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July Spiritual Places: जुलाई में घूमने के लिए 8 धार्मिक स्थल, मानसून में भी कर सकते हैं सुरक्षित यात्रा

July Spiritual Places: जानें जुलाई के महीने में में किन धार्मिक स्थलों की यात्रा कर सकते हैं। उज्जैन, वाराणसी, पुरी, सोमनाथ, द्वारका आदि जगहों पर बारिश के मौसम में अच्छा ट्रिप प्लान किया जा सकता है।

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जुलाई में धार्मिक यात्रा के लिए कहां जाएं

July Spiritual Places: जुलाई के महीने में बारिश चारों तरफ हरियाली ले आती है और मौसम भी मई-जून की तुलना में ठंडा हो जाता है। ऐसे मौसम में अगर घूमने का प्लान है तो इस दौरान आध्यात्मिक यात्रा करने के बारे में भी सोच सकते हैं। हालांकि बारिश के मौसम में हर धार्मिक स्थल यात्रा के लिए उपयुक्त नहीं होता। पहाड़ी इलाकों में तो खासतौर पर भूस्खलन और रास्ते बंद होने का खतरा बना रहता है। ऐसे में बेहतर है कि ऐसी जगहों का चुनाव किया जाए जहां यात्रा अपेक्षाकृत सुरक्षित हो और दर्शन भी आराम से किए जा सकें।

आइए जानते हैं जुलाई में घूमने के लिए भारत के कुछ ऐसे धार्मिक स्थलों के बारे में, जहां आप मानसून का आनंद लेते हुए आध्यात्मिक शांति भी पा सकते हैं।

उज्जैन महाकालेश्वर, मध्य प्रदेश

जुलाई के महीने में सावन मास का आरंभ भी हो ही जाता है। ऐसे में उज्जैन में महाकाल के दर्शन का प्लान का जुलाई में बना सकते हैं। श्रावण मास में भगवान महाकाल की विशेष पूजा और भस्म आरती का अलग ही महत्व होता है। उज्जैन की एक खास बात ये है कि शहर अच्छी सड़क और रेल सुविधा से जुड़ा है, इसलिए बारिश के मौसम में भी यहां आप आराम से पहुंच सकते हैं।

सावन की आहट के साथ जुलाई में बनाएं उज्जैन का प्लान

सावन की आहट के साथ जुलाई में बनाएं उज्जैन का प्लान

वाराणसी, उत्तर प्रदेश

उज्जैन की तरह ही वाराणसी भी शिव भक्तों के बीच खास स्थान रखता है। जुलाई के महीने में यहां का माहौल और आध्यात्मिक हो जाता है। जुलाई में गंगा के घाट, मंदिरों की घंटियां और बारिश की हल्की फुहारें इस शहर की खूबसूरती को और बढ़ा देती हैं। काशी विश्वनाथ मंदिर के दर्शन के साथ दशाश्वमेध घाट की गंगा आरती भी आपकी यात्रा को यादगार बना सकती है।

जगन्नाथ पुरी, ओडिशा

जुलाई का महीना पुरी जाने के लिए बेहद खास माना जाता है। इस महीने में प्रसिद्ध रथ यात्रा का उत्सव भी आयोजित होता है। लाखों श्रद्धालु भगवान जगन्नाथ, बलभद्र और सुभद्रा के दर्शन के लिए यहां पहुंचते हैं। वहीं पुरी शहर समुद्र किनारे बसा है और मानसून में अपनी अलग ही छटा बिखेरता है। लेकिन इस बात का ध्यान रखें कि रथ यात्रा के दौरान पुरी में भारी भीड़ रहती है, इसलिए यात्रा का प्लान एडवांस में बनाकर चलें।

पुरी: जुलाई में होती है प्रसिद्ध रथ यात्रा

पुरी: जुलाई में होती है प्रसिद्ध रथ यात्रा

सोमनाथ, गुजरात

अरब सागर के किनारे स्थित सोमनाथ मंदिर भारत के बारह ज्योतिर्लिंगों में पहला माना जाता है। बारिश के मौसम में यहां का समुद्री वातावरण और मंदिर का भव्य दृश्य मन मोह लेता है। गुजरात की सड़क व्यवस्था अच्छी होने के कारण जुलाई के बारिश वाले मौसम में यहां यात्रा अपेक्षाकृत आसान रहती है।

