Jamui News: बिहार के जमुई जिले में दो नाबालिग छात्रों से कथित छेड़छाड़, मारपीट और उत्पीड़न के बहुचर्चित मामले में पुलिस ने चौतरफा शिकंजा कसना शुरू कर दिया है। मुख्य आरोपी नंदन यादव के पुलिस मुठभेड़ में घायल होने के महज एक दिन बाद जमुई पुलिस ने उसके पिता गनौरी यादव को भी गिरफ्तार कर लिया है। हालांकि गनौरी यादव की यह गिरफ्तारी हाल के छेड़छाड़ मामले में नहीं, बल्कि अप्रैल 2003 में हुए एक दोहरे हत्याकांड में हुई है, जिसमें वह पिछले 21 वर्षों से फरार चल रहा था। पुलिस ने गनौरी यादव को कोर्ट में पेश किया, जहां से अदालत ने उसे न्यायिक हिरासत में भेज दिया है।
सालों से फरारी काट रहा था गनौरी
पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, 3 अप्रैल 2003 को जमुई के प्रतापपुर गांव में ठेकेदारी और काम से जुड़े आपसी विवाद को लेकर डीपी यादव और पुने यादव नाम के दो सगे भाइयों की कथित तौर पर हत्या कर दी गई थी। हत्या के बाद मृतक भाइयों की मां संसारी देवी के बयान पर टाउन थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई गई थी। इस हत्याकांड में गनौरी यादव समेत कुल 11 लोगों को आरोपी बनाया गया था। गनौरी पर हत्या, दंगा फैलाने, गैरकानूनी रूप से एकत्र होने और आर्म्स एक्ट की गंभीर धाराएं दर्ज थीं। इस मामले में बाकी सभी आरोपी या तो सजा पा चुके थे या जमानत पर बाहर थे। केवल गनौरी यादव ही ऐसा आरोपी था जो केस के ट्रायल के दौरान ही फरार हो गया था और लगातार पुलिस की पकड़ से बाहर चल रहा था।
एनकाउंटर में बेटे को लगी थी पैर में गोली
गनौरी यादव की गिरफ्तारी ठीक ऐसे समय में हुई है जब उसके 25 वर्षीय बेटे नंदन यादव को जमुई छेड़छाड़ मामले में पुलिस एनकाउंटर का सामना करना पड़ा। बता दें कि ट्यूशन से लौट रहे एक लड़के और लड़की को जमुई के पहाड़ी इलाके में घेरकर मारपीट और लड़की के साथ छेड़छाड़ की गई थी, जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया था। पुलिस छापेमारी के दौरान मंगलवार सुबह गांव के बाहर नदी किनारे नंदन यादव ने पुलिस टीम पर फायरिंग कर दी थी। पुलिस की आत्मरक्षा में चलाई गई गोली नंदन के दाहिने पैर में लगी। पुलिस ने उसकी निशानदेही पर एक देसी पिस्तौल भी बरामद की है।
अदालत ने भेजा न्यायिक हिरासत में
जमुई पुलिस ने प्रतापपुर गांव में घेराबंदी कर गनौरी यादव को धर दबोचा। वर्षों से कानून से भाग रहे गनौरी को कोर्ट में पेश किए जाने के बाद जेल भेज दिया गया है। पुलिस का कहना है कि जमुई छेड़छाड़ कांड और आपराधिक पृष्ठभूमि वाले परिवारों पर इस तरह का सख्त रुख आगे भी जारी रहेगा।
