मई तक के लिए ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन पर रोक लगा दी है। साथ ही कहा कि बिना रजिस्ट्रेशन के कोई भी यात्री चारधाम यात्रा नहीं कर सकेगा। सरकार ने श्रद्धालुओं से भी बिना रजिस्ट्रेशन के उत्तराखंड नहीं आने की अपील की है। राज्य सरकार बिना रजिस्ट्रेशन वाले यात्रियों को ले जाने पर वाहनों के परमिट भी रद्द कर उन्हें वापस भेज रही है। चारधाम यात्रा के लिए ग्रीन कार्ड का आंकड़ा 23,000 के पार पहुंच गया है। टैक्सी के लिए सबसे ज्यादा ग्रीन कार्ड जारी हुए हैं।

बिना दर्शन के लौट रहे लोग

चारधाम यात्रा को लेकर हालात कुछ ऐसे भी हैं कि भारी भीड़ के चलते कई तीर्थयात्री बिन दर्शन किए ही वापस अपने लौटने को मजबूर हैं। चारधाम यात्रा में दर्शन नहीं कर पाने से निराश यात्रियों का कहना है कि देवभूमि पहुंचने के बाद भी दर्शन नहीं कर पाना काफी दुर्भाग्यपूर्ण है। अचानक से चारधाम में लोगों की इतनी भारी भीड़ बढ़ने से कई सवाल खड़े हो गए हैं। पर्यावरणविद कह रहे हैं कि इतनी भीड़ पहाड़ों के लिए सही नहीं है और ये दुर्घटनाओं को बुलावा साबित हो सकती है।

Chardham Yatra 2024

Chardham Yatra 2024

क्या सोशल मीडिया की वजह से बढ़ी भीड़

चारधाम यात्रा में पहुंच रही भारी भीड़ को के बारे में कहा जा रहा है कि चारधाम यात्रा में इस बार श्रद्धालुओं से ज्यादा यूट्यूबर्स, सोशल मीडिया इंफ्लूएंसर, क्रियटर्स आदि की संख्या खासी है। इसी को ध्यान में रखते हुए राज्य सरकार ने सख्त रवैया अपनाया और सभी धामों के मंदिर परिसर में 50 मीटर के दायरे में रील बनाने और वीडियोग्राफी पर पूरी तरह बैन लगा दिया है। हालांकि बैन लगने के बावजूद पुलिस ने मंदिर परिसर में मोबाइल से रील और वीडियो बनाते हुए कई लोगों को पकड़ा है और जुर्माना वसूला है।

Chardham Yatra

Chardham Yatra

सुविधाएं, छुट्टी और हिल स्टेशन का चार्म

चारधाम यात्रा में पहुंचना पहले की तुलना में बहुत आसान हो गया है। बेहतर कनेक्टिविटी की वजह से पूरा परिवार अब एक साथ यहां आने की तैयारी करता है। इसके अलावा भीड़ बढ़ने की एक वजह बढ़ती गर्मी भी है। दरअसल मई और जून के महीने भयकंर गर्मी से बचने के लिए लोग खासतौर से घूमने भी जाते हैं। स्कूल भी गर्मियों की छुट्टियों में बंद होते हैं, जिस कारण भी लोग अपने बच्चों को लेकर यात्रा पर आ जाते हैं। चारधाम यात्रा में आने से लोग चारधाम के दर्शन करने के साथ ही हिल स्टेशन भी घूम आते हैं। इसके अलावा सोशल मीडिया के दौर में फोटो पोस्ट करने के साथ ट्रेंड होने के लिए भी लोग चारधाम आना चाह रहे हैं।

Uttarakhand Chardham Yatra 2024

Uttarakhand Chardham Yatra 2024

चारधाम में बढ़ती भीड़ को लेकर जब हमने बद्रीनाथ धाम स्थित होटल लक्ष्मी डिवाइन के मैनेजर रामनारायण भंडारी से बात की तो उन्होंने कहा कि पहले की तुलना में अब रोड कनेक्टिविटी काफी बेहतर हो गई है, जिसके चलते भी काफी भीड़ बढ़ गई है। लोगों के पास अपनी खुद की भी गाड़ियां है, जिसकी मदद से वह आसानी से कभी भी आ जा सकते हैं। इसके अलावा चारधाम में अब होटल भी अब काफी ज्यादा खुल गए हैं। उन्होंने आगे कहा कि मई और जून पीक सीजन होता है। साथ ही मैदानी इलाकों में पड़ने वाली गर्मी और बच्चों की गर्मी की छुट्टियों में लोग हिल स्टेशन घूमने जाते ही हैं, तो लोग अब चारधाम का ही प्लान कर लेते हैं। उन्होंने आगे बढ़ते भीड़ के लिए सोशल मीडिया को भी जिम्मेदार ठहराया। वहीं केदारनाथ को लेकर कहा कि पीएम मोदी के केदारानाथ आने से भी लोग यहां काफी संख्या में पहुंच रहे हैं।

