गूगल (Google) अपने सर्च प्लेटफॉर्म में लगातार नए बदलाव कर रहा है। इसी कड़ी में कंपनी अब सर्च बार (Search Bar) से एआई मोड (AI Mode) के डेडिकेटेड बटन को हटाने की टेस्टिंग कर रही है। हालांकि, फिलहाल यह बदलाव सभी यूजर्स के लिए नहीं किया गया है। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, गूगल कुछ चुनिंदा यूजर्स के साथ इस नए इंटरफेस की टेस्टिंग कर रहा है। ऐसे में एआई मोड का बटन गायब होने का मतलब यह नहीं है कि कंपनी इस फीचर को पूरी तरह बंद करने जा रही है।
Chrome और Incognito Mode में गायब दिखा बटन
गूगल के इस बदलाव की जानकारी Len Raleigh नाम के एक यूजर ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर दी। उन्होंने बताया कि उनके क्रोम ब्राउजर (Chrome Browser) और इन्कोग्निटो मोड (Incognito Mode) में गूगल सर्च बार से एआई मोड का शॉर्टकट गायब हो गया है। हालांकि, उन्होंने यह भी साफ किया कि दूसरे कंप्यूटर और अलग-अलग सेशन में यह बटन अभी भी दिखाई दे रहा था।
इससे यह समझा जा सकता है कि गूगल कुछ लिमिटेड यूजर्स पर इस बदलाव की टेस्टिंग कर रहा है। Search Engine Roundtable की रिपोर्ट में भी इस प्रयोग का जिक्र किया गया है। हालांकि, इस बदलाव की स्वतंत्र रूप से दोबारा पुष्टि नहीं हो सकी है। गूगल ने भी अभी तक इस टेस्ट को लेकर कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया है।
क्यों हटाया जा रहा है AI Mode का बटन?
दरअसल, गूगल समय-समय पर अपने सर्च इंटरफेस में बदलाव कर अलग-अलग फीचर्स की उपयोगिता और यूजर एक्सपीरियंस को समझने की कोशिश करता है। AI Mode के बटन को हटाकर कंपनी यह जानना चाह रही है कि इसके बिना यूजर्स सर्च का इस्तेमाल किस तरह करते हैं और एआई आधारित सर्च फीचर की लोकप्रियता पर इसका क्या असर पड़ता है। हालांकि, अभी इसे केवल एक सीमित प्रयोग माना जा रहा है। ऐसा कोई संकेत नहीं है कि गूगल सभी यूजर्स के लिए AI Mode का शॉर्टकट हटाने की तैयारी कर रहा है।
क्या है Google AI Mode और कब हुआ था लॉन्च?
गूगल ने मई 2025 में सर्च में AI Mode का डेडिकेटेड बटन शामिल किया था। इसकी मदद से यूजर्स सामान्य सर्च के बजाय AI की सहायता से विस्तृत सवाल पूछ सकते हैं। यह फीचर कई ऑनलाइन सोर्स से जानकारी जुटाकर जवाब तैयार करता है। इसकी खास बात यह है कि यूजर्स किसी जवाब से जुड़े फॉलो-अप सवाल भी पूछ सकते हैं और एक ही बातचीत में किसी विषय को विस्तार से समझ सकते हैं।
गूगल ने जून 2025 में AI Mode को भारत में भी उपलब्ध करवाया था। इसके बाद इसमें वॉयस और इमेज के जरिए सवाल पूछने की सुविधा भी जोड़ी गई। कंपनी ने आगे चलकर थर्ड-पार्टी ऐप्स और सर्विसेज के साथ इंटीग्रेशन जैसे बदलाव भी किए हैं।
