टेक एंड गैजेट्स

भारत में 100 करोड़ पार पहुंची मोबाइल यूजर्स की संख्या, 6 लाख से ज्यादा गांव में कवरेज: केंद्र

Number of mobile users in India: केंद्रीय मंत्री ने कहा कि इसके अलावा, सरकार देश के ग्रामीण, दूरदराज और पहाड़ी क्षेत्रों में मोबाइल टावरों की स्थापना के जरिए दूरसंचार कनेक्टिविटी के विस्तार के लिए डिजिटल भारत निधि (डीबीएन) के तहत विभिन्न योजनाओं और परियोजनाओं को लागू कर रही है।

Image

mobile users in India (image-istock)

Number of mobile users in India: बुधवार को संसद में दी गई जानकारी के अनुसार, देश में मोबाइल इस्तेमाल करने वाले उपभोक्ताओं की कुल संख्या 31 अक्टूबर तक 115.12 करोड़ हो गई है। संचार एवं ग्रामीण विकास राज्य मंत्री डॉ. चंद्रशेखर पेम्मासानी ने लोकसभा में एक प्रश्न के लिखित उत्तर में बताया कि देश के 6,44,131 गांवों में से लगभग 6,23,622 गांवों में अब मोबाइल कवरेज है।

सरकार और दूरसंचार सेवा प्रदाताओं (टीएसपी) द्वारा चरणबद्ध तरीके से आबादी रहित गांवों में मोबाइल कवरेज प्रदान किया जाता है। केंद्रीय मंत्री ने कहा कि इसके अलावा, सरकार देश के ग्रामीण, दूरदराज और पहाड़ी क्षेत्रों में मोबाइल टावरों की स्थापना के जरिए दूरसंचार कनेक्टिविटी के विस्तार के लिए डिजिटल भारत निधि (डीबीएन) के तहत विभिन्न योजनाओं और परियोजनाओं को लागू कर रही है।

डिजिटल भारत निधि द्वारा फंडेड भारतनेट परियोजना (जिसे पहले राष्ट्रीय ऑप्टिकल फाइबर नेटवर्क के रूप में जाना जाता था) को देश में सभी ग्राम पंचायतों (जीपी) को ब्रॉडबैंड कनेक्टिविटी प्रदान करने के लिए चरणबद्ध तरीके से लागू किया जा रहा है।

भारतनेट फेज-I और फेज-II के मौजूदा नेटवर्क को अपग्रेड, शेष लगभग 42,000 ग्राम पंचायतों में नेटवर्क के निर्माण, 10 वर्षों के लिए संचालन और रखरखाव और कुल 1,39,579 करोड़ रुपये की लागत से उपयोग के लिए संशोधित भारतनेट कार्यक्रम को कैबिनेट द्वारा अप्रूव किया गया था। पिछले सप्ताह, सरकार ने बताया कि ग्रामीण भारत में मोबाइल नेटवर्क कवरेज लगभग 97 प्रतिशत तक पहुंच गया है और 6,14,564 गांव 4 जी मोबाइल कनेक्टिविटी से कवर्ड हैं।

राज्यसभा में एक प्रश्न के उत्तर में डॉ. पेम्मासानी ने कहा कि जनजातीय मामलों के मंत्रालय के प्रधानमंत्री जनजातीय आदिवासी न्याय महाअभियान (पीएम जनमन) के तहत 4,543 विशेष रूप से कमजोर जनजातीय समूह (पीवीटीजी) बस्तियों की पहचान मोबाइल कनेक्टिविटी से वंचित के रूप में की गई और इनमें से 1,136 पीवीटीजी बस्तियों को मोबाइल कनेक्टिविटी से कवर किया गया है।

इस बीच, देश के 783 जिलों में से 779 जिलों में 31 अक्टूबर तक 5जी सेवाएं उपलब्ध हैं। इसके अलावा, देश में 4.6 लाख से अधिक 5जी बेस ट्रांसीवर स्टेशन (बीटीएस) स्थापित किए गए हैं।

इनपुट-IANS

Vishal Maithil
Vishal Mathelauthor

विशाल मैथिल टाइम्स नाऊ नवभारत में बतौर सीनियर कॉपी एडिटर 2023 से जुड़े हुए हैं। पत्रकारिता में 6+ वर्षों के अनुभव के साथ वह टेक्नोलॉजी, सोशल मीडिया, गैजेट्स और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस जैसे विषयों पर गहरी समझ रखते हैं। वे ऑटोमोबाइल, बिजनेस, यूटिलिटी और हाइपरलोकल से लेकर एजुकेशन और इंटरनेशनल बीट्स पर भी काम कर चुके हैं। भोपाल से ताल्लुक रखने वाले विशाल ने माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता विश्वविद्यालय से मीडिया रिसर्च में पोस्ट ग्रेजुएशन किया है। रिसर्च के क्षेत्र में उनके कई पेपर राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय जर्नल में प्रकाशित हो चुके हैं। उन्होंने दैनिक भास्कर, अमर उजाला, मासिक पत्रिका "संदेश" और सोशल मीडिया फर्म में भी काम किया है। टेक-यूटिलिटी और बिजनेस से जुड़ी खबरों को आसान और काम की भाषा में समझाना विशाल को खूब आता है। वो कोशिश करते हैं कि कम शब्दों में ज्यादा और साफ-सुथरी जानकारी मिल जाए। किताबें पढ़ना और संगीत सुनना उनका पसंदीदा काम है। आप इनसे Vishal.mathel@timesgroup.com पर संपर्क कर सकते हैं।

और पढ़ें
End of Article