कब पहुंचे थे PM मोदी यहां

दरअसल साल 2013 में आई आपदा और प्रधानमंत्री मोदी के बार-बार केदारनाथ आने से चारधाम यात्रा लगातार सुर्खियों में है। साल दर साल यात्रा में भीड़ बढ़ती जा रही है। कोरोना काल में भीड़ थोड़ी कम हुई थी, लेकिन अब फिर से यहां भीड़ बढ़नी शुरू हो गई है। इस साल 10 मई से शुरू हुई चारधाम यात्रा में अब तक 12 लाख से ज्यादा श्रद्धालु दर्शन कर चुके हैं। 28 मई तक केदारनाथ में सबसे ज्यादा श्रद्धालु आए हैं। यहां 5,31,575 श्रद्धालु दर्शन करने पहुंचे हैं। वहीं बद्रीनाथ में 2,87,412, यमुनोत्री में 2,29,654 और गंगोत्री में 2,20,374 श्रद्धालुओं ने दर्शन किए। वहीं दुख की बात एक ये भी है कि 28 मई तक इस साल चारधाम यात्रा पर आने वाले 64 लोगों की मौत भी हो चुकी है। हालांकि मरने वाले ज्यादातर लोग दिल समेत कई गंभीर बीमारियों से जूझ रहे थे।

PM Modi in Kedarnath

PM Modi in Kedarnath

बात अगर हम पिछले साल, यानी 2023 की करें तो पिछले साल 22 अप्रैल से 18 नवंबर तक चारधाम यात्रा चली थी। साल 2023 में लगभग 75 लाख तीर्थयात्रियों ने यात्रा को लेकर रजिस्ट्रेशन कराया था। केदारनाथ, बदरीनाथ, गंगोत्री, यमुनोत्री और हेमकुंड साहिब में 56.13 लाख से अधिक ने दर्शन किए। केदारनाथ धाम में सबसे ज्यादा 19.61 लाख श्रद्धालुओं ने दर्शन किए थे। पिछले साल चारधाम यात्रा के इतिहास में पहली बार श्रद्धालुओं का आंकड़ा 55 लाख के पार पहुंचा था। वहीं साल 2022 में चारधाम यात्रा में यात्रियों का आंकड़ा 46,27,000 हजार के पार पहुंच गया था। वहीं साल 2021 में करीब 5,18,000 यात्री चारधाम यात्रा पर पहुंचे थे। इस साल की शुरुआती भीड़ को देखने से लगता है कि ये आंकड़ा इस बार टूट जाएगा और नया रिकॉर्ड बनेगा।

Deepak Pokharia
दीपक पोखरियाauthor

पहाड़ से हूं, इसलिए घूमने फिरने का शौक है। दिल्ली-नोएडा से ज्यादा उत्तराखंड में ही मन लगता है। कई मीडिया संस्थानों से मेरी करियर यात्रा गुजरी है और मई 2022 से Times Network में timesnowhindi.com के साथ जुड़ा हूं। यहां शुरूआत खबरों से हुई और अब नजरें फीचर टीम के जरिए पाठकों की पसंद के लेख लिखने पर रहती है। घुमक्कड़ी पसंद होने की वजह से मुख्य जिम्मेदारी timesnowhindi.com/travel की है। वैसे मैं देवभूमि उत्तराखंड के नैनीताल से हूं और यहीं पर जन्म हुआ। पढ़ाई की शुरुआत फिरोजपुर (पंजाब) से हुई। इसके बाद लखनऊ (उत्तर प्रदेश), रामपुर (उत्तकर प्रदेश), हल्द्वानी (उत्तराखंड) होते हुए देश की राजधानी दिल्ली से पढ़ाई की। हल्द्वानी के एमबीपीजी कॉलेज से ग्रेजुएशन पूरा किया। साथ ही NIIT से GNIIT किया। इसके बाद दिल्ली से भारतीय विद्या भवन से पत्रकारिता की पढ़ाई की। मीडिया में 12 साल से ज्यादा का अनुभव। टीवी, वेबसाइट और मोबाइल ऐप में अब तक काम किया। नौकरी की शुरुआत 2011 से की। अभी टाइम्स नाऊ नवभारत में 2 से अधिक सीनियर करोस्पेंडट के पद पर हूं। यात्रा सेक्शन से जुड़ने से पहले करीब डेढ़ साल पहले तक न्यूज में ही काम किया।

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