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एक दिन में कितने घंटे स्मार्टफोन इस्तेमाल करना चाहिए? कब फोन बन सकता है परेशानी की वजह

रात में बिस्तर पर जाने के बाद लगातार फोन चलाने से सोने का समय आगे बढ़ सकता है और स्क्रीन की रोशनी भी नींद के लिए अनुकूल नहीं हो सकती। इसलिए कोशिश करें कि सोने से पहले फोन को अलग रख दें और बेड पर सोशल मीडिया या वीडियो देखने की आदत न बनाएं।

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स्मार्टफोन इस्तेमाल करने की कोई एक तय लिमिट नहीं/Photo-AI

आज स्मार्टफोन हमारी जिंदगी का जरूरी हिस्सा बन चुका है। काम, पढ़ाई, बैंकिंग, सोशल मीडिया, मनोरंजन और दोस्तों-परिवार से बातचीत तक बहुत कुछ फोन से ही होता है। ऐसे में सवाल यह नहीं है कि फोन इस्तेमाल करें या नहीं, बल्कि यह है कि दिन में कितने समय तक स्मार्टफोन इस्तेमाल करना ठीक माना जाए?

स्मार्टफोन इस्तेमाल करने की कोई एक तय लिमिट नहीं

वयस्कों के लिए ऐसा कोई सार्वभौमिक यानी यूनिवर्सल नियम नहीं है कि स्मार्टफोन सिर्फ 2, 3 या 4 घंटे ही इस्तेमाल करना चाहिए। आपके स्क्रीन टाइम का सही स्तर इस बात पर निर्भर करता है कि फोन का इस्तेमाल काम के लिए हो रहा है या मनोरंजन के लिए, और उसका असर आपकी नींद, शारीरिक गतिविधि और रोजमर्रा की जिंदगी पर कितना पड़ रहा है।

अगर आपका काम फोन पर है, तो चार-पांच घंटे का स्क्रीन टाइम अपने आप में यह साबित नहीं करता कि आप फोन का जरूरत से ज्यादा इस्तेमाल कर रहे हैं। वहीं काम खत्म होने के बाद लगातार कई घंटे सोशल मीडिया या वीडियो देखने में बिताना अलग स्थिति है।

मनोरंजन के लिए फोन इस्तेमाल करते समय रखें ध्यान

अगर फोन का इस्तेमाल मुख्य रूप से सोशल मीडिया, गेमिंग, शॉर्ट वीडियो या दूसरे मनोरंजन के लिए है, तो इसे सीमित रखना बेहतर है। लगातार लंबे समय तक स्क्रीन देखने के बजाय बीच-बीच में ब्रेक लेना जरूरी है। एक आसान तरीका यह है कि 20-20-20 नियम अपनाएं। लंबे समय तक स्क्रीन देखने के दौरान हर 20 मिनट में करीब 20 सेकंड के लिए लगभग 20 फीट दूर किसी चीज को देखें। इससे लगातार पास की स्क्रीन पर नजर टिकाए रखने से आंखों को आराम देने में मदद मिल सकती है।

सोने से पहले फोन से बनाएं दूरी

आपका कुल स्क्रीन टाइम ही महत्वपूर्ण नहीं है, बल्कि फोन कब इस्तेमाल करते हैं, यह भी मायने रखता है। रात में बिस्तर पर जाने के बाद लगातार फोन चलाने से सोने का समय आगे बढ़ सकता है और स्क्रीन की रोशनी भी नींद के लिए अनुकूल नहीं हो सकती। इसलिए कोशिश करें कि सोने से पहले फोन को अलग रख दें और बेड पर सोशल मीडिया या वीडियो देखने की आदत न बनाएं।

असली सवाल है फोन आपकी जिंदगी को कितना प्रभावित कर रहा है

अगर स्मार्टफोन की वजह से आपकी नींद कम हो रही है, शारीरिक गतिविधि घट रही है, काम या पढ़ाई प्रभावित हो रही है या आप बिना किसी जरूरी काम के बार-बार फोन चेक कर रहे हैं, तो अपने स्क्रीन टाइम पर ध्यान देना चाहिए।

Pradeep Pandey
प्रदीप पाण्डेयauthor

प्रदीप पाण्डेय टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में टेक और ऑटो बीट पर कंटेंट तैयार करते हैं। डिजिटल मीडिया में 10 वर्षों के अनुभव के साथ प्रदीप तकनीक की दुनिया को समझने और उसे आम पाठकों तक सरल व उपयोगी रूप में पहुंचाने के लिए जाने जाते हैं। प्रदीप अब तक 11,000 से अधिक आर्टिकल्स लिख चुके हैं। वह गैजेट रिव्यू, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, टेक टिप्स और नवीनतम टेक इनोवेशन पर लगातार काम करते हैं। एआई टूल्स पर एक्सपेरिमेंट करना, नए ऐप्स टेस्ट करना और टेक से जुड़े प्रैक्टिकल सॉल्यूशंस खोजने में उनकी खास रुचि है।

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