Nainital Famous Lakes: नैनीताल (Nainital) उत्तराखंड (Uttarakhand) का एक फेमस हिल स्टेशन (Hill Station) है। इस हिल स्टेशन को देखने के लिए देश ही नहीं विदेशों से भी टूरिस्ट (Tourist) यहां आते हैं। हिल स्टेशन (Best Places in Nainital) होने के साथ ही नैनीताल उत्तराखंड का एक जिला भी है। नैनीताल खासतौर से अपनी झीलों को लेकर काफी फेमस (Nainital Famous for Lakes) है। यहां आपको एक से बढ़कर एक झीलें देखने को (Best Lakes of Nainital) मिलेंगी। कई झीलें तो ऐसी भी हैं, जहां रोड भी सही से नहीं पहुंची हैं और यहां ज्यादा टूरिस्ट भी अब तक यहां नहीं पहुंच पाएं हैं। आज हम आपको नैनीताल की उन फेमस झीलों के बारे में बताएंगे (Famous Lakes of Nainital), जहां आपको नैनीताल आने पर जरूर जाना चाहिए। साथ ही हम आपको ये भी बताएंगे कि यहां की कौन सी झील सबसे बड़ी है, किस झील को देखने के लिए टूरिस्ट सबसे ज्यादा आते हैं और कौन सी झील सबसे गहरी है।
Uttarakhand Tourism: तालों और झीलों का शहर है उत्तराखंड की ये जगह।
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नैनीताल की फेमस झीलें (Famous Lakes of Nainital)
नैनी झील (Naini Lake)
हिल स्टेशन नैनीताल आने वाले लोग नैनी झील का दीदार जरूर करते हैं। पहली बार यहां आने वाला टूरिस्ट तो इस झील पर बोटिंग भी जरूर करते हैं। नैनीताल झील सात पहाड़ियों से घिरी हुई है। अर्धचंद्राकार ये झील 1.432 किलोमीटर लंबी, 42 मीटर चौड़ी है। झील की अधिकतम गहराई 30.3 मीटर है। नैनीताल जिले में नैनी झील को देखने के लिए टूरिस्ट सबसे ज्यादा आता है। नैनी झील है नैनीताल जिल की सबसे फेमस झील है। दोपहर के समय जब झील पर सूरज का प्रतिबिंब चमकता है, तो नैनी झील के बहते पानी का नीला रंग और भी आकर्षक हो जाता है। झील में आप पैडल बोट के साथ रोइंग बोट दोनों कर सकते हैं। बारिश के मौसम में तो नैनी झील पानी से पूरी तरह से भर जाती है। स्थिति ये हो जाती है कि झील का पानी नैनीताल की सड़कों पर आ जाता है। आप नैनीताल आसानी से सड़क के रास्ते पहुंच सकते हैं।
भीमताल (Bhimtal)
भीमताल की झील नैनीताल जिले की सबसे बड़ी और उत्तराखंड की दूसरे नंबर की झील है। भीमताल की झील समुद्र तल से 1,370 मीटर की ऊंचाई पर है। घूमने के लिए नैनीताल आने वाला हर टूरिस्ट इस झील को देखने के लिए जरूर आता है। भीमताल झील का नाम महाभारत के महान पात्र महाबली भीम के नाम पर रखा गया है। भीमताल झील में आप बोटिंग का मजा भी ले सकते हैं। भीमताल झील के अंदर एक टापू भी है, जिसमें एक्वेरियम भी है। झील के किनारे आप बोटिंग के साथ ही बर्डवॉचिंग, वॉक आदि कर सकते हैं। इसके अलावा यहां कई देवताओं के मंदिर भी हैं।
खुर्पाताल (Khurpatal)
नैनीताल जिले से महज 10 किलोमीटर की दूरी पर खुर्पाताल है। खुर्पाताल में एक छोटी सी प्राकृतिक झील है। खुर्पाताल की झील हरे-भरे देवदार और चीड़ के पेड़ों से घिरी है। खुर्पाताल झील अपनी मनमोहक सुंदरता के लिए फेमस है। खुर्पाताल नैनीताल में घूमने के लिए सबसे कम देखी जाने वाली जगहों में से एक है। आमतौर पर नैनीताल आने वाले टूरिस्ट यहां कम संख्या में आते हैं। खुर्पाताल की झील अलग-अलग प्रकार की मछलियों का भी घर है। समुद्र तल से खुर्पाताल लगभग 1,600 मीटर की ऊंचाई पर स्थित है।