द्वारका, गुजरात

भगवान श्रीकृष्ण की नगरी द्वारका भी जुलाई में घूमने के लिए एक अच्छा विकल्प हो सकती है। द्वारकाधीश मंदिर में दर्शन के साथ गोमती घाट और बेट द्वारका की यात्रा भी की जा सकती है। हालांकि बारिश के दौरान समुद्र में तेज लहरें हो सकती हैं, इसलिए स्थानीय प्रशासन के निर्देशों का पालन करते हुए ही यात्रा प्लान करें।

श्री साईं बाबा मंदिर, शिरडी

अगर आप शांत और व्यवस्थित धार्मिक यात्रा चाहते हैं तो जुलाई में जाने के लिए महाराष्ट्र का शिरडी भी शानदार विकल्प है। बारिश के मौसम में यहां का वातावरण काफी सुहावना हो जाता है। मंदिर परिसर की व्यवस्था अच्छी होने के कारण परिवार के साथ भी आसानी से दर्शन किए जा सकते हैं।

सालासर बालाजी, राजस्थान

राजस्थान का सालासर बालाजी मंदिर भी जुलाई में श्रद्धालुओं की लिस्ट में प्रमुख स्थान रखता है। यहां पहुंचना सड़क और रेल - दोनों माध्यमों से आसान है। मानसून के दौरान यहां मौसम अपेक्षाकृत सुखद रहता है, जिससे यात्रा आरामदायक बन जाती है।

अंबाजी मंदिर, गुजरात

गुजरात का प्रसिद्ध अंबाजी शक्तिपीठ भी जुलाई में भक्तों के बीच काफी लोकप्रिय रहता है। सावन और मानसून के दौरान यहां सुंदर नजारे दिखते हैं। फिर यहां अच्छी कनेक्टिविटी और व्यवस्थाएं हैं। इस कारण जुलाई में यहां की धार्मिक यात्रा का प्लान आप बना सकते हैं।

मानसून में धार्मिक यात्रा करते समय रखें इन बातों का ध्यान

बारिश के मौसम में यात्रा पर निकलते समय रेनकोट या छाता, अतिरिक्त कपड़े और फिसलन से बचाने वाले जूते जरूर साथ रखें। मौसम का पूर्वानुमान देखकर ही यात्रा की योजना बनाएं। जहां भारी बारिश या भूस्खलन की चेतावनी हो, वहां जाने से बचें। मंदिरों में भीड़ होने पर प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करें और यदि बुजुर्ग या बच्चे साथ हों तो यात्रा को आरामदायक रखने की कोशिश करें।

Medha Chawla
मेधा चावलाauthor

मेधा चावला टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में सीनियर एसोसिएट एडिटर हैं और लाइफस्टाइल सेक्शन की लीड हैं। लाइफस्टाइल पत्रकारिता में 20 वर्षों का अनुभव रखने वाली मेधा की विशेषज्ञता हेल्थ, वेलनेस, फिटनेस, मेंटल हेल्थ, डेली लाइफ इम्प्रूवमेंट, ह्यूमन-इंटरेस्ट फीचर्स और रिसर्च-बेस्ड स्टोरीज तक फैली है। उनकी लेखन शैली पाठकों को जटिल स्वास्थ्य और जीवनशैली संबंधी विषयों को आसान, समझने योग्य और व्यवहारिक रूप में प्रस्तुत करती है, जिससे उनका कंटेंट व्यापक पाठक समूह से जुड़ता है। अबतक 30,000 से अधिक कंटेंट पीस लिख चुकी मेधा की कई एक्सक्लूसिव स्टोरीज डिजिटल प्लेटफॉर्म पर ट्रेंड सेट कर चुकी हैं।

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