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अब Robot Monk कराएगा पूजा-पाठ, इंसानों की तरह करता है पूरी एक्टिविटी, जानें इसकी खास बात

इस ह्यूमनॉइड रोबोट भिक्षु को Gabi नाम दिया गया है। यह सिर्फ एक रोबोट नहीं है बल्कि इसे बौद्ध परंपराओं और आध्यात्मिक तौर तरीकों से डिजाइन किया गया है। गाबी की सबसे बड़ी खास बात यह है कि यह इंसानों की तरह मंत्रोच्चारण कर सकता है।

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रोबोट भिक्षु को कई सारे एडवांस फीचर्स के साथ तैयार किया गया है।

टेक्नोलॉजी की दुनिया में पिछले एक दो साल में जमकर नए-नए इनोवेशन देखने को मिले हैं। टेक कंपनियों का ज्यादातर फोकस आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और ह्यूमेनाइड रोबोट की तरफ देखने को मिला है। अब एक ऐसा इनोवेशन सामने आ चुका है जिसने पूरी दुनिया का ध्यान अपनी तरफ खीच लिया है। दक्षिण कोरिया की राजधानी सियोल में अब पूजा पाठ के लिए ह्यूमनॉइड रोबोट की एंट्री हुई है। यह पहला ऐसा रोबोट है जो इंसानों की तरह पूजा पाठ करेगा।

इस ह्यूमनॉइड रोबोट भिक्षु को Gabi नाम दिया गया है। यह सिर्फ एक रोबोट नहीं है बल्कि इसे बौद्ध परंपराओं और आध्यात्मिक तौर तरीकों से डिजाइन किया गया है। गाबी की सबसे बड़ी खास बात यह है कि यह इंसानों की तरह मंत्रोच्चारण कर सकता है और उन्ही की तरह पूजा पाठ के दौरान झुक भी सकता है। दक्षिण कोरिया के धार्मिग संगठन के मुताबिक लेटेस्ट टेक्नोलॉजी को अपनाकर युवाओं को आध्यात्म और बौद्ध धर्म की तरफ आकर्षित करने में मदद मिलेगी।

4 फीट तक लंबा है रोबोट

आपको बता दें कि Gabi को राजधानी सियोल में स्थित जोग्ये मंदिर में बुद्ध पूर्णिमा से पहले आयोजित हुए एक खास कार्यक्रम में पेश किया गया। इस रोबोट की लंबाई करीब 4 फीट की है। जहां दूसरे रोबोट नॉर्मल रंग में होते हैं वहीं इस भिक्षु रोबोट को भूरे और ग्रे कलर के कपड़े भी पहनाए गए हैं। पूरे कार्यक्रम के दौरान यह बाकी भिक्षु के साथ बैठा और मंत्रोच्चारण भी किया।

कार्यक्रम के दौरान एक भिक्षु ने जब गाबी से सवाल पूछा कि क्या वह बुद्ध और उनके द्वारा दी गई शिक्षाओं के प्रति समर्पित रहेगा या नहीं तो उसने जवाब दिया 'हां', मैं खुद के धर्म के प्रति और उनकी शिक्षाओं के प्रति समर्पित रखूंगा। इतना ही नहीं गाबी ने प्रार्थना के दौरान हाथ जोड़कर रखा और पगोडा के चारो तरफ घूमकर अनुष्ठान को पूरा किया। उसने पूजा-पाठ के दौरान 108 मोतियों की माला भी पहन रखी थी।

खास तरह से डिजाइन है गाबी

आपको बता दें कि गाबी रोबोट को चीन की कंपनी ने यूनिट्री G1 ह्यूमनॉइड प्लेटफॉर्म पर डिजाइन किया है। इसका पूरा शरीर इंसानों की तरह डिजाइन किया गया है। यह इंसानों की तरह चलता है, उठता है और साथ ही पूजा संबंधी सभी क्रियाएं बेहद आसनी से करता है। इसके नाम के पीछे भी एक अर्थ जुड़ा हुआ है। Gabi नाम गौतम बुद्ध के बचपन के नाम सिद्धार्थ और कोरियाई शब्द जाबी से मिलकर बना है। इसका अर्छ होता है दया और करुणा। गाबी को लेकर इस समय सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर जमकर एक्साइटमेंट भी देखा जा रहा है।

रोबोट के लिए खास नियम

इस रोबोट को केवल धार्मिक आयोजनों में दिखाने के लिए नहीं बनाया गया है, बल्कि इसके लिए खास “रोबोट बौद्ध नियम” भी बनाए गए हैं। इन नियमों में सभी जीवों का सम्मान करना, किसी रोबोट या चीज़ को नुकसान न पहुंचाना, इंसानों की बात मानना, सच बोलना और जरूरत से ज्यादा बैटरी चार्ज न करना जैसी बातें शामिल हैं।

खास बात यह है कि इन नियमों को तैयार करने में AI चैटबॉट्स जैसे ChatGPT और Gemini की मदद भी ली गई। धार्मिक संस्थाओं का मानना है कि भविष्य में ऐसे रोबोट मंदिरों में लोगों को बौद्ध धर्म की सीख आसान तरीके से समझाएंगे और युवाओं के साथ बेहतर जुड़ाव बनाने में मदद करेंगे।

Gaurav Tiwari
गौरव तिवारीauthor

गौरव तिवारी टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में टेक और ऑटो बीट को कवर करते हैं। मीडिया इंडस्ट्री में 9 वर्षों के अनुभव के साथ, गौरव तकनीकी दुनिया की तेजी से बदलती जानकारियो को सरल और समझने योग्य भाषा में पेश करने के लिए जाने जाते हैं। वह गैजेट रिव्यू, टेलिकॉम अपडेट्स, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, साइबर क्राइम, टिप्स एंड ट्रिक्स, ई-कॉमर्स और ऑटोमोबाइल सेक्टर की महत्वपूर्ण खबरों पर लगातार काम करते हैं। गौरव अब तक 10,000 से अधिक आर्टिकल्स लिख चुके हैं। उनकी स्टोरीज न सिर्फ टेक-सेवी पाठकों के लिए उपयोगी होती हैं, बल्कि आम यूजर्स को भी नई तकनीक समझने और अपनाने में मदद करती हैं।

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