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Monsoon Destinations: इस मानसून घूमिए बाहुबली हिल्स, जानें कहां कर रही हैं ये पहाड़ियां आपके आने का इंतजार

Monsoon Destinations: इस मानसून में सुंदर पहाड़ियों के बीच बादल देखने का मन है तो बाहुबली हिल्स घूमने का प्लान कर लें। जानें किस जगह पर आप इन हिल्स को देख सकते हैं और क्या मानसून में जाना सही रहेगा।

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बाहुबली हिल्स : मानसून में प्रकृति और सुंदर नजारों का साथ (AI Image)

Monsoon Destinations: मानसून में कुछ जगहें सिर्फ देखी नहीं जातीं, महसूस की जाती हैं। बाहुबली हिल्स भी ऐसी ही एक जगह है। यहां पहुंचकर आपको न कोई ऐतिहासिक किला मिलेगा, न भव्य मंदिर और न ही किसी महल की ऊंची दीवारें। लेकिन जो मिलेगा, वह शायद इन सबसे ज्यादा खूबसूरत होगा - पहाड़ियों के बीच बहती ठंडी हवा, बारिश से धुली चट्टानें, बादलों की ओट से झांकती धूप और नीचे फैली बड़ी झील, जो हर पल अपना रंग बदलती रहती है।

अगर आपकी भी छुट्टियों की परिभाषा भीड़भाड़ वाले बाजार नहीं, बल्कि प्रकृति के बीच कुछ शांत पल बिताना है, तो इस मानसून बाहुबली हिल्स आपकी ट्रैवल लिस्ट में जरूर होनी चाहिए।

बाहुबली हिल्स कहां स्थित हैं

अगर बारिश का मौसम सुंदर नजारों के बीच बिताना चाहते हैं तो बाहुबली हिल्स आपके लिए परफेक्ट चॉइस होगी। ये पहाड़ियां उदयपुर की बड़ी लेक के पास हैं।

उदयपुर की सड़कों से आगे बढ़ते हुए जैसे-जैसे आप बड़ी झील की ओर बढ़ते हैं, शहर का शोर धीरे-धीरे पीछे छूटने लगता है। रास्ते में अरावली की पहाड़ियां साथ चलती हैं और बारिश से धुले पेड़ किसी पुराने फिल्मी दृश्य जैसे लगते हैं।

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जहां पहुंचते ही मोबाइल की नहीं, आंखों की स्क्रीन खुल जाती है

बाहुबली हिल्स तक पहुंचने के लिए थोड़ी सी चढ़ाई करनी होती है। रास्ते में कहीं मिट्टी की खुशबू साथ चलती है, तो कहीं हवा चेहरे से टकराकर मानो कहती है- बस थोड़ा और चलो। और फिर अचानक सामने खुलता है एक ऐसा दृश्य, जहां कदम खुद-ब-खुद रुक जाते हैं।

नीचे दूर तक फैली बड़ी झील, उसके चारों ओर हरे-भरे पहाड़ और ऊपर आसमान में तैरते बादल - कुल मिलाकर नजारा ऐसा लगता है जैसे किसी चित्रकार ने अपनी सबसे खूबसूरत पेंटिंग यहीं बनाकर छोड़ दी हो।

यहां प्रकृति ही सबसे बड़ी कलाकार है

बहुत से लोग बाहुबली हिल्स का नाम सुनकर सोचते हैं कि यहां कोई विशाल मूर्ति या ऐतिहासिक धरोहर होगी। लेकिन इसकी सबसे बड़ी खूबसूरती यही है कि यहां कुछ भी कृत्रिम नहीं है।

यह एक प्राकृतिक व्यू पॉइंट है, जहां लोग सिर्फ एक नजारा देखने नहीं आते, बल्कि कुछ देर खुद से मिलने भी आते हैं।

चट्टानों पर बैठकर जब आप झील को देखते हैं, तो एहसास होता है कि प्रकृति को खूबसूरत दिखने के लिए किसी सजावट की जरूरत नहीं होती। हवा में घुली नमी, दूर उड़ते पक्षी और पहाड़ियों के बीच पसरा सन्नाटा- सब मिलकर ऐसा माहौल बना देते हैं कि घड़ी देखना भी याद नहीं रहता।

