Kanpur Engineer Chandan Gupta Russia Release: रूस के मॉस्को में हिरासत में लिए गए कानपुर के निवासी और पेशे से इंजीनियर चंदन गुप्ता को रिहा कर दिया गया है। वे सुरक्षित अपने घर लौट आए हैं। उनकी पत्नी स्नेहा गुप्ता ने एक नया वीडियो संदेश जारी कर अपने पति की सुरक्षित रिहाई की पुष्टि की है। स्नेहा ने बताया कि चंदन की नियोक्ता कंपनी द्वारा कानूनी सहायता मुहैया कराए जाने और भारतीय अधिकारियों के हस्तक्षेप के बाद यह रिहाई संभव हो सकी।
स्नेहा गुप्ता ने बताया कि उनके पति नोएडा स्थित प्रसिद्ध पैकेजिंग कंपनी UFlex Ltd के माध्यम से वर्क वीजा पर मॉस्को में काम करते हैं। संकट के दौरान UFlex Ltd की रूसी शाखा (UFlex Ltd Russia) का प्रशासन विभाग और यूनिट प्रमुख लगातार परिवार के संपर्क में रहे। कंपनी ने चंदन के लिए तुरंत एक स्थानीय वकील की व्यवस्था की, जिसकी मदद से उन्हें पुलिस हिरासत से रिहा कराया गया। स्नेहा ने भाजपा सांसद सीमा द्विवेदी और सर्व वैश्य समाज के सदस्यों को धन्यवाद दिया, जिन्होंने उनके मुद्दे को प्रमुखता से उठाकर अधिकारियों तक पहुंचाया।
भारतीय महिला बोली- सेना में भर्ती होने दबाव डाल रही रूसी पुलिस
भारतीय महिला ने आरोप लगाया था कि मॉस्को में रूसी पुलिस ने उसके पति को हिरासत में ले लिया है और उन पर रूसी सेना में शामिल होने का दबाव डाल रही है। उसके बाद भारतीय दूतावास ने रूस से उसे राजनयिक पहुंच उपलब्ध कराने की मांग की थी। स्नेहा गुप्ता ने छह सितंबर को इंस्टाग्राम पर पोस्ट किये गये एक अपील वीडियो में ये आरोप लगाए। स्नेहा अपने इंस्टाग्राम प्रोफाइल पर खुद को वकील बताती हैं।
उन्होंने बताया था कि उनके पति चंदन गुप्ता कानपुर के एक अभियंता हैं और वे दोनों मॉस्को में उनके 'हाईली क्वालिफाइड स्पेशलिस्ट' वीजा पर रह रहे हैं। स्नेहा ने कहा कि यह वीजा नोएडा की एक कंपनी ने जारी किया था, जहां उनके पति काम करते थे। उन्होंने आरोप लगाया कि रूसी पुलिस ने बिना किसी गलती के रविवार रात करीब 12:30 बजे उनके पति को हिरासत में ले लिया।
स्नेहा ने यह भी आरोप लगाया कि हिरासत के दौरान उनके पति पर रूसी सेना में शामिल होने के लिए दबाव डाला जा रहा है। भारतीय महिला का कहना है कि रूसी सेना में सैनिकों की कमी के कारण विदेशी नागरिकों को भर्ती करने की कोशिशें की जा रही हैं।
हालांकि, स्नेहा के आरोपों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हो सकी है। यह मामला ऐसे समय में सामने आया है जब भारत उन भारतीय नागरिकों को रूसी सेना से मुक्त कराने और वापस लाने की लगातार कोशिश कर रहा है जिन्हें सेना में भर्ती किया गया था। पिछले हफ्ते (भारतीय) विदेश मंत्रालय ने बताया कि रूसी सेना में 227 भारतीय नागरिकों को भर्ती किया गया था, जिनमें से 139 को मुक्त कर दिया गया और 51 की मौत हो गई। मंत्रालय ने कहा कि भारत बाकी भारतीय नागरिकों को जल्द मुक्त कराने और वापस लाने के लिए रूस के साथ बातचीत कर रहा है।
