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BRICS Summit 2026: रंग-बिरंगी रोशनियों और पोस्टरों से सजी दिल्ली, ट्रैफिक के कड़े इंतजाम, रहें अलर्ट

BRICS नेताओं का यह उच्चस्तरीय शिखर सम्मेलन 11 से 13 सितंबर तक प्रगति मैदान स्थित भारत मंडपम में आयोजित होगा। इस साल सम्मेलन का आधिकारिक विषय “लचीलेपन, नवाचार, सहयोग और स्थिरता के लिए निर्माण” तय किया गया है।

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दिल्ली में BRICS सम्मेलन

Photo : ANI

BRICS Summit 2026: राजधानी दिल्ली इस महीने होने जा रहे ऐतिहासिक BRICS शिखर सम्मेलन की मेजबानी के लिए पूरी तरह तैयार है। कार्यक्रम को ध्यान में रखते हुए दिल्ली की प्रमुख सड़कों, चौराहों और धौला कुआं जैसे व्यस्त इलाकों को शानदार पोस्टरों, होर्डिंग्स और रंग-बिरंगी लाइटों से सजाया गया है। BRICS नेताओं का यह उच्चस्तरीय शिखर सम्मेलन 11 से 13 सितंबर तक प्रगति मैदान स्थित भारत मंडपम में आयोजित होगा। इस साल सम्मेलन का आधिकारिक विषय “लचीलेपन, नवाचार, सहयोग और स्थिरता के लिए निर्माण” (Building for Resilience, Innovation, Cooperation and Sustainability) तय किया गया है। इसमें सदस्य देशों के राष्ट्राध्यक्ष, वैश्विक प्रतिनिधि और अंतरराष्ट्रीय संगठनों के प्रमुख शामिल होंगे।

ट्रैफिक और सुरक्षा के कड़े इंतजाम

विदेशी मेहमानों और वीआईपी काफिलों की सुगम आवाजाही के लिए दिल्ली ट्रैफिक पुलिस ने व्यापक रणनीति तैयार की है।

  • विदेशी प्रतिनिधि राजधानी के 9 बड़े होटलों में ठहरेंगे। इन होटलों से भारत मंडपम तक के रास्तों पर काफिलों की रिहर्सल की जा रही है।
  • ट्रैफिक पुलिस ने सुचारू आवाजाही के लिए 22 मुख्य डायवर्जन पॉइंट बनाए हैं। सेंट्रल, साउथ और नई दिल्ली की करीब 35 से ज्यादा सड़कों पर वीआईपी मूवमेंट के दौरान अस्थायी रूप से रूट बदले जाएंगे।
  • आम लोगों को सलाह दी गई है कि वे भीड़भाड़ से बचने के लिए अपनी यात्रा का समय पहले से तय करें और ज्यादा से ज्यादा दिल्ली मेट्रो का इस्तेमाल करें।

11 सदस्यों के साथ और मजबूत हुआ BRICS

वर्ष 2006 में भारत, ब्राजील, रूस और चीन (BRIC) के रूप में शुरू हुए इस संगठन में 2011 में दक्षिण अफ्रीका शामिल हुआ था। इसके बाद जनवरी 2024 में मिस्र, इथियोपिया, ईरान, सऊदी अरब और यूएई, और फिर जनवरी 2025 में इंडोनेशिया के शामिल होने से अब यह 11 पूर्ण सदस्य देशों का एक प्रभावशाली वैश्विक मंच बन चुका है।

कब हुआ पहला सम्मेलन

16 जून 2009 को रूस के येकातेरिनबर्ग में पहला औपचारिक BRIC शिखर सम्मेलन आयोजित किया गया। दिसंबर 2010 में दक्षिण अफ्रीका को इसमें शामिल होने का निमंत्रण मिला। 2011 के चीन सम्मेलन में दक्षिण अफ्रीका के जुड़ते ही इसका नाम बदलकर BRICS हो गया। पश्चिम-संचालित वित्तीय संस्थाओं (जैसे IMF और विश्व बैंक) पर निर्भरता कम करने के लिए BRICS ने अपने खुद के संस्थान बनाए। 2014 के फोर्टालेजा (ब्राजील) सम्मेलन में इसकी स्थापना हुई। इसका मुख्यालय शंघाई (चीन) में है, जो सदस्य देशों में इंफ्रास्ट्रक्चर और विकास परियोजनाओं के लिए फंडिंग प्रदान करता है।

ऐतिहासिक महा-विस्तार (BRICS+)

वैश्विक वित्तीय संकट या भुगतान संतुलन के संकट के समय सदस्य देशों को तरलता सहायता देने के लिए 100 बिलियन डॉलर का फंड बनाया गया। 2023 के जोहान्सबर्ग सम्मेलन के बाद BRICS का व्यापक विस्तार हुआ। 1 जनवरी 2024 को मिस्र (Egypt), इथियोपिया, ईरान और संयुक्त अरब अमीरात (UAE) पूर्ण सदस्य बने। जनवरी 2025 में इंडोनेशिया औपचारिक रूप से इसका पूर्ण सदस्य बन गया। इसके साथ ही कई देशों को 'पार्टनर कंट्री' का दर्जा दिया गया। BRICS अब 11 पूर्ण सदस्य देशों का समूह बन चुका है, जो दुनिया की 45% से अधिक आबादी और वैश्विक जीडीपी के 35% से अधिक हिस्से का प्रतिनिधित्व करता है।

Amit Mandal
अमित कुमार मंडलauthor

अमित मंडल टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में न्यूज डेस्क पर Assistant Editor के रूप में काम कर रहे हैं। प्रिंट, टीवी और डिजिटल—तीनों माध्यमों में कुल मिलाकर 15 सालों से अधिक का अनुभव उन्हें खबरों को देखने की व्यापक दृष्टि देता है। ब्रेकिंग न्यूज, लाइव ब्लॉग, स्पेशल स्टोरीज और एक्सप्लेनेर फॉर्मेट पर उनकी मजबूत पकड़ है। एंगल चुनने की कला, खबरों की गति को समझना और समय पर सही जानकारी पहुंचाना—ये उनकी सबसे बड़ी खूबियां हैं। अमित अपने करियर में करीब 20 हजार से अधिक न्यूज आर्टिकल, एनालिसिस और एक्सप्लेनर पब्लिश कर चुके हैं।

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