अमेरिकी सेना ने हाल के संयुक्त अमेरिकी-इजरायली हमले में Anthropic की AI मॉडल Claude का इस्तेमाल किया, जबकि कुछ ही घंटे पहले राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सरकारी एजेंसियों को इसके इस्तेमाल पर रोक लगाने का आदेश दिया था।
बैन और उपयोग: तकनीक क्यों बनी विवाद का केंद्र
ट्रंप ने शुक्रवार को घोषणा करते हुए सभी संघीय एजेंसियों को Claude के तत्काल उपयोग बंद करने का निर्देश दिया और Anthropic को "Radical Left AI कंपनी" कहा था। बावजूद इसके, अमेरिकी मिलिट्री कमांड ने ईरान पर हमले के दौरान AI का उपयोग जारी रखा। इससे स्पष्ट होता है कि नीति और सैन्य आवश्यकताओं के बीच जटिलता बनी हुई है।
Claude का सैन्य ऑपरेशन्स में उपयोग
सैन्य अधिकारियों ने Claude का उपयोग इंटेलिजेंस डेटा विश्लेषण, लक्ष्यों की पहचान और युद्ध के इलाके के सिमुलेशन के लिए किया, जिससे हमला अधिक रणनीतिक और सुनियोजित तरीके से किया गया। इस तरह के AI टूल का इस्तेमाल पहले भी वेनेजुएला के राष्ट्रपति पर हुए ऑपरेशन में देखा गया था, जिसने Anthropic और पेंटागन के बीच पहले से तनाव पैदा किया हुआ था।
ट्रंप प्रशासन vs Anthropic: बिगड़ा राजनीतिक विवाद
Anthropic के खिलाफ ट्रंप प्रशासन और United States Department of Defense के बीच खींचतान महीनों से चली आ रही है। ट्रंप ने कंपनी को राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए “सप्लाई-चैन रिस्क” तक कहा और इसके साथ काम करने वाले अन्य ठेकेदारों को भी चेतावनी दी। Anthropic ने अपने उपयोग नीति का हवाला देते हुए ऐसे उपयोगों से इनकार किया जो AI को हिंसा, हथियार या निगरानी के लिए लागू करें।
छह माह की अवधि और विकल्प
हालांकि पेंटागन ने Claude के उपयोग पर रोक लगाने का आदेश दिया है, परन्तु उसे पूरी तरह हटाने में समय लगता है क्योंकि यह तकनीक मौजूदा सैन्य प्रणालियों में बहुत गहराई से जुड़ी हुई है। रक्षा सचिव ने इसके लिए लगभग छह महीने का समय देने की बात कही, ताकि इसे हटाकर किसी अन्य “जायज़और अधिक देशभक्ति सेवा” से बदला जा सके।
OpenAI के साथ नया समझौता
इस विवाद के बीच, OpenAI ने अमेरिकी रक्षा विभाग (United States Department of Defense) के साथ एक समझौता किया है, जिसके तहत उसके AI टूल्स- including ChatGPT- को भी सैन्य नेटवर्क में उपयोग के लिए अनुमति दी गई है।
