Zepto Introduces Platform Fee: यदि आप ऑनलाइन सामान की खरीदारी के लिए जेप्टो का इस्तेमाल करते हैं तो आपके लिए अच्छी खबर नहीं है। क्योंकि जेप्टो से सामान मंगाना अब महंगा होने वाला है। जेप्टो प्रति ऑर्डर 2 रुपये का प्लेटफॉर्म शुल्क लगाने वाली पहली क्विक-कॉमर्स कंपनी बन गई है। प्लेटफॉर्म पर शुल्क चुनिंदा यूजर्स पर लागू होगा।
प्लेटफॉर्म शुल्क लगाने वाली पहली कंपनी बनी जेप्टो
इस समय जोमैटो के मालिकाना हक वाली ब्लिंकिट और स्विगी इंस्टामार्ट, जेप्टो की प्रतिस्पर्धी हैं। यह दोनों ग्रॉसरी ऑर्डर पर कोई शुल्क नहीं लेती हैं, लेकिन डिलीवरी ऑर्डर से प्लेटफार्म शुल्क लेती हैं। जेप्टो प्लेटफार्म शुल्क लगाने वाली पहली कंपनी बन गई है।
जानें कंपनी ने क्या कहा?
कंपनी के एक प्रवक्ता ने कहा, ''हम मुनाफे के लिए डिलीवरी शुल्क पर ज्यादा निर्भर होने में विश्वास नहीं करते। हम फायदे के लिए मुख्य परिचालन दक्षता और लागत में कमी में विश्वास करते हैं। हम बहुत कम डिलीवरी शुल्क के साथ भी एबिटडा पॉजिटिव मील का पत्थर हासिल करने की राह पर हैं, 'जेप्टो पास' इसका सबसे अच्छा उदाहरण है।''
ये शुल्क भी लेता है प्लेटफार्म
जेप्टो की ओर से ग्राहकों पर लगाए जाने वाला प्लेटफार्म शुल्क एकमात्र एक्ट्रा शुल्क नहीं है। कंपनी कुछ मामलों में रात 11 बजे के बाद दिए गए ऑर्डर पर 15 रुपये का 'लेट नाइट हैंडलिंग शुल्क' भी लेती है। इस बीच, जेप्टो ने वित्त वर्ष 2022-23 में 1,339 प्रतिशत राजस्व वृद्धि (साल-दर-साल) दर्ज की है, जबकि इसका घाटा भी पिछले वित्तीय वर्ष से काफी बढ़ गया है।
जेप्टो डार्क स्टोर
मुंबई में अपना पहला डार्क स्टोर लॉन्च करने के बाद से अपने दूसरे वर्ष में जेप्टो का राजस्व 14 गुना बढ़कर 2,024 करोड़ रुपये (वित्त वर्ष 2021-22 में 142.36 करोड़ रुपये) हो गया, जबकि घाटा वित्त वर्ष 2021-22 में 390 करोड़ रुपये से तीन गुना बढ़कर 1,272 करोड़ रुपये हो गया है। जेप्टो ने हाल ही में कहा कि उसकी अगले 2-3 वर्षों में पब्लिक होने की योजना है।
