टेक एंड गैजेट्स

अमेरिकी सेना ने ईरान हमले में इस AI टूल के जरिए लगाया सटीक निशाना

सैन्य अधिकारियों ने Claude का उपयोग इंटेलिजेंस डेटा विश्लेषण, लक्ष्यों की पहचान और युद्धभूमि सिमुलेशन के लिए किया, जिससे हमला अधिक रणनीतिक और सुनियोजित तरीके से किया गया। इस तरह के AI टूल का इस्तेमाल पहले भी वेनेजुएला के राष्ट्रपति पर हुए ऑपरेशन में देखा गया था

Image

US military used this AI tool in Iran attack despite Trump's ban/photo- Us Army/x.com

अमेरिकी सेना ने हाल के संयुक्त अमेरिकी-इजरायली हमले में Anthropic की AI मॉडल Claude का इस्तेमाल किया, जबकि कुछ ही घंटे पहले राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सरकारी एजेंसियों को इसके इस्तेमाल पर रोक लगाने का आदेश दिया था।

बैन और उपयोग: तकनीक क्यों बनी विवाद का केंद्र

ट्रंप ने शुक्रवार को घोषणा करते हुए सभी संघीय एजेंसियों को Claude के तत्काल उपयोग बंद करने का निर्देश दिया और Anthropic को "Radical Left AI कंपनी" कहा था। बावजूद इसके, अमेरिकी मिलिट्री कमांड ने ईरान पर हमले के दौरान AI का उपयोग जारी रखा। इससे स्पष्ट होता है कि नीति और सैन्य आवश्यकताओं के बीच जटिलता बनी हुई है।

Claude का सैन्य ऑपरेशन्स में उपयोग

सैन्य अधिकारियों ने Claude का उपयोग इंटेलिजेंस डेटा विश्लेषण, लक्ष्यों की पहचान और युद्ध के इलाके के सिमुलेशन के लिए किया, जिससे हमला अधिक रणनीतिक और सुनियोजित तरीके से किया गया। इस तरह के AI टूल का इस्तेमाल पहले भी वेनेजुएला के राष्ट्रपति पर हुए ऑपरेशन में देखा गया था, जिसने Anthropic और पेंटागन के बीच पहले से तनाव पैदा किया हुआ था।

ट्रंप प्रशासन vs Anthropic: बिगड़ा राजनीतिक विवाद

Anthropic के खिलाफ ट्रंप प्रशासन और United States Department of Defense के बीच खींचतान महीनों से चली आ रही है। ट्रंप ने कंपनी को राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए “सप्लाई-चैन रिस्क” तक कहा और इसके साथ काम करने वाले अन्य ठेकेदारों को भी चेतावनी दी। Anthropic ने अपने उपयोग नीति का हवाला देते हुए ऐसे उपयोगों से इनकार किया जो AI को हिंसा, हथियार या निगरानी के लिए लागू करें।

छह माह की अवधि और विकल्प

हालांकि पेंटागन ने Claude के उपयोग पर रोक लगाने का आदेश दिया है, परन्तु उसे पूरी तरह हटाने में समय लगता है क्योंकि यह तकनीक मौजूदा सैन्य प्रणालियों में बहुत गहराई से जुड़ी हुई है। रक्षा सचिव ने इसके लिए लगभग छह महीने का समय देने की बात कही, ताकि इसे हटाकर किसी अन्य “जायज़और अधिक देशभक्ति सेवा” से बदला जा सके।

OpenAI के साथ नया समझौता

इस विवाद के बीच, OpenAI ने अमेरिकी रक्षा विभाग (United States Department of Defense) के साथ एक समझौता किया है, जिसके तहत उसके AI टूल्स- including ChatGPT- को भी सैन्य नेटवर्क में उपयोग के लिए अनुमति दी गई है।

Pradeep Pandey
प्रदीप पाण्डेयauthor

प्रदीप पाण्डेय टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में टेक और ऑटो बीट पर कंटेंट तैयार करते हैं। डिजिटल मीडिया में 10 वर्षों के अनुभव के साथ प्रदीप तकनीक की दुनिया को समझने और उसे आम पाठकों तक सरल व उपयोगी रूप में पहुंचाने के लिए जाने जाते हैं। प्रदीप अब तक 11,000 से अधिक आर्टिकल्स लिख चुके हैं। वह गैजेट रिव्यू, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, टेक टिप्स और नवीनतम टेक इनोवेशन पर लगातार काम करते हैं। एआई टूल्स पर एक्सपेरिमेंट करना, नए ऐप्स टेस्ट करना और टेक से जुड़े प्रैक्टिकल सॉल्यूशंस खोजने में उनकी खास रुचि है।

और पढ़ें
End of Article