मानसून में क्यों बढ़ जाती है बाहुबली हिल्स की खूबसूरती

गर्मियों में जो पहाड़ियां भूरे रंग की दिखाई देती हैं, बारिश के बाद वही हरे मखमली कालीन जैसी लगने लगती हैं। चट्टानों की दरारों से उगी छोटी-छोटी घास, बादलों की हल्की चादर और झील में पड़ती आसमान की परछाई- हर कुछ मिनट में नजारा बदलता रहता है।

अगर किस्मत अच्छी हो और हल्की फुहार पड़ रही हो, तो यहां खड़े होकर ऐसा महसूस होता है जैसे बादल आपके आसपास ही उतर आए हों।

यही वजह है कि फोटोग्राफर, ट्रैवल ब्लॉगर और कपल्स मानसून के दिनों में सबसे ज्यादा यहां पहुंचते हैं। लेकिन सच कहें, तो इस जगह को कैमरे से ज्यादा अपनी आंखों में कैद करना अच्छा लगता है।

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छोटे से ट्रेक की यादें बहुत बड़ी

बाहुबली हिल्स तक पहुंचने का रास्ता बहुत मुश्किल नहीं है। थोड़ी-सी चढ़ाई है, लेकिन मंजिल हर कदम की थकान उतार देती है। हां, बारिश में चट्टानें फिसल सकती हैं, इसलिए आरामदायक जूते पहनें और जल्दबाजी बिल्कुल न करें।

यहां कोई कैफे नहीं, कोई तेज म्यूजिक नहीं और न ही पर्यटकों की जरूरत से ज्यादा हलचल। यही इसकी सबसे बड़ी खूबी है। आप चाहें तो बस एक चट्टान पर बैठ जाइए, हवा को महसूस कीजिए और बिना कुछ बोले कुछ देर उस दृश्य को अपने भीतर उतरने दीजिए।

क्योंकि हर सफर सिर्फ घूमने के लिए नहीं होता

कुछ यात्राएं ऐसी होती हैं, जहां आप सिर्फ नई जगह नहीं देखते, बल्कि खुद को भी थोड़ा नया महसूस करते हैं। बाहुबली हिल्स भी ऐसी ही मंजिल है। जब लौटते वक्त पीछे मुड़कर आखिरी बार उन पहाड़ियों को देखते हैं, तो लगता है जैसे वे कह रही हों कि बारिश फिर आएगी... तो तुम भी फिर जरूर आना।

शायद इसी एहसास की वजह से जो लोग एक बार बाहुबली हिल्स पहुंचते हैं, वे इसे सिर्फ एक ट्रैवल डेस्टिनेशन नहीं, बल्कि मानसून की सबसे खूबसूरत यादों में शामिल कर लेते हैं।

Medha Chawla
मेधा चावलाauthor

मेधा चावला टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में सीनियर एसोसिएट एडिटर हैं और लाइफस्टाइल सेक्शन की लीड हैं। लाइफस्टाइल पत्रकारिता में 20 वर्षों का अनुभव रखने वाली मेधा की विशेषज्ञता हेल्थ, वेलनेस, फिटनेस, मेंटल हेल्थ, डेली लाइफ इम्प्रूवमेंट, ह्यूमन-इंटरेस्ट फीचर्स और रिसर्च-बेस्ड स्टोरीज तक फैली है। उनकी लेखन शैली पाठकों को जटिल स्वास्थ्य और जीवनशैली संबंधी विषयों को आसान, समझने योग्य और व्यवहारिक रूप में प्रस्तुत करती है, जिससे उनका कंटेंट व्यापक पाठक समूह से जुड़ता है। अबतक 30,000 से अधिक कंटेंट पीस लिख चुकी मेधा की कई एक्सक्लूसिव स्टोरीज डिजिटल प्लेटफॉर्म पर ट्रेंड सेट कर चुकी हैं।

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