PIB Fact Check on Petrol Diesel Price Hike: टेक्नोलॉजी के दौर में सोशल मीडिया का दायरा काफी ज्यादा बढ़ चुका है। सोशल मीडिया में कब क्या वायरल हो जाए इसका कोई पैमाना नहीं है, इसलिए इस प्लेटफॉर्म में आने वाली हर एक बात पर भरोसा करना ठीक नहीं है। ऐसी ही एक इंफॉर्मेशन इस समय सोशल मीडिया में तेजी से वायरल हो रहा है। जिसको लेकर सरकारी एजेंसी PIB ने बड़ा अपडेट दिया है।
दरअसल इस समय सोशल मीडिया में बड़े पैमाने पर एक आदेश सर्कुलेट हो रहा है जिसमें दावा किया जा रहा है कि पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने तत्काल प्रभाव से पेट्रोल की कीमतों में 10 रुपये प्रति लीटर और डीज़ल की कीमतों में 12.50 रुपये प्रति लीटर की बढ़ोतरी की है। अब इसको लेकर PIB की फैक्ट चेक की तरफ से पुष्टि कर दी गई है कि यह पूरी तरह से फेक न्यूज है। PIB के मुताबिक भारत सरकार की तरफ से ऐसा कोई आदेश जारी नहीं किया गया है।
PIB ने X पर पोस्ट करके दी जानकारी
PIB फैक्ट चेक ने अपनी आधिकारिक रिलीज में कहा, "सोशल मीडिया पर एक आदेश सर्कुलेट हो रहा है, जिसमें दावा किया गया है कि इसे पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने जारी किया है। इस आदेश में कहा गया है कि पेट्रोल और डीजल की कीमतों में क्रमशः 10 रुपये और 12.50 रुपये की बढ़ोतरी की गई है। भारत सरकार ने ऐसा कोई आदेश जारी नहीं किया है। PIB ने लोगों को सलाह देते हुए कहा कि ऐसी खबरों के लिए आधिकारिक सरकारी स्रोतो पर ही भरोसा करें।
सोशल मीडिया पर तेजी से फैल रहा मैसेज, जिसमें 29 अप्रैल 2026 की तारीख डालकर उसे पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय के आधिकारिक आदेश जैसा दिखाया गया है। इस फर्जी दस्तावेज में दावा किया गया है कि हाल के महीनों में कच्चे तेल की वैश्विक कीमतें 100% से ज्यादा बढ़ गई हैं। इसी वजह से पेट्रोल पर ₹24.40 प्रति लीटर और डीजल पर ₹104.99 प्रति लीटर की कमी (यानी लागत से कम वसूली) हो रही है, इसलिए तुरंत दाम बढ़ाना जरूरी बताया गया है।
इसके साथ ही एक और नकली कागज भी शेयर किया जा रहा है, जो वित्त मंत्रालय की एक्साइज़ अधिसूचना जैसा दिखता है। इसमें कहा गया है कि ‘केंद्रीय उत्पाद शुल्क अधिनियम, 1944’ के तहत इस मूल्य बढ़ोतरी को कानूनी मंजूरी दी गई है।
PIB ने लोगों को दी ये सलाह
ये फर्जी दस्तावेज पिछले कुछ दिनों में X, WhatsApp और दूसरे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर तेजी से फैले हैं। यह उस समय हुआ जब पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 के दूसरे और आखिरी चरण के लिए वोटिंग चल रही थी। इस चरण में कोलकाता, हावड़ा, उत्तर और दक्षिण 24 परगना, नदिया, हुगली और पूर्वी बर्धमान के 142 सीटों पर मतदान हो रहा था। कई वेरिफाइड अकाउंट्स, जिनके काफी ज्यादा फॉलोअर्स हैं, उन्होंने भी इन दस्तावेजों को शेयर किया। इसकी वजह से वोटिंग के दौरान ही यह गलत जानकारी हजारों लोगों तक पहुंच गई। PIB ने अपने फैक्ट चेक में लोगों से ऐसी मिस इंफॉर्मेंशन पर भरोसा नहीं करने की सलाह दी है।
