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Uber की 1.2 लाख ड्राइवरलेस कैब: क्या अब इंसानी ड्राइवरों की जरूरत नहीं रहेगी?

आने वाले कई वर्षों तक कंपनी के प्लेटफॉर्म पर पारंपरिक टैक्सी सेवा और ड्राइवरलेस Robotaxi दोनों साथ-साथ संचालित होने की उम्मीद है। यानी निकट भविष्य में Uber पर काम कर रहे लाखों ड्राइवरों की भूमिका पूरी तरह खत्म होने की संभावना नहीं है, लेकिन ऑटोनॉमस टेक्नोलॉजी के विस्तार के साथ परिवहन उद्योग में बड़े बदलाव जरूर देखने को मिल सकते हैं।

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क्या मानव ड्राइवरों की नौकरी चली जाएगी? Photo-Uber

Uber ने सेल्फ-ड्राइविंग टेक्नोलॉजी पर अब तक का सबसे बड़ा दांव खेलते हुए आने वाले वर्षों में 10 अरब डॉलर (करीब 95,000 करोड़ रुपये) से अधिक निवेश करने की घोषणा की है। कंपनी का लक्ष्य दुनिया भर में 1.2 लाख ड्राइवरलेस (Robotaxi) वाहन सड़कों पर उतारना है। इस कदम के साथ Uber अब Waymo और Tesla जैसी कंपनियों के साथ स्वायत्त (Autonomous) टैक्सी बाजार की दौड़ में तेजी से आगे बढ़ना चाहती है।

2026 तक 15 शहरों में शुरू होगी सेवा

Uber का कहना है कि वह 2026 के दौरान कम से कम 15 शहरों में ड्राइवरलेस टैक्सी सेवा शुरू करने की योजना बना रही है। कंपनी का दीर्घकालिक लक्ष्य दुनिया का सबसे बड़ा कमर्शियल ऑटोनॉमस मोबिलिटी प्लेटफॉर्म बनना है। Uber के CEO दारा खोसरोशाही ने कहा कि कंपनी मजबूत वित्तीय स्थिति में होने के कारण बड़े स्तर पर निवेश कर रही है। उनका कहना है कि Uber का उद्देश्य स्वायत्त वाहनों के लिए दुनिया का अग्रणी प्लेटफॉर्म बनना है।

मजबूत कमाई के दम पर बढ़ा निवेश

कंपनी ने दूसरी तिमाही में शानदार वित्तीय प्रदर्शन किया है। Uber के अनुसार, इस दौरान उसे 2.8 अरब डॉलर का फ्री कैश फ्लो हासिल हुआ। पिछले 12 महीनों में कंपनी का कुल फ्री कैश फ्लो 10.1 अरब डॉलर तक पहुंच गया है।

इसके अलावा कंपनी की ग्रॉस बुकिंग 24% बढ़कर 58 अरब डॉलर रही, जबकि कुल राजस्व 14.2 अरब डॉलर दर्ज किया गया। Uber का मानना है कि यही मजबूत वित्तीय स्थिति उसे ड्राइवरलेस टेक्नोलॉजी में बड़े निवेश का भरोसा देती है।

खुद कार नहीं बनाएगी, साझेदारों के साथ करेगी काम

Uber पूरी तरह से अपनी ड्राइवरलेस कार विकसित करने के बजाय विभिन्न ऑटोनॉमस व्हीकल (AV) कंपनियों के साथ साझेदारी कर रही है। कंपनी Zoox, Rivian और Lucid जैसी कंपनियों में निवेश भी कर चुकी है, ताकि तेजी से Robotaxi नेटवर्क तैयार किया जा सके।

क्या मानव ड्राइवरों की नौकरी चली जाएगी?

Uber की इस घोषणा के बाद सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या भविष्य में मानव ड्राइवरों की जरूरत खत्म हो जाएगी। फिलहाल ऐसा होने की संभावना कम है। शुरुआती चरण में ड्राइवरलेस टैक्सियां केवल चुनिंदा शहरों और तय रूट्स पर ही चलेंगी। कई वाहनों में सुरक्षा की निगरानी के लिए सुपरवाइजर भी मौजूद रह सकते हैं। इसके अलावा मौसम, ट्रैफिक और सरकारी मंजूरी जैसी चुनौतियां अभी भी बनी हुई हैं।

लंबे समय में बदल सकती है तस्वीर

विशेषज्ञों का मानना है कि जैसे-जैसे ड्राइवरलेस तकनीक अधिक भरोसेमंद और कम खर्चीली होगी, वैसे-वैसे एयरपोर्ट रूट, शहर के प्रमुख कॉरिडोर और तय मार्गों पर Robotaxi का इस्तेमाल बढ़ सकता है। इससे कुछ रूट्स पर मानव ड्राइवरों की मांग कम हो सकती है, हालांकि इसके साथ नए रोजगार के अवसर भी सामने आ सकते हैं, जैसे:

  • ऑटोनॉमस वाहनों की रिमोट मॉनिटरिंग
  • वाहन की सर्विस और मेंटेनेंस
  • सफाई और चार्जिंग
  • फ्लीट मैनेजमेंट
  • कस्टमर सपोर्ट
Pradeep Pandey
प्रदीप पाण्डेयauthor

प्रदीप पाण्डेय टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में टेक और ऑटो बीट पर कंटेंट तैयार करते हैं। डिजिटल मीडिया में 10 वर्षों के अनुभव के साथ प्रदीप तकनीक की दुनिया को समझने और उसे आम पाठकों तक सरल व उपयोगी रूप में पहुंचाने के लिए जाने जाते हैं। प्रदीप अब तक 11,000 से अधिक आर्टिकल्स लिख चुके हैं। वह गैजेट रिव्यू, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, टेक टिप्स और नवीनतम टेक इनोवेशन पर लगातार काम करते हैं। एआई टूल्स पर एक्सपेरिमेंट करना, नए ऐप्स टेस्ट करना और टेक से जुड़े प्रैक्टिकल सॉल्यूशंस खोजने में उनकी खास रुचि है।

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