New Telecom Bill 2023: रिलायंस इंडस्ट्रीज (Reliance Industries) की सब्सिडियरी कंपनी रिलायंस जियो (Reliance Jio) ने पिछले कुछ सालों में टेलीकॉम सेक्टर को पूरी तरह से बदल दिया है। मगर अब संसद में प्रस्तावित नए बिल के कारण कंपनी को झटका लग सकता है। रिलायंस जियो सैटेलाइट इंटरनेट सर्विस के लिए स्पेक्ट्रम नीलामी की उम्मीद कर रही है, हालांकि इसके लिए एक लाइसेंसिंग सिस्टम का प्रस्ताव रखा गया है। दरअसल मुकेश अंबानी की रिलायंस जियो का भारत में इंटरनेट बाजार पर दबदबा है और इसकी प्लानिंग दुनिया के सबसे अमीर व्यक्ति एलन मस्क की स्टारलिंक जैसी सैटेलाइट ब्रॉडबैंड सर्विस लॉन्च करने की है। जियो की सैटेलाइट-बेस्ड गीगा फाइबर सर्विस को JioSpaceFiber कहा जाता है। इसका मकसद देश के दुर्गम क्षेत्रों में हाई स्पीड ब्रॉडबैंड सर्विसेज देना है।
एलन मस्क को होगा फायदा
रॉयटर्स की एक रिपोर्ट के अनुसार जियो को सैटेलाइट इंटरनेट सर्विस के लिए स्पेक्ट्रम नीलामी की उम्मीद है, जबकि इसके लिए लाइसेंसिंग सिस्टम लाया जा सकता है। नया बिल एलन मस्क की स्टारलिंक और अमेजन के प्रोजेक्ट कुइपर के लिए एक जीत है क्योंकि नीलामी पैटर्न में विदेशी कंपनियों को अधिक लागत और निवेश करना पड़ा।
रिलायंस जियो ने कहा नीलामी सही तरीका
रॉयटर्स के मुताबिक रिलायंस जियो ने सरकार से कहा था कि नीलामी सही तरीका है। रिलायंस ने इसके लिए तर्क दिया था कि फॉरेन सैटेलाइट सर्विस प्रोवाइडर वॉयस और डेटा सर्विस दे सकते हैं और पुरानी टेलीकॉम कंपनियों के साथ प्रतिस्पर्धा कर सकते हैं। इसलिए समान अवसर करने के लिए नीलामी सही है।
रिपोर्ट्स के अनुसार विदेशों कंपनियों ने भी लाइसेंसिंग अप्रोच की मांग की थी। क्योंकि नीलामी से कॉस्ट और निवेश राशि बढ़ जाती है।
कौन होगा जियो का पार्टनर
जियो दुनिया की लेटेस्ट मीडियम अर्थ ऑर्बिट (एमईओ) सैटेलाइट टेक्नोलॉजी तक एक्सेस के लिए एसईएस के साथ साझेदारी कर रही है। ये ऐसा एकमात्र एमईओ ग्रुप है जो अंतरिक्ष से वास्तव में यूनीक गीगाबिट, फाइबर जैसी सर्विसेज देने में सक्षम है।