नौकुचियाताल (Naukuchiatal)
नैनीताल से महज 25 किलोमीटर की दूरी पर आपको नौकुचियाताल नाम की एक खूबसूरत झील के दर्शन होंगे। नौकुचियाताल झील के 9 कोने हैं। नौकुचियाताल समुद्र तल से 1,220 मीटर की ऊंचाई पर स्थित है। 983 मीटर की लंबाई, 693 मीटर की चौड़ाई और 40.3 मीटर की गहराई के साथ नौकुचियाताल नैनीताल जिले की सबसे गहरी झीलों में से एक है। स्वच्छ, शांत, सुंदरता के चलते नौकुचियाताल झील हनीमून के भी बेहद खास है। आप यहां बोटिंग के साथ बर्ड वॉचिंग और फोटोग्राफी भी कर सकते हैं।
सातताल (Sattal)
सातताल नैनीताल की सबसे फेमस झीलों में से एक है। सातताल समुद्र तल से 1,370 मीटर की ऊंचाई पर स्थित है। झील ओक और देवदार के घने जंगलों से घिरी है। सातताल झील में 7 झीलें हैं। सातताल बनाने वाली इन सात झीलों के अलग-अलग नाम भी हैं। इन झीलों के नाम हैं- पूर्ण ताल, राम ताल, सीता ताल, लक्ष्मण ताल, नल दमयंती ताल, सुख ताल और गरुड़ ताल। सातताल में काफी संख्या में मछलियां और प्रवासी पक्षी भी पाए जाते हैं। हनीमून से लेकर घूमने के लिए ये जगह काफी स्पेशल है। यहां का मौसम काफी ठंडा रहता है। घूमने के लिए नैनीताल और भीमताल आने वाले टूरिस्ट यहां जरूर आते हैं। सातताल नैनीताल की सबसे सुंदर तालों में से एक है।
हरीशताल (Harishtal)
हरीशताल झील नैनीताल की वह जगह है, जहां हर कोई नहीं पहुंच पाया है। हरीशताल झील नैनीताल जिले के ओखलकांडा ब्लॉक में स्थित है। खराब रोड कनेक्टिविटी के चलते यहां पहुंचना आसान नहीं हैं। लेकिन ये झील काफी सुंदर है और घने जंगलों के बीच है। हरीशताल चारों तरफ से पहाड़ों से घिरा हुआ है, जिसकी खूबसूरती देखते ही बनती है। ये झील काफी बड़ी है और इसके चारों और एक गांव है। काठगोदाम से इस ताल की दूरी 50 किलमीटर है।
लोहाखाम ताल (Lohakhamtal)
लोहाखाम ताल खुर्पाताल के आकार की बहुत छोटी झील है। लोहाखाम ताल हरीशताल के पास में है। ये झील भी हरीशताल की तरह बेहद सुंदर है, लेकिन खराब सड़क के चलते यहां टूरिस्ट नहीं पहुंच पाया है। बहुत कम ही टूरिस्ट यहां तक पहुंच पाए हैं। इस ताल का अपना अलग ही सौंदर्य है। लोहाखाम ताल का पानी और चारों तरफ हरे-भरे पेड़ मन को बहुत अधिक सकून देते हैं। लोहाखाम ताल की गहराई काफी ज्यादा है। कहा जाता है कि अंग्रेजों ने लोहाखाम ताल की गहराई नापने की बहुत कोशिश की थी, लेकिन वो इसे नाप नहीं पाएं।
सरियाताल (Sariyatal)
नैनीताल से लगभग 10 किलोमीटर की दूरी पर सरियाताल झील है। सरियाताल झील का आकार दिल के आकार जैसा है। ये एक आर्टिफिशियल झील है। सरियाताल नैनीताल से कालाढूंगी के रास्ते में स्थित है। ये छोटी सी झील एक सुंदर टूरिस्ट स्पॉट है। प्रकृति की सुंदरता के साथ एकांत में समय बिताने के लिए सरियाताल बेस्ट ऑप्शन है।
हमें उम्मीद है कि इस आर्टिकल को पढ़ने के बाद आप नैनीताल यात्रा के दौरान इन झीलों को देखने का प्लान जरूर बनाएंगे।
