प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज यानी 15 अगस्त को दिल्ली के ऐतिहासिक लाल किले से 79वें स्वतंत्रता दिवस समारोह को संबोधित कर रहे हैं। पीएम मोदी ने अपने भाषण में तमाम तरह की घोषणाएं की। पीएम मोदी ने देश के युवाओ से कहा कि आज आईटी का युग है और डाटा ही ताकत है। उन्होंने कहा कि समय की मांग साइबर सुरक्षा से लेकर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) तक है और हमें इसके लिए तैयार रहना चाहिए।
खुद का सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म बनाएं युवा
पीएम मोदी ने कहा कि आज हम तमाम तरह से सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल कर रहे हैं लेकिन वे सभी अन्य देशों के हैं। हमें खुद के सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म को तैयार करने पर काम करना चाहिए ताकि दूसरे देशों पर हमारी निर्भरता कम हो। यूपीआई के जरिए हमने दुनिया को अपना सामर्थ्य दिखा दिया है कि हम क्या कर सकते हैं। दुनियाभर के डिजिटल ट्रांजेक्शन में अकेले भारत 50 फीसदी योगदान दे रहा है। मेरे देश के नौजवानों मैं चुनौती देता हूं कि क्यों न इसी तरह हमारे अपने पेटेंट हों, क्यों हम दूसरे देशों पर निर्भर हों।
विचारों की चिंगारी को बुझने ना दें
पीएम मोदी ने राष्ट्र के युवाओं को संबोधित करते हुए कहा कि अपने विचारों की चिंगारी को कभी बुझने मत दें। मैं आपके साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़े रहने के लिए तत्पर हूं और आपके सहयात्री के रूप में कार्य करने को तैयार हूं। जो भी युवा विनिर्माण (मैन्युफैक्चरिंग) के क्षेत्र में इनोवेशन का सपना देखते हैं और यदि उन्हें शासन की नीतियों में किसी प्रकार का संशोधन आवश्यक प्रतीत होता है, तो निःसंकोच मुझे अवगत कराएं। अब हम एक क्षण भी व्यर्थ गंवाने के इच्छुक नहीं हैं। जब सरकार और मैं स्वयं आपके सहयोगी बनकर साथ खड़े हैं, तब हम मिलकर इतिहास की नई इबारत रच सकते हैं।
साथियों वर्तमान समय में राष्ट्रीय विनिर्माण मिशन पर तीव्र गति से कार्य हो रहा है। हमारे सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यमों (एमएसएमई) की दक्षता और सामर्थ्य को विश्वभर में सम्मान प्राप्त है। हमारे इन उद्यमों से निर्मित औजार और उपकरण सीमाओं को लांघते हुए वैश्विक बाजारों में अपना स्थान बना रहे हैं। अतः इनकी शक्ति और प्रभाव को और प्रखर करना समय की मांग है।
मैं आज स्पष्ट रूप से कहना चाहता हूं कि यदि हमें अंतरराष्ट्रीय व्यापारिक मंच पर अपनी क्षमता का परचम लहराना है, तो हमें अपने उत्पादों की गुणवत्ता को अडिग बनाए रखना होगा। जो भी व्यक्ति उत्पादन के क्षेत्र में संलग्न है, उसका मार्गदर्शक सूत्र यही होना चाहिए, कम लागत, परंतु अधिक सामर्थ्य